जेम्स एंडरसन की विदाई पर बढ़ा विवाद, लंकाशायर कर सकता है खास फेयरवेल का आयोजनएडन मार्कराम और मार्केस एकरमैन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जड़ी शतकीय साझेदारी, 56 साल पुराना इतिहास दोहरायापति विजय देवरकोंडा के साथ रिश्ते पर भड़कीं रश्मिका मंदाना, सोशल मीडिया ट्रोलर्स को दिया करारा जवाबप्रताप का ट्रेलर रिलीज, अमित साध का खूंखार अवतार और जेल की सलाखों के पीछे की कहानीनवंबर में आ रहा परिणीति चोपड़ा का पॉपुलर शो 'मॉम टॉक्स' का सीजन 2, जुड़ेंगे कई नए सितारेवैष्णवी शर्मा की कातिलाना गेंदबाजी और बल्लेबाजों के दम पर भारत ने जिम्बाब्वे को रौंदा, 3-0 से सीरीज अपने नाम कीट्रोल्स पर फूटा विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का गुस्सा, खरी-खखरी सुनाते हुए कही यह बातभारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को रौंदकर वनडे सीरीज में किया क्लीन स्वीपरणबीर कपूर की रामायण के अलावा दिवाली पर आ रही यह फैमिली ड्रामा फिल्म, नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी दिलवाली दिवालीराधिका आप्टे बोलीं, सेट पर महिलाओं के झगड़े की धारणा गलत, पुरुष होते हैं ज्यादा असुरक्षित
मरुस्थलीय स्वाद का जादू: राजस्थानी कुमटिया की सब्जी, बनाना है बेहद आसान!खानपान
19 जून 2026, 6:22 am (132 दिन पहले)· 5

मरुस्थलीय स्वाद का जादू: राजस्थानी कुमटिया की सब्जी, बनाना है बेहद आसान!

राजस्थान के रेतीले इलाकों की एक खास सौगात, कुमटिया की सब्जी, अपने लाजवाब स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के लिए जानी जाती है। यह पारंपरिक व्यंजन कम समय और कम मेहनत में तैयार हो जाता है, जो इसे घरों में बेहद लोकप्रिय बनाता है।

आमतौर पर आपने कई तरह की फलियों से बनी सब्जियां खाई होंगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी अनोखी फली से बनी सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो राजस्थान के गर्म रेगिस्तानी क्षेत्रों से निकलकर देश-विदेश की रसोई तक पहुंच गई है। यह खास सब्जी, जिसे पारंपरिक राजस्थानी कुमटिया की सब्जी कहा जाता है, अपने शानदार स्वाद के कारण भीलवाड़ा सहित पूरे मेवाड़ और मारवाड़ के ग्रामीण इलाकों में लोगों की पसंदीदा है। सदियों से अपनी पौष्टिकता और बेमिसाल स्वाद के लिए जानी जाने वाली यह देसी सब्जी, कम समय और बिना ज्यादा तामझाम के एक शाही और लजीज राजस्थानी भोजन का हिस्सा बन जाती है।

कुमटिया की उत्पत्ति और उसके गुण

कुमटिया की फलियाँ मुख्य रूप से कुमट के पेड़ से प्राप्त होती हैं, जो राजस्थान के मरुस्थलीय (रेगिस्तानी) क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। थार रेगिस्तान की भीषण गर्मी में भी पनपने वाली यह फली कई औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। ग्रामीण परिवारों द्वारा मौसम के दौरान पेड़ों से तोड़कर इन्हें सुखा लिया जाता है, ताकि साल भर इनका उपयोग सूखी सब्जी बनाने के लिए किया जा सके। कुमटिया में एक प्राकृतिक सोंधा स्वाद होता है और यह कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इसे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पेट संबंधी समस्याओं के लिए लाभदायक माना जाता है। इन्हीं कारणों से कुमटिया की सब्जी राजस्थानी ग्रामीण खानपान का एक अहम हिस्सा बनी हुई है।

ये भी पढ़ें

ग्रामीण महिला मंजू देवी द्वारा साझा की गई विधि

भीलवाड़ा की ग्रामीण महिला मंजू देवी ने कुमटिया की इस प्रामाणिक और पारंपरिक रेसिपी को साझा किया है। उन्होंने बताया कि इसे बहुत ही आसान तरीके से कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है।

तैयारी और उबालना

इस स्वादिष्ट सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले सूखी कुमटिया फलियों को अच्छी तरह साफ किया जाता है। इसके बाद, इन्हें कुछ घंटों के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर रखा जाता है। जब फलियाँ अच्छी तरह फूल जाएँ, तो उन्हें पानी में उबालकर नरम किया जाता है।

तड़का और मसाले की तैयारी

अब एक कड़ाही में सरसों या तिल का तेल गरम करें। तेल गरम होने पर उसमें जीरा, हींग और बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालकर तड़का लगाएँ। आंच धीमी करके हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक जैसे बुनियादी मसाले डालें। थोड़ा-सा पानी छिड़ककर मसालों को तब तक भूनें जब तक कि वे तेल न छोड़ दें।

सब्जी को धीमी आंच पर पकाना

जब मसाले अच्छी तरह से भून जाएँ, तो इसमें उबली हुई नरम कुमटिया की फलियों को डालकर अच्छी तरह मिलाएँ, ताकि मसाले फलियों में अच्छी तरह मिल जाएँ। इसके बाद, कड़ाही को ढककर कुछ मिनटों के लिए धीमी आंच पर पकने दें।

खटास का अनूठा स्वाद

मंजू देवी बताती हैं कि कुछ लोग सब्जी के स्वाद को और चटपटा बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा फेंटा हुआ दही या अमचूर पाउडर भी मिलाते हैं, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है। धीमी आंच पर कुछ देर और पकने के बाद, जब सब्जी तेल छोड़ने लगे, तो गैस बंद कर दें। इसकी मनमोहक खुशबू और पारंपरिक राजस्थानी स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है।

परफेक्ट कॉम्बो: बाजरे की रोटी और छाछ

कुमटिया की यह सूखी और चटपटी सब्जी पारंपरिक रूप से सर्दियों और गर्मियों, दोनों मौसमों में बेहद पसंद की जाती है। ग्रामीण इलाकों में इसे गरमा-गरम बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी या मक्के के सोगरे के साथ परोसा जाता है। इसके साथ यदि लहसुन की चटनी और पुदीने वाली ठंडी छाछ मिल जाए, तो राजस्थानी भोजन का असली आनंद कई गुना बढ़ जाता है। पहले के समय में यह सब्जी लगभग हर घर में नियमित रूप से बनाई जाती थी, और आज भी इसके चाहने वालों की संख्या कम नहीं हुई है।

सवाल-जवाब

कुमटिया की सब्जी क्या है?
कुमटिया की सब्जी राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाए जाने वाले कुमट के पेड़ की फलियों से बनी एक पारंपरिक और पौष्टिक राजस्थानी व्यंजन है।
कुमटिया की फलियाँ कहाँ से आती हैं?
कुमटिया की फलियाँ मुख्य रूप से राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में उगने वाले कुमट के पेड़ से प्राप्त होती हैं, खासकर थार रेगिस्तान में।
कुमटिया की सब्जी बनाने में कितना समय लगता है?
यह सब्जी कम समय और कम मेहनत में तैयार की जा सकती है, जैसा कि ग्रामीण महिला मंजू देवी ने बताया है कि इसे कुछ ही मिनटों में बनाया जा सकता है।
क्या कुमटिया की सब्जी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है?
हाँ, कुमटिया की फलियाँ औषधीय गुणों और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पेट के लिए लाभदायक मानी जाती हैं।
कुमटिया की सब्जी को किस चीज़ के साथ परोसा जाता है?
इसे पारंपरिक रूप से गरमा-गरम बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी या मक्के के सोगरे के साथ, और साथ में लहसुन की चटनी तथा ठंडी पुदीने वाली छाछ के साथ परोसा जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp