हैदराबाद शहर अपनी ऐतिहासिक इमारतों और शानदार खानपान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इसी शहर का एक खास कोना पिछले सात दशकों से भी अधिक समय से लोगों के जीवन में मिठास घोल रहा है। मोअज्जम जाही मार्केट के ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर के ठीक सामने स्थित फेमस आइसक्रीम शहर के सबसे पुराने और पसंदीदा ठिकानों में से एक है। वर्ष 1951 में शुरू हुई यह दुकान आज केवल एक कमर्शियल आउटलेट नहीं रही, बल्कि हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान का एक अटूट हिस्सा बन चुकी है।
असली स्वाद और 100 प्रतिशत शुद्धता का राज
बाजार में मिलने वाली आधुनिक आइसक्रीम में अक्सर आर्टिफिशियल रंगों और सिंथेटिक फ्लेवर्स की मिलावट देखने को मिलती है। इसके विपरीत, फेमस आइसक्रीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी 100 प्रतिशत शुद्धता और हाथों से तैयार किया जाने वाला पारंपरिक तरीका है। यहां मौसम के हिसाब से ताजे फलों का इस्तेमाल करके आइसक्रीम बनाई जाती है। यही वजह है कि गर्मियों में आम, सीताफल और जामुन जैसे फ्लेवर्स की मांग सबसे ज्यादा रहती है और लोग इन्हें खाने दूर-दूर से आते हैं।
तीन पीढ़ियों से कायम है पुराना तरीका
इस ऐतिहासिक दुकान की देखरेख फिलहाल तीसरी पीढ़ी के संचालक माजार कर रहे हैं। माजार बताते हैं कि समय के साथ कई चीजें बदली हैं, लेकिन उन्होंने आइसक्रीम बनाने के पारंपरिक तरीके और उसके असली स्वाद के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया। हालांकि, नई पीढ़ी के ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए यहां अब स्पेशल संडे और नए फ्लेवर कॉम्बिनेशन भी मेनू में शामिल किए गए हैं, ताकि युवाओं की पसंद का भी पूरा ख्याल रखा जा सके।
पुरानी यादें और खुले आसमान के नीचे सुकून
आइसक्रीम के स्वाद के अलावा यहां का माहौल भी लोगों को बेहद लुभाता है। खुले आसमान के नीचे रखी सफेद नक्काशीदार लोहे की कुर्सियां और मेजें इस जगह को एक विंटेज लुक देती हैं। मोअज्जम जाही मार्केट की हलचल और पास बने क्लॉक टॉवर की घंटियों के बीच बैठकर ठंडी आइसक्रीम का लुत्फ उठाना अपने आप में एक अनोखा अहसास है। यहां ऐसे कई परिवार आते हैं जो अपने बचपन में माता-पिता के साथ आते थे और आज अपने बच्चों को इस ऐतिहासिक मिठास का अनुभव कराने लाते हैं।



















