पिज्जा, बर्गर, सैंडविच और पास्ता जैसे लोकप्रिय व्यंजनों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण आज चीज़ हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है। हालांकि, बाजार में मिलने वाला और रेस्टोरेंट में परोसा जाने वाला हर चीज़ असली डेयरी उत्पाद नहीं होता। इनमें से एक बड़ी मात्रा चीज़ एनालॉग की होती है, जिसे दिखने, पिघलने और स्वाद में असली चीज़ की नकल करने के लिए तैयार किया जाता है। भले ही थाली में परोसे जाने के बाद असली चीज़ और चीज़ एनालॉग में अंतर पहचानना मुश्किल लगे, लेकिन इनके निर्माण, सामग्री और न्यूट्रिशनल वैल्यू में जमीन-आसमान का फर्क होता है।
असली चीज़ की निर्माण प्रक्रिया और पोषण गुण
असली चीज़ एक पारंपरिक डेयरी उत्पाद है, जिसे मुख्य रूप से शुद्ध दूध से बनाया जाता है। इसे तैयार करने के लिए दूध में खास तरह के बैक्टीरिया कल्चर और एंजाइम मिलाए जाते हैं, जिससे दूध जम जाता है और दही व पानी अलग हो जाते हैं। इसके बाद जमाए गए ठोस हिस्से को सुखाकर, नमक मिलाकर और एक निश्चित समय तक पकाकर यानी एजिंग करके अलग-अलग प्रकार की चीज़ तैयार की जाती है। क्योंकि यह पूरी तरह दूध से बनता है, इसलिए इसमें प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस और आवश्यक विटामिन मौजूद होते हैं। पकाने और सुखाने की इसी पारंपरिक प्रक्रिया के कारण असली चीज़ का स्वाद बेहद प्राकृतिक और गहरा होता है।
चीज़ एनालॉग क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है?
चीज़ एनालॉग या सिंथेटिक चीज़ एक ऐसा खाद्य उत्पाद है, जिसे असली चीज़ की बनावट, खिंचाव और पिघलने के गुणों की नकल करने के लिए तैयार किया जाता है। इसे बनाने में पूरी तरह दूध का इस्तेमाल करने के बजाय वनस्पति वसा, जैसे पाम ऑयल या हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल ऑयल का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इसमें इमल्सीफायर, स्टार्च, कृत्रिम रंग और फ्लेवर मिलाए जाते हैं। कुछ ब्रांड्स में दूध के प्रोटीन का थोड़ा हिस्सा इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कई उत्पादों में दूध को पूरी तरह हटाकर केवल वनस्पति तेलों का इस्तेमाल होता है। इस प्रक्रिया से निर्माता चीज़ के पिघलने के तापमान और शेल्फ लाइफ को अपनी जरूरत के अनुसार बदल सकते हैं।
असली चीज़ और चीज़ एनालॉग के बीच मुख्य अंतर
इन दोनों की तुलना करने पर सामग्री, पोषण, स्वाद और कीमत के मोर्चे पर कई बड़े अंतर सामने आते हैं
- मूल सामग्री: असली चीज़ पूरी तरह से दूध और प्राकृतिक डेयरी कल्चर से तैयार होती है, जबकि चीज़ एनालॉग को रिफाइंड वनस्पति तेलों और केमिकल इमल्सीफायर से बनाया जाता है।
- पोषण मूल्य: प्राकृतिक चीज़ में दूध का प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इसके विपरीत, चीज़ एनालॉग में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा काफी कम होती है और इसमें प्रोसेस्ड वेजिटेबल फैट की मात्रा अधिक होती है।
- स्वाद और बनावट: असली चीज़ का स्वाद फर्मेंटेशन और एजिंग की प्राकृतिक प्रक्रिया से आता है, जो काफी समृद्ध होता है। वहीं एनालॉग चीज़ में कृत्रिम फ्लेवर मिलाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद एक जैसा तो रहता है लेकिन उसमें गहराई नहीं होती।
- लागत और कीमत: वनस्पति तेल दूध की तुलना में बहुत सस्ते होते हैं। यही कारण है कि चीज़ एनालॉग को बनाना काफी सस्ता पड़ता है और बाजार में भी यह कम कीमत पर उपलब्ध होता है।
सेहत का ध्यान और पैकेजिंग जांचने के जरूरी टिप्स
यदि आप प्राकृतिक डेयरी उत्पादों और बेहतर पोषण वाले विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं, तो असली चीज़ एक सही चुनाव है। हालांकि, असली चीज़ में भी फैट और सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। दूसरी ओर, फूड इंडस्ट्री और फास्ट-फूड आउटलेट्स लागत कम करने और बेकिंग के दौरान चीज़ के बेहतर तरीके से पिघलने के गुण के कारण चीज़ एनालॉग का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। जब भी आप बाजार से पैकेज्ड चीज़ खरीदें, तो पैकेट के पीछे सामग्री की सूची जरूर जांचें। यदि सामग्री में मिल्क सॉलिड या मिल्क फैट लिखा है तो वह असली चीज़ है, जबकि वेजिटेबल ऑयल, पाम फैट या वेजिटेबल फैट लिखे होने का मतलब है कि वह चीज़ एनालॉग है।



















