बाजार में मिलने वाला टोमैटो केचअप बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के खाने की थाली का पसंदीदा हिस्सा बन चुका है। समोसा, पकौड़े या सैंडविच, हर नाश्ते के साथ लोग केचअप का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ महीनों में नकली और मिलावटी केचअप के कई मामलों का खुलासा हुआ है, जिसने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति में अपनी सेहत की सुरक्षा के लिए घर पर ही टमाटर की चटनी तैयार करना सबसे बेहतरीन और भरोसेमंद उपाय साबित होता है।
घर की बनी चटनी का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इसमें पड़ने वाली हर सामग्री की गुणवत्ता आपके नियंत्रण में रहती है। नमक, मिठास और मसालों के अनुपात को आप अपने स्वाद और पसंद के मुताबिक तय कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको बाजार के व्यावसायिक रसायनों से भी पूरी तरह मुक्ति मिल जाती है। हालांकि घर में तैयार की गई चटनी को हफ्तों तक सुरक्षित और ताजा रखने के लिए पकाने की सही तकनीक और बेहतर स्टोरेज के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
चटनी तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री
शुद्ध और जायकेदार टमाटर की चटनी बनाने के लिए ताजे टमाटरों के साथ रसोई में मौजूद बुनियादी मसालों की आवश्यकता होती है। इसके लिए एक छोटा चम्मच नमक या स्वादानुसार नमक, एक छोटा चम्मच बारीक कद्दूकस किया हुआ अदरक, आधा छोटा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च का पाउडर और आधा छोटा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर तैयार रखें। इसके अलावा चटनी के स्वाद को संतुलित करने के लिए चीनी, बारीक कटा लहसुन, लाल मिर्च और प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव के रूप में सिरके की जरूरत पड़ती है।
बनाने का आसान और चरणबद्ध तरीका
चटनी बनाने की शुरुआत हमेशा अच्छी तरह धुले हुए टमाटरों से करनी चाहिए। टमाटरों को साफ पानी से धोने के बाद उनके छोटे टुकड़े काट लें। इसके बाद एक गहरे पैन में कटे हुए टमाटर डालकर मध्यम आंच पर पकने के लिए रख दें। जैसे ही आंच की गर्मी बढ़ेगी, टमाटर अपना प्राकृतिक रस छोड़ने लगेंगे और धीरे-धीरे गलना शुरू हो जाएंगे। पकाने के दौरान एक चम्मच की मदद से टमाटरों को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वे पैन के तले पर चिपकें नहीं और जलने की दुर्गंध न आए।
जब टमाटर पूरी तरह गलकर बिल्कुल मुलायम हो जाएं, तब गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद पके हुए टमाटरों को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। यदि आप बिल्कुल बाजार जैसी चिकनी और रेशमी बनावट चाहते हैं, तो इस पिसे हुए पल्प को एक महीन छलनी से छान लें। छानने की प्रक्रिया से टमाटर के सारे छिलके और बीज आसानी से अलग हो जाएंगे और आपको एक समान प्यूरी मिल जाएगी।
अब इस छनी हुई प्यूरी को दोबारा पैन में डालकर गैस पर चढ़ाएं। इसमें आवश्यकतानुसार चीनी, नमक, कद्दूकस किया हुआ अदरक, लहसुन, लाल मिर्च और पिसी काली मिर्च मिला दें। इस पूरे मिश्रण को धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं। जब चटनी का गाढ़ापन बढ़ने लगे, तब इसमें सिरका और भुना हुआ जीरा पाउडर डालें और अच्छी तरह मिक्स कर दें।
सिरका डालने के बाद चटनी को कुछ मिनट और पकाएं जब तक कि वह अपनी मनपसंद गाढ़ी बनावट तक न पहुंच जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और चटनी को कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। जब चटनी ठंडी हो जाए, तो इसे साफ, सूखे और नमी रहित एयरटाइट कांच या प्लास्टिक के जार में भरकर सीधे फ्रिज में रख दें।
लंबे समय तक ताजगी और सुरक्षा बनाए रखने के नियम
घर पर बनी टमाटर की चटनी में व्यावसायिक उत्पादों की तरह कृत्रिम केमिकल या प्रिजर्वेटिव फॉर्मूले नहीं होते हैं। इसलिए इसकी शेल्फ लाइफ मुख्य रूप से टमाटर के प्राकृतिक खट्टेपन, सिरके की सही मात्रा, पकाने की पूरी प्रक्रिया और भंडारण के माहौल पर निर्भर करती है। अक्सर लोग सोचते हैं कि अधिक चीनी या ढेर सारा सिरका मिला देने से चटनी महीनों तक खराब नहीं होगी, लेकिन केवल सामग्री बढ़ा देने से सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं मिलती।
चटनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे हमेशा फ्रिज के ठंडे तापमान में ही रखें। जब भी जार से चटनी निकालनी हो, तो केवल सूखे और पूरी तरह साफ चम्मच का ही प्रयोग करें, क्योंकि पानी की एक भी बूंद पूरी चटनी को खराब कर सकती है। यदि आप इसे कई हफ्तों तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर फ्रीज में रखना एक बहुत कारगर विकल्प है। इसके अलावा समय-समय पर चटनी की जांच करते रहें। यदि चटनी की सतह पर किसी प्रकार की फफूंदी नजर आए, अजीब दुर्गंध आने लगे या उसका रंग बदल जाए, तो उसे चखने की गलती बिल्कुल न करें और तुरंत फेंक दें।



















