अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक भव्य खाद्य मेले की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का संबंध उस घटनाक्रम से भी जुड़ गया है जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं मिल सकी। उनका यह प्रस्तावित दौरा वास्तव में इसी अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी से जुड़ा हुआ था, जिसमें पंजाब सरकार की प्रमुख सहकारी संस्था मार्कफेड अपना विशेष स्टॉल लगाने की तैयारी कर रही है। पंजाब का मुख्य लक्ष्य अपने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना और दुनिया भर के निर्यातकों के साथ नए कारोबारी संबंध स्थापित करना है। इस पूरे वैश्विक आयोजन में सबसे अहम पहलू यह है कि भारत इस बार पार्टनर देश के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है।
व्यापारिक दृष्टिकोण से क्यों खास है यह अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेला
सियाल पेरिस दुनिया भर की प्रमुख खाद्य उद्योग प्रदर्शनियों में शुमार है, जहां दुनिया भर के प्रमुख कारोबारी एकत्र होते हैं। वर्ष 2026 के लिए इस विशाल प्रदर्शनी का आयोजन 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस नॉर्ड विलेपिंट में निर्धारित किया गया है। यह आम जनता के लिए लगने वाले किसी साधारण स्ट्रीट फूड फेस्टिवल या खानपान मेले से बिल्कुल भिन्न है। इसका मूल स्वरूप एक शुद्ध बी2बी व्यापारिक मंच का है, जहां दुनिया भर की खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां, बड़े निर्यातक, नवोन्मेषी स्टार्टअप और वैश्विक थोक खरीदार एक छत के नीचे जमा होते हैं। यहां केवल पके हुए व्यंजन ही प्रदर्शित नहीं होते, बल्कि असंसाधित कच्चे खाद्य पदार्थ, डिब्बाबंद सामग्री, जैविक उत्पाद, पेय पदार्थ और आधुनिक खाद्य तकनीक को भी दुनिया के सामने रखा जाता है। अलग-अलग देशों के खाद्य उद्यमियों के लिए यह दूसरे मुल्कों में अपनी पैठ बनाने और दीर्घकालिक व्यावसायिक समझौते करने का बड़ा जरिया बनता है।
भारतीय पवेलियन की रूपरेखा और प्रमुख जिम्मेदारियां
इस आयोजन की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज विवरण के अनुसार, वर्ष 2026 के संस्करण में भारत को आधिकारिक पार्टनर देश का दर्जा प्राप्त हुआ है। भारतीय मंडप को व्यवस्थित रूप से तैयार करने का दायित्व इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन यानी आईटीपीओ और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा संभाल रहे हैं। इन प्रमुख संस्थाओं के नेतृत्व में भारतीय खाद्य उद्योग के विभिन्न अंगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक साथ पेश किया जा रहा है। इसमें पारंपरिक भारतीय खाद्य सामग्रियों से लेकर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों और नए जमाने के एग्री-टेक स्टार्टअप्स को बराबर की जगह दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी थोक खरीदारों को भारत की विविध कृषि क्षमताओं से रूबरू कराना है।
विभिन्न हॉल में बंटी भारतीय खाद्य उत्पादों की श्रेणियां
आयोजकों ने भारतीय पवेलियन के अंतर्गत आने वाले उत्पादों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर विशेष हॉल निर्धारित किए हैं। इस सुनियोजित व्यवस्था से विदेशी खरीदारों को अपनी पसंद के उत्पाद तलाशने में आसानी होगी।
- हॉल 3 में नमकीन और स्नैक्स: भारतीय नमकीन, भुजिया और अन्य स्वादिष्ट डिब्बाबंद खाद्य सामग्री को प्रदर्शित करने के लिए हॉल 3 तय किया गया है, जो पैकेज्ड स्नैक्स के अंतरराष्ट्रीय बाजार को आकर्षित करेगा।
- हॉल 5A में नए फूड स्टार्टअप: खाद्य उद्योग से जुड़े नए कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए हॉल 5A आरक्षित है, जहां नए विचारों और आधुनिक खाद्य नवाचारों को पेश किया जाएगा।
- हॉल 7 में जैविक और ऑर्गेनिक उत्पाद: रासायनिक कीटनाशकों से मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल जैविक खेती से तैयार खाद्य उत्पादों को हॉल 7 में रखा जाएगा, जिससे भारतीय जैविक उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदार मिल सकें।
- हॉल 8 में अनाज, फल और ताजी सब्जियां: पारंपरिक अनाजों के साथ-साथ ताजे फलों और सब्जियों से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए हॉल 8 को निर्धारित किया गया है।
- बिस्ट्रो बाय इंडिया: व्यापारिक बातचीत के साथ-साथ आगंतुकों को भारतीय खानपान के प्रामाणिक स्वाद और विविधता से रूबरू कराने के लिए बिस्ट्रो बाय इंडिया को भी इस आयोजन का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।
विदेशी खरीदारों के सामने क्या पेश करेगा भारत
भारत के पवेलियन को किसी एक राज्य, क्षेत्र या एकल व्यंजन तक सीमित रखने के बजाय पूरे देश की कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। यहां अनाज से जुड़े उत्पादों के साथ-साथ ज्वार, बाजरा और रागी जैसे पौष्टिक मोटे अनाजों यानी मिलेट्स से बने खाद्य उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने की संभावना है। हालांकि, किसी भी विशिष्ट उत्पाद की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि समय के साथ ही स्पष्ट होगी।
इसके अलावा भारतीय नमकीन और चटपटे स्नैक्स के साथ-साथ प्रमाणित जैविक खाद्य उत्पादों और ताजी बागवानी उपजों को भी वैश्विक बाजार के सामने रखा जाएगा। आधिकारिक जानकारी में विभिन्न श्रेणियों का ब्योरा तो स्पष्ट है, परंतु इससे हर विशिष्ट भारतीय व्यंजन की व्यक्तिगत उपलब्धता साबित नहीं होती। इसलिए बिना आधिकारिक सूची के समोसा, छोले-भटूरे या बिरयानी जैसी खास डिशों के परोसे जाने का दावा करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।
मार्कफेड के स्टॉल से पंजाब को क्या मिलेगा अवसर
पंजाब की सरकारी सहकारी संस्था मार्कफेड इस वैश्विक मेले में अपना स्टॉल लगाने जा रही है। पंजाब पारंपरिक रूप से अपनी उपजाऊ भूमि, समृद्ध कृषि उपजों और उन्नत प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए पूरे देश में विख्यात है। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यापारिक प्रदर्शनी राज्य के कृषकों, सहकारी समितियों और स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सीधे विदेशी आयातकों से संवाद स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान कर सकती है। हालांकि मार्कफेड के स्टॉल पर कौन-कौन से विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित होंगे, इसकी अंतिम और विस्तृत सूची अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए वहां किसी खास पंजाबी व्यंजन के मिलने का दावा करना समय पूर्व होगा, लेकिन इतना तय है कि इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से पंजाब के कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और बाजार का विस्तार करने का मजबूत अवसर अवश्य मिलेगा।



















