नवरात्रि के पावन दिनों में देवी दुर्गा की पूजा और उपवास की परंपरा घरों में श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। चारों तरफ सजे माता के पंडालों और गरबा उत्सवों के बीच व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार के रूप में सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। उपवास के दौरान अक्सर सादा खाना खाते हुए कुछ अलग और चटपटा आजमाने का मन करता है। ऐसे में कुरकुरा साबूदाना वड़ा एक बेहतरीन विकल्प है, जो बाहर से खस्ता और अंदर से बेहद नरम बनता है। इसे बहुत ही कम समय में तैयार किया जा सकता है और इसके साथ परोसी जाने वाली खास फलाहारी चटनी इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।
आवश्यक सामग्री और सटीक अनुपात
साबूदाना वड़े को एकदम खस्ता बनाने के लिए सामग्रियों का सही माप होना जरूरी है। इस व्यंजन के लिए साबूदाना, उबले हुए आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, सिंघाड़े का आटा, सौंफ और सेंधा नमक की जरूरत होती है। सही बनावट के लिए आधा किलो साबूदाना के साथ आधा किलो ही उबले हुए आलू का इस्तेमाल करना चाहिए। दोनों चीजों की यह बराबर मात्रा मिश्रण को सही गाढ़ापन देती है। वड़े को ज्यादा कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए मिश्रण में टमाटर और अतिरिक्त हरी मिर्च भी मिलाई जा सकती है। सिंघाड़े का आटा तलते समय टिक्कियों को फटने से रोकता है और बढ़िया बाइंडिंग देता है।
वड़ा तैयार करने की आसान विधि
वड़ा बनाने की प्रक्रिया आलू उबालने और साबूदाना तैयार करने से शुरू होती है। सबसे पहले आलू को उबालकर अलग रख लें। साबूदाने को कुछ समय के लिए पानी में भिगो दिया जाता है जिससे वह फूलकर बिल्कुल नरम हो जाए। यदि समय की कमी हो और तुरंत वड़े बनाने हों, तो साबूदाने को हल्की आंच पर पानी में उबाला भी जा सकता है। जब आलू और साबूदाना तैयार हो जाएं, तब उबले आलू को मैश करके उसमें साबूदाना मिला दें।
इसके बाद मिश्रण में स्वादानुसार सेंधा नमक, कटी हुई हरी मिर्च, बारीक हरा धनिया, सौंफ, सिंघाड़े का आटा और चाहें तो कटे टमाटर डालें। इन सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाकर एकसार कर लें। अब इस मिश्रण से छोटी-छोटी गोल और चपटी टिक्कियां तैयार कर लें। एक कढ़ाई में तेल को अच्छी तरह गर्म करें और खौलते तेल में इन टिक्कियों को डालें। मध्यम से तेज आंच पर लगभग 5 मिनट तक तलने के बाद ये वड़े सुनहरे और कुरकुरे होकर पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।
साथ में परोसने के लिए दो खास फलाहारी चटनी
गरमा-गरम साबूदाना वड़े को ताजे दही के साथ खाया जा सकता है, लेकिन इसके साथ परोसी जाने वाली चटनी इसका मजा दोगुना कर देती है। पहली चटनी के लिए छोटे चेरी टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। मिक्सी के जार में चेरी टमाटर, अदरक, सेंधा नमक, हरी मिर्च और चाहें तो थोड़ा आंवला डालकर बारीक पीस लें। चेरी टमाटर और आंवले का यह मेल चटनी को एक तीखा और ताजा स्वाद देता है।
दूसरी ओर, खट्टा-मीठा स्वाद चाहने वालों के लिए इमली और गुड़ की चटनी बेहतरीन मानी जाती है। इसे तैयार करने के लिए कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करके उसमें जीरा चटकाएं। इसके बाद इमली का पल्प या छिलके, गुड़ और स्वादानुसार सेंधा नमक डालें। इस मिश्रण को धीमी आंच पर करीब आधा घंटा यानी 30 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। पकने के बाद गाढ़ी खट्टी-मीठी चटनी तैयार हो जाती है, जो इन खस्ता वड़ों के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है।





















