पनीर बनाने के बाद बचा पीला पानी फेंकें नहीं: प्रोटीन-कैल्शियम का खजाना है ये 'व्हे', जानें रसोई में काम लेने के 6 तरीकेखानपान
3 घंटे पहले· 0

पनीर बनाने के बाद बचा पीला पानी फेंकें नहीं: प्रोटीन-कैल्शियम का खजाना है ये 'व्हे', जानें रसोई में काम लेने के 6 तरीके

घर पर पनीर बनाते वक्त दूध फटने के बाद बचा पीला पानी असल में पोषक तत्वों से भरा होता है। इसे फेंकने के बजाय आटा गूंथने से लेकर स्मूदी और इडली-डोसा बैटर तक कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।

घर का बना पनीर सेहत के लिहाज़ से प्रोटीन का बढ़िया ज़रिया है और इसे बनाना भी मुश्किल नहीं। मगर ज़्यादातर रसोई में एक चीज़ अनजाने में बर्बाद हो जाती है — दूध फटने के बाद पनीर को छानने पर जो हल्के पीले रंग का पानी नीचे जमा रहता है, उसे लोग बेकार समझकर सिंक में बहा देते हैं। हकीकत में यही पानी, जिसे व्हे या पनीर का पानी कहते हैं, फेंकने लायक नहीं बल्कि संभालकर रखने लायक चीज़ है।

आखिर इस पीले पानी में है क्या

दूध जब फटता है तो उसके कई अहम पोषक तत्व ठोस पनीर में नहीं, बल्कि इसी छने हुए पानी में उतर आते हैं। यही वजह है कि पनीर का पानी प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन और कई ज़रूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। इतने पोषण को नाली में बहा देना सीधे-सीधे फायदे की चीज़ को गंवाना है। नीचे ऐसे छह तरीके हैं जिनसे आप इसे रोज़ की रसोई में दोबारा काम में ला सकते हैं।

1. आटा गूंथने में इस्तेमाल करें

सबसे आसान काम यही है। रोटी, पराठा या ब्रेड का आटा गूंथते समय सादे पानी की जगह पनीर का पानी डालिए। इससे आटा ज़्यादा मुलायम होता है, खाने में अतिरिक्त पोषण जुड़ता है और इस आटे से बनी रोटियां लंबे समय तक नरम बनी रहती हैं।

2. सूप, दाल और सब्ज़ी की ग्रेवी में मिलाएं

दाल, सूप या सब्ज़ी की तरी बनाते वक्त नॉर्मल पानी की जगह इसका इस्तेमाल करें। इससे न सिर्फ़ खाने का स्वाद बेहतर होता है बल्कि उसमें पोषक तत्व भी बढ़ जाते हैं। टमाटर वाली ग्रेवी में तो यह और भी कमाल करता है — हल्की मिठास और बढ़िया रंग ले आता है।

3. स्मूदी और प्रोटीन ड्रिंक बनाएं

अगर आपको स्मूदी या प्रोटीन ड्रिंक पसंद है तो पनीर के पानी को केले, आम, खजूर या किसी और फल के साथ मिलाकर एक पौष्टिक ड्रिंक तैयार कर सकते हैं। वर्कआउट के बाद पीने के लिए यह बढ़िया विकल्प साबित होता है।

4. चावल, ओट्स, क्विनोआ और पास्ता पकाने में

चावल, ओट्स, क्विनोआ या पास्ता उबालते समय भी पानी की जगह इसे डाला जा सकता है। इससे पकवान का स्वाद बढ़ता है, अतिरिक्त पोषण मिलता है और खासकर चावल ज़्यादा नरम और स्वादिष्ट बनकर तैयार होते हैं।

5. दाल, अनाज और बीन्स भिगोने में

दाल, अनाज या बीन्स को भिगोने के लिए भी यह पानी उपयोगी है। इसकी हल्की अम्लीय प्रकृति पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है और पकाने का समय भी घटा देती है।

6. इडली-डोसा बैटर और अचार के फर्मेंटेशन में

इसी हल्के खट्टेपन का फायदा फर्मेंटेशन में भी मिलता है। इडली या डोसा का बैटर तैयार करने और घर के बने अचार को सड़ाने-गलाने (फर्मेंट करने) में पनीर के पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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