राजधानी पटना के स्वाद प्रेमियों को अब बनारस की प्रसिद्ध मसालेदार टमाटर चाट का जायका लेने के लिए वाराणसी जाने की आवश्यकता नहीं है। बेली रोड पर स्थित पुनाइचक इलाके में टेक्नोलॉजी भवन के ठीक पास लगने वाला 'काशी चाट हब' इन दिनों शहर के स्ट्रीट फूड प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में इस चाट स्टॉल पर बनारसी शैली में तैयार की जाने वाली खास कुल्हड़ टमाटर चाट की शुरुआत की गई है। इस नए प्रयोग को स्थानीय निवासियों के साथ-साथ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जिससे यहां हर रोज ग्राहकों का भारी जमावड़ा देखने को मिल रहा है।
दिन भर में बिक रहे 200 कुल्हड़ और सोशल मीडिया पर वायरल क्रेज
बेली रोड के पुनाइचक क्षेत्र में टेक्नोलॉजी भवन के ठीक बगल में यह चाट का ठेला प्रतिदिन शाम को सजता है। हालांकि इस स्टॉल पर पहले से ही कई तरह के व्यंजन बिकते रहे हैं, लेकिन बीते कुछ दिनों से बनारसी टमाटर चाट को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बनारस की गलियों की तर्ज पर शुरू की गई इस चाट को लॉन्च हुए अभी महज दो से तीन दिन ही हुए हैं, लेकिन इसकी मांग इतनी बढ़ गई है कि रोजाना 150 से 200 कुल्हड़ टमाटर चाट हाथों-हाथ बिक जाती है। इस नए जायके की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां हर समय चाट प्रेमियों की लंबी कतार लगी रहती है।
स्वाद के शौकीनों के अलावा यह स्थान अब डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स और फूड व्लॉगर्स का भी प्रमुख अड्डा बन चुका है। इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काशी चाट हब के हजारों रील्स वीडियो पोस्ट किए जा चुके हैं। व्लॉगर्स और रील्स बनाने वालों की भारी भीड़ को संभालने के लिए ठेले पर एक कर्मचारी को विशेष रूप से तैनात किया गया है जो केवल कंटेंट क्रिएटर्स की सहायता करता है। लोग ठेले को चारों तरफ से घेरकर अपने ऑर्डर का इंतजार करते नजर आते हैं, जिससे यह पटना का सबसे चर्चित और वायरल चाट स्टॉल बन गया है।
ब्रांडेड घी और बिहारी तड़के से तैयार होती है कुल्हड़ चाट
काशी चाट हब का संचालन करने वाले शेखर ने बताया कि इस टमाटर चाट को तैयार करने में शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। चाट बनाने की प्रक्रिया में केवल ब्रांडेड शुद्ध देसी घी का ही उपयोग किया जाता है। सबसे पहले पके हुए ताजे टमाटर और उबले आलू को आंच पर अच्छी तरह पकाकर एक चटपटा बेस तैयार किया जाता है। इसके बाद इस गरमा-गरम मिश्रण को मिट्टी के पारंपरिक कुल्हड़ में परोसा जाता है।
कुल्हड़ में बेस डालने के बाद ऊपर से विभिन्न प्रकार के खड़े व पिसे मसाले, क्रिस्पी नमकीन, कद्दूकस किया हुआ पनीर, हल्की मिठास के लिए चाशनी, ताजा हरा धनिया और तीखी हरी चटनी मिलाई जाती है। शेखर के अनुसार, भले ही इस व्यंजन की प्रेरणा वाराणसी से ली गई है, लेकिन इसमें स्थानीय लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए बिहारी स्वाद का तड़का भी लगाया गया है। इस खास फ्यूजन को ग्राहकों का बेहद सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है और लोग पहली ही बाइट में इसके चटपटे स्वाद की प्रशंसा कर रहे हैं।
अन्य लजीज व्यंजन और पॉकेट फ्रेंडली रेट लिस्ट
टमाटर चाट के अलावा काशी चाट हब पर देसी घी से बनी आलू टिक्की चाट भी काफी लोकप्रिय है। चाट की प्रस्तुति और स्वाद को बेहतर बनाने के लिए यहां घर का बना गाढ़ा दही और खास गुड़-धनिया की चटनी का इस्तेमाल किया जाता है। परोसने से ठीक पहले ऊपर से डाले गए अनार के लाल दाने न केवल चाट के रंग-रूप को निखारते हैं, बल्कि इसके स्वाद को भी दोगुना कर देते हैं।
कीमतों की बात करें तो काशी चाट हब ने अपने व्यंजनों के दाम आम लोगों के बजट के अनुकूल रखे हैं। मेनू में उपलब्ध अधिकांश पारंपरिक चाट की कीमत बेहद किफायती है
- मिक्स चाट, समोसा चाट, टिक्की चाट और पापड़ी चाट: मात्र 50 रुपये प्रति प्लेट।
- दही टिक्की चाट, दही पापड़ी चाट और दही समोसा चाट: मात्र 50 रुपये प्रति प्लेट।
- स्पेशल जायका मिक्स चाट: 60 रुपये प्रति प्लेट।
- बनारसी टमाटर चाट: 60 रुपये प्रति कुल्हड़ (शुरुआती कीमत)।
- विशेष शुद्ध देसी घी चाट: 80 रुपये प्रति प्लेट।
सरकारी दफ्तरों का केंद्र और बिहार भर से आते ग्राहक
काशी चाट हब की भौगोलिक स्थिति इसकी सफलता में बेहद अहम भूमिका निभाती है। यह ठेला पटना के प्रमुख प्रशासनिक और सरकारी कार्यालय क्षेत्र में स्थित है। इसके आसपास न्यू सचिवालय, सूचना भवन, टेक्नोलॉजी भवन और विश्वेश्वरैया भवन जैसे कई बड़े सरकारी विभागों के मुख्यालय हैं। इन विभागों में अपने प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में पटना के अलावा बिहार के सभी 38 जिलों से रोजाना हजारों लोग पहुंचते हैं।
वर्ष 2022 में शुरू हुए इस चाट स्टॉल के संचालक शेखर का कहना है कि बीते दो वर्षों के दौरान बिहार के लगभग हर जिले से आए लोग उनकी दुकान की चाट का स्वाद ले चुके हैं। दफ्तरों का कामकाज खत्म होने के बाद सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और दूर-दराज से आए आम नागरिक शाम के समय यहां चटपटी चाट का आनंद लेने के लिए रुकते हैं। इस वजह से यह स्थान न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे प्रदेश से आने वाले आगंतुकों के लिए एक लोकप्रिय खान-पान का केंद्र बन गया है।



















