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पीतल नगरी में 20 रुपये की प्लेट में बिक रहा 200 साल पुराना स्वाद, मुरादाबाद और बरेली तक फैली दही-भल्लों की महकखानपान
19 सित॰ 2026, 8:06 pm (31 मिनट पहले)· 0

पीतल नगरी में 20 रुपये की प्लेट में बिक रहा 200 साल पुराना स्वाद, मुरादाबाद और बरेली तक फैली दही-भल्लों की महक

मुरादाबाद में मूंग दाल, गुड़ और खजूर की सोंठ से तैयार पारंपरिक दही-भल्ले लोगों को खूब लुभा रहे हैं, जिनकी शुरुआत 20 रुपये से होती है।

उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर अपने चमचमाते पीतल के बर्तनों और हस्तशिल्प के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां का पीतल उद्योग विदेशों तक फैला हुआ है, लेकिन अब इस औद्योगिक पहचान के बीच शहर का खान-पान भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। इन दिनों शहर में पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने वाले खास दही-भल्ले खाने वालों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। किफायती दाम और बेहतरीन स्वाद के कारण हर रोज इन ठेलों पर खाने-पीने के शौकीनों का हुजूम देखने को मिलता है।

मूंग की दाल और शुद्ध सामग्री से तैयार होता है भल्ला

दुकानदार अजय कुमार अपनी इस खास रेसिपी को पूरी तरह शुद्ध और प्राकृतिक बताते हैं। वे भल्ले तैयार करने के लिए मूंग की दाल का उपयोग करते हैं। पहले दाल को बारीक पीसकर उसका घोल तैयार किया जाता है और फिर उससे भल्ले तले जाते हैं। उनका कहना है कि यह व्यंजन लगभग 200 साल पुरानी पारंपरिक खान-पान शैली का हिस्सा है, जिसे आज भी उसी पुराने तरीके से तैयार किया जाता है ताकि इसका मूल स्वाद और पौष्टिकता बरकरार रहे।

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फास्ट फूड के दौर में सेहतमंद विकल्प

आजकल खान-पान में चाऊमीन, बर्गर और पिज्जा जैसे फास्ट फूड का चलन काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बच्चों और युवाओं की सेहत पर देखने को मिलता है। अजय कुमार के अनुसार, उनके तैयार किए गए दही-भल्ले इस तरह के जंक फूड का एक पौष्टिक और सुरक्षित विकल्प पेश करते हैं। वे इसमें शुद्ध गाढ़े दही, घर में तैयार पिसे हुए मसालों और खास किस्म की सोंठ का इस्तेमाल करते हैं। यह सोंठ बाजार के रसायनों के बजाय पूरी तरह गुड़ और खजूर से पकाई जाती है, जिससे इसका खट्टा-मीठा स्वाद सामान्य भल्लों से बिल्कुल अलग बन जाता है।

पांच गाड़ियों का नेटवर्क और किफायती दाम

इस स्वाद के दीवाने सिर्फ मुरादाबाद तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आसपास के रामपुर शहर से भी लोग इसका लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने इस काम की शुरुआत बेहद छोटे पैमाने पर की थी। धीरे-धीरे लोगों की पसंद बढ़ी तो काम का दायरा भी बढ़ता चला गया। आज उनके पास कुल पांच गाड़ियां संचालित हो रही हैं। इनमें से तीन गाड़ियां मुरादाबाद शहर में सेवाएं देती हैं, जबकि दो गाड़ियां बरेली शहर में ग्राहकों के लिए लगाई जाती हैं। ग्राहकों की जेब का ख्याल रखते हुए इनकी कीमत 20 रुपये से शुरू होकर 30 रुपये प्रति प्लेट तक रखी गई है।

शहर में मिलने का समय और प्रमुख ठिकाने

मुरादाबाद में इन गाड़ियों के लगने का समय और स्थान तय किया गया है ताकि लोगों को ताजे भल्ले मिल सकें। दोपहर 1 बजे से कपूर कंपनी के पास इनकी गाड़ी खड़ी होती है। इसके बाद शाम 5 बजे से बुद्धा पार्क और कांशीराम पार्क के पास गाड़ियां पहुंचती हैं, जहां शाम की सैर पर निकले लोग और परिवार स्वाद लेने पहुंचते हैं। अलग-अलग इलाकों में गाड़ियां मौजूद रहने से ग्राहकों को आसानी से अपनी पसंदीदा प्लेट मिल जाती है। अजय कुमार के मुताबिक, एक बार स्वाद चखने वाला ग्राहक दोबारा जरूर लौटता है, जिसके चलते दिन-ब-दिन इनकी मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।

सवाल-जवाब

मुरादाबाद में बिकने वाले इन खास दही-भल्लों की शुरुआती कीमत क्या है?
इन दही-भल्लों की कीमत 20 रुपये से शुरू होकर 30 रुपये प्रति प्लेट तक है।
यह भल्ले किस दाल से तैयार किए जाते हैं?
यह दही-भल्ले मूंग की दाल को पीसकर उसके घोल से शुद्ध और पारंपरिक तरीके से बनाए जाते हैं।
भल्लों पर डाली जाने वाली सोंठ में किन चीजों का इस्तेमाल होता है?
सोंठ को बाजार के रसायनों के बजाय पूरी तरह गुड़ और खजूर के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
अजय कुमार का यह कारोबार कितने शहरों में और कितनी गाड़ियों से चल रहा है?
यह कारोबार कुल पांच गाड़ियों से चल रहा है, जिनमें से तीन गाड़ियां मुरादाबाद में और दो बरेली में लगाई जाती हैं।
मुरादाबाद में यह दही-भल्ले किस समय और किन जगहों पर उपलब्ध होते हैं?
दोपहर 1 बजे से कपूर कंपनी के पास और शाम 5 बजे के बाद बुद्धा पार्क व कांशीराम पार्क में यह दही-भल्ले मिलते हैं।
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