रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के अटूट स्नेह के साथ-साथ पूरे परिवार के साथ मिलकर खुशियों का आनंद लेने का खास अवसर होता है। इस विशेष दिन पर घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनने की परंपरा है। यदि इस बार आप बाजार की मिलावटी और महंगी मिठाइयां लाने के बजाय अपने परिवार के लिए कुछ अपने हाथों से खास बनाना चाहते हैं, तो स्वादिष्ट रबड़ी एक बेहद शानदार और उत्तम विकल्प साबित हो सकती है। मलाईदार, खुशबूदार और मुंह में घुल जाने वाली रबड़ी बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी की पसंदीदा होती है, और इसे घर की रसोई में बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है।
इस पारंपरिक रेसिपी को बनाने की शुरुआत करते हुए सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही का चुनाव करें, ताकि दूध नीचे से जले नहीं। अब इस कड़ाही में करीब एक लीटर फुल क्रीम दूध डालकर गैस चूल्हे पर उबलने के लिए रख दें। दूध को शुरुआत में मध्यम आंच पर तब तक उबालें जब तक उसमें अच्छे से उबाल न आ जाए। एक बार दूध उबलने लगे तो आंच को थोड़ा धीमा कर दें और कछी की मदद से दूध को लगातार चलाते रहें, ताकि दूध कड़ाही के तले में बिल्कुल न चिपके। जैसे-जैसे दूध पकेगा, उस पर मलाई की परत जमने लगेगी। अब इस दूध की मलाई को धीरे-धीरे कड़ाही के अंदरूनी किनारों पर चिपकाते जाएं। यह जमी हुई मलाई ही बाद में रबड़ी को बेहतरीन गाढ़ापन और लाजवाब स्वाद देने का काम करती है।
जब पकते-पकते दूध की मात्रा कम होकर लगभग आधी रह जाए, तब कड़ाही के किनारों पर जमा की गई सारी मलाई को वापस मलाईदार दूध के अंदर मिला दें। इसके बाद इसमें अपनी पसंद और स्वाद के अनुसार चीनी मिला लें। चीनी डालने के बाद रबड़ी को अच्छी तरह से चलाएं ताकि वह पूरी तरह घुल जाए और मिश्रण को कुछ देर और पकने दें। अब इस मिश्रण में थोड़ा सा इलायची पाउडर मिला दें, जिससे रबड़ी में एक बेहतरीन और शानदार खुशबू के साथ-साथ स्वाद भी बढ़ जाएगा। यदि आपको इसका रंग और स्वाद और ज्यादा शाही करना पसंद है, तो आप इसमें केसर के कुछ धागे भी शामिल कर सकते हैं।
इस मलाईदार व्यंजन को और अधिक खास व पौष्टिक बनाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता और थोड़े से अखरोट मिलाए जा सकते हैं। सभी तरह के ड्राई फ्रूट्स डालने के बाद रबड़ी को धीमी आंच पर कुछ मिनटों के लिए और पकने दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रबड़ी को कड़ाही में बहुत ज्यादा गाढ़ा न करें, क्योंकि गैस से उतारने के बाद और ठंडी होने की प्रक्रिया में यह अपने आप और अधिक गाढ़ी हो जाती है। खाना बनाते समय इसे बीच-बीच में चलाते रहना जरूरी है ताकि कड़ाही के किनारों पर फिर से मलाई जमती रहे और उसे दूध में मिलाया जा सके।
जब रबड़ी आपकी इच्छानुसार सही गाढ़ेपन की हो जाए, तब गैस की आंच बंद कर दें। अब इसे कमरे के सामान्य तापमान पर थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें और उसके बाद कुछ घंटों के लिए फ्रिज के अंदर रख दें। ठंडी-ठंडी रबड़ी का स्वाद सामान्य के मुकाबले कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। मेहमानों या परिवार को परोसते समय इसके ऊपर कटे हुए पिस्ता, बादाम और केसर के धागे डालकर सजावट करें। यदि आप चाहें तो इसकी खूबसूरती बढ़ाने के लिए ताजी गुलाब की पंखुड़ियों का भी उपयोग कर सकते हैं।
रक्षाबंधन के पावन दिन जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर भोजन कर रहा हो, तब भोजन के अंत में यह ठंडी-ठंडी घर की बनी रबड़ी परोसें। भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार पर आपके अपने हाथों से तैयार की गई यह मिठाई परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर मुस्कान ले आएगी और खुशियों को कई गुना बढ़ा देगी। बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों के मुकाबले घर पर बनी इस शुद्ध रबड़ी में स्वाद के साथ-साथ अपनों के प्रति अपनापन और प्यार भी झलकेगा। इसलिए इस रक्षाबंधन बिना किसी संकोच के अपने प्रियजनों के लिए यह स्वादिष्ट और मलाईदार रबड़ी जरूर बनाएं।



















