न्यू ज़ीलैंड रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर बढ़ाकर 2.75% की, विदेशी मुद्रा बाज़ार में कीवी करेंसी पर दिखा दबावनेपाल के त्रिशूली टनल हादसे से बचकर निकले राज क्षेत्री ने सुनाया खौफनाक मंजरनागर विमानन क्षेत्र का बड़ा विस्तार: 30,000 करोड़ रुपये से बनेंगे 100 नए एयरपोर्ट, अहमदाबाद बना तीसरा हब एंड स्पोक केंद्रएससीओ शिखर सम्मेलन में शहबाज शरीफ ने उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा, भारत का कड़ा रुख बरकरारबच्चों के सुबह स्कूल जाने के ड्रामे से हैं परेशान? डॉक्टर पवन मंदाविया ने बताया रात की सिर्फ एक आदत बदलने का फॉर्मूलामथुरा के केशव देव मंदिर में जन्माष्टमी पर दिखेंगे 24 अवतार, 5000 साल पुराने पावन धाम में उमड़ेंगे श्रद्धालुरिटेल निवेशकों की भारी मांग से दीपा ज्वैलर्स आईपीओ का कोटा पहले दिन भरा, 22 फीसदी लिस्टिंग गेन की उम्मीदलौंग का अधिक सेवन पड़ सकता है भारी, जानिए 1 से 2 लौंग की सुरक्षित सीमा और यूजेनॉल के नुकसानयूएन जांच एजेंसी का बड़ा पर्दाफाश, असद शासन के दौरान सीरिया में बन रहा था गुप्त परमाणु संयंत्रशिशु की रंगत निखारने के लिए तेल और बेसन की मालिश से बचें, अमृता हॉस्पिटल की शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताए घरेलू नुस्खों के खतरे
श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बनाएं मंदिर जैसा शुद्ध धनिया पंजीरी प्रसाद, जानें आसान रेसिपी और टिप्सखानपान
2 सित॰ 2026, 7:09 am (1 घंटे पहले)· 2

श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बनाएं मंदिर जैसा शुद्ध धनिया पंजीरी प्रसाद, जानें आसान रेसिपी और टिप्स

जन्माष्टमी की पूजा में धनिया पंजीरी के भोग का विशेष महत्व है। घर पर शुद्ध और स्वादिष्ट मंदिर जैसी धनिया पंजीरी बनाने की आसान रेसिपी, जरूरी टिप्स और स्टोरेज के तरीके जानें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर घरों में बाल गोपाल के स्वागत और उनके प्रिय भोग तैयार करने का उत्साह चरम पर होता है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की रात ठीक 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस पावन बेला में कान्हा को विभिन्न प्रकार की मिठाइयों, माखन तथा मिश्री का भोग चढ़ाया जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनिया पंजीरी का प्रसाद अर्पित किए बिना जन्माष्टमी की पूजा अधूरी मानी जाती है। यदि आप भी इस बार बाजार के मिलावटी प्रसाद से बचकर अपने घर पर ही मंदिर जैसा शुद्ध, सुगंधित और स्वादिष्ट धनिया पंजीरी तैयार करना चाहते हैं, तो यह विस्तृत रेसिपी आपकी पूरी मदद करेगी।

धनिया पंजीरी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

स्वादिष्ट और प्रामाणिक धनिया पंजीरी बनाने के लिए रसोई में उपयोग होने वाली कुछ पारंपरिक सामग्रियों की आवश्यकता होती है। इसमें सूखा धनिया पाउडर, शुद्ध देसी घी, मेवे और चीनी मुख्य घटक हैं

ये भी पढ़ें
  • सूखा धनिया पाउडर: पंजीरी का मुख्य आधार, जिसे धीमी आंच पर भुना जाता है।
  • बादाम: 10 से 12 (बारीक टुकड़ों में कटे हुए)।
  • काजू: अपनी पसंद के अनुसार (बारीक कटे हुए)।
  • सूखा कद्दूकस किया हुआ नारियल: 1/2 कप।
  • मखाने: पंजीरी में कुरकुरापन जोड़ने के लिए।
  • इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच (यह वैकल्पिक है, स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए)।
  • पिसी हुई चीनी: मिठास के लिए, जो मिश्रण के पूरी तरह ठंडा होने पर मिलाई जाती है।
  • शुद्ध देसी घी: मेवे और धनिया भूनने के लिए 1 बड़ा चम्मच और अतिरिक्त आवश्यकतानुसार।

मेवे और मखाने भूनने का पहला चरण

पंजीरी को बेहतरीन स्वाद और कुरकुरापन देने के लिए मेवों की सही भुनाई बहुत आवश्यक है। सबसे पहले एक कड़ाही को गैस पर रखें और उसमें मध्यम आंच पर 1 बड़ा चम्मच शुद्ध देसी घी गर्म करें। जब घी अच्छी तरह पिघल जाए, तब उसमें बारीक कटे हुए बादाम और काजू डालें। इन्हें लगातार चलाते हुए हल्का सुनहरा होने तक भून लें। मेवों को भूनते समय ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, अन्यथा वे बाहर से जल सकते हैं और स्वाद कड़वा हो सकता है। भूनने के पश्चात इन्हें कड़ाही से निकालकर एक अलग प्लेट में रख लें।

इसके बाद, उसी कड़ाही में मखाने डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक वे पूरी तरह कुरकुरे यानी क्रिस्पी न हो जाएं। जब मखाने अच्छी तरह सिक जाएं, तो कड़ाही को आंच से उतारकर मखानों को थोड़ा ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद हाथों, चम्मच या ओखली की सहायता से इन्हें दरदरा कूट लें। यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि मखाने का बारीक पाउडर नहीं बनाना है, बल्कि उसके छोटे-छोटे टुकड़े ही रखने हैं ताकि पंजीरी खाते समय उसका स्वाद बना रहे।

धनिया पाउडर भूनने की सही विधि

धनिया पंजीरी बनाने का सबसे महत्वपूर्ण चरण धनिया पाउडर की धीमी भुनाई है। कड़ाही में बचा हुआ सारा शुद्ध देसी घी डालकर पिघलाएं। इसके बाद इसमें धनिया पाउडर मिलाएं और गैस की आंच को एकदम धीमा यानी मीडियम-लो कर दें। धनिया पाउडर को लगातार 10 से 12 मिनट तक भूनते रहें। जैसे-जैसे धनिया पाउडर भूनता जाएगा, इसका रंग हल्का गहरा होने लगेगा और रसोई में एक सोंधी तथा बेहतरीन सुगंध फैल जाएगी।

इस प्रक्रिया के दौरान आंच को बिल्कुल भी तेज न करें। धनिया बहुत हल्का होता है और तेज आंच पर यह कुछ ही सेकंड में जल सकता है। यदि धनिया जल जाता है, तो पंजीरी का पूरा स्वाद कड़वा हो जाएगा। जब धनिया पाउडर अच्छी तरह भून जाए और उसमें से सोंधी खुशबू आने लगे, तब कड़ाही में पहले से भूनकर रखे गए बादाम, काजू और दरदरे कुटे हुए मखाने मिला दें। सभी सामग्रियों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह चलाएं ताकि मेवे और धनिया पाउडर आपस में एकसार हो जाएं। इसके तुरंत बाद गैस बंद कर दें।

मिश्रण को ठंडा करना और अंतिम रूप देना

गैस बंद करने के बाद अगला चरण अत्यंत सावधानी का है। कड़ाही में तैयार धनिया और मेवों के मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। यह इस रेसिपी का सबसे मुख्य नियम है। कभी भी गर्म या गुनगुने मिश्रण में पिसी हुई चीनी न मिलाएं। यदि आप गर्म मिश्रण में चीनी डालते हैं, तो चीनी गर्मी के कारण पिघलने लगेगी और पंजीरी में नमी आ जाएगी, जिससे उसका दरदरा टेक्सचर पूरी तरह खराब हो जाएगा।

जब कड़ाही का मिश्रण पूरी तरह से ठंडा हो जाए, तब इसमें 1/2 कप सूखा कद्दूकस किया हुआ नारियल और स्वादानुसार पिसी हुई चीनी मिलाएं। यदि आप चाहें तो बेहतरीन खुशबू और अतिरिक्त स्वाद के लिए इसमें 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर भी डाल सकते हैं। अब हाथों या सूखी चम्मच की सहायता से सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें ताकि चीनी और कद्दूकस किया नारियल हर तरफ बराबर मात्रा में मिल जाए। आपकी मंदिर जैसी स्वादिष्ट, शुद्ध और सुगंधित धनिया पंजीरी तैयार है।

परफेक्ट पंजीरी बनाने के लिए जरूरी टिप्स और स्टोरेज

धनिया पंजीरी बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप हर बार बिल्कुल मंदिर जैसा स्वाद पा सकते हैं। पंजीरी बनाते समय कभी भी जल्दबाजी न करें। धनिया, मेवे और मखाने को हमेशा धीमी या मध्यम आंच पर ही भूनना चाहिए। यदि आप पंजीरी के पोषक तत्वों और स्वाद को और बढ़ाना चाहते हैं, तो इसमें अपनी पसंद के अनुसार बारीक कटे पिस्ता, अखरोट या मगज के बीज (खरबूजे के बीज) भी मिला सकते हैं।

पंजीरी को सुरक्षित और तरोताजा रखने के लिए इसे हमेशा पूरी तरह ठंडा होने के पश्चात ही किसी साफ, सूखे और एयर-टाइट डिब्बे में भरकर रखें। यदि आप इसे लंबे समय तक उपयोग करना चाहते हैं, तो इस एयर-टाइट डिब्बे को फ्रिज में भी स्टोर करके रखा जा सकता है। जब भी डिब्बे से पंजीरी निकालें, हमेशा पूरी तरह सूखी चम्मच का ही उपयोग करें ताकि उसमें नमी न पहुंचे। इस जन्माष्टमी पर बाजार के मिलावटी प्रसाद के बजाय घर की शुद्ध सामग्रियों से यह पंजीरी बनाएं, बाल गोपाल को अर्पित करें और परिजनों के साथ प्रसाद का आनंद लें।

सवाल-जवाब

जन्माष्टमी की पूजा में धनिया पंजीरी का क्या महत्व है?
मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात 12 बजे के पूजन और भोग में धनिया पंजीरी का विशेष महत्व है। इसके बिना जन्माष्टमी का पर्व अधूरा माना जाता है।
धनिया पाउडर को कितनी देर तक भूनना चाहिए?
धनिया पाउडर को कड़ाही में थोड़ा घी डालकर धीमी या मीडियम-लो आंच पर लगातार 10 से 12 मिनट तक भूनना चाहिए जब तक कि उसमें सोंधी खुशबू न आने लगे।
पंजीरी में चीनी मिलाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
मिश्रण को हमेशा पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही पिसी हुई चीनी मिलानी चाहिए। गर्म मिश्रण में चीनी डालने पर वह पिघल जाएगी और पंजीरी का टेक्सचर खराब हो जाएगा।
धनिया पंजीरी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सही तरीका क्या है?
पंजीरी को पूरी तरह ठंडा करके साफ, सूखे और एयर-टाइट डिब्बे में भरें। इसे अधिक समय तक ताजा रखने के लिए डिब्बे को फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है और निकालते समय सूखी चम्मच का प्रयोग करें।
धनिया पंजीरी में कौन-कौन से अतिरिक्त मेवे मिलाए जा सकते हैं?
बादाम, काजू और मखाने के अलावा अपनी पसंद के अनुसार बारीक कटे पिस्ता, अखरोट या मगज के बीज (खरबूजे के बीज) भी पंजीरी में मिलाए जा सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR