गुलाबी ठंड की दस्तक और त्योहारों के आगमन के साथ ही हर घर में कुछ खास और पारंपरिक मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है। सर्दियों के इस सुहावने मौसम में सोंधी खुशबू से महकता, मुंह में घुल जाने वाला गरमा-गरम मूंग दाल हलवा सभी की पहली पसंद बन जाता है। आम तौर पर लोग दानेदार टेक्सचर और रिच स्वाद की तलाश में इसे दुकानों से खरीदकर लाते हैं, लेकिन सही तकनीक और धैर्य के साथ इसे अपनी रसोई में भी आसानी से पकाया जा सकता है।
हलवे के लिए जरूरी सामग्री
परफेक्ट हलवाई स्टाइल स्वाद पाने के लिए सामग्री का सही अनुपात होना बेहद आवश्यक है। इसके लिए निम्नलिखित सामग्रियों की जरूरत होगी
- धुली हुई मूंग दाल: 1 कप
- देशी घी: 1 कप
- चीनी: 1 कप
- खोया यानी मावा: आधा कप
- दूध या पानी: 2 से 2.5 कप
- बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता
- इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
- केसर के धागे: 10-12
दाल तैयार करने का शुरुआती चरण
सबसे पहले 1 कप धुली मूंग दाल को साफ पानी से 2 से 3 बार अच्छी तरह धो लें, ताकि दाल पर लगी धूल और पॉलिश पूरी तरह साफ हो जाए। इसके बाद दाल को पर्याप्त पानी में 4 से 5 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तब इसका सारा पानी छलनी से छानकर पूरी तरह अलग कर लें।
इसके बाद भीगी हुई दाल को मिक्सी के जार में डालें। ध्यान रखें कि दाल पीसते समय पानी बिल्कुल नहीं मिलाना है। मिक्सी को रुक-रुक कर चलाएं ताकि दाल का बारीक पेस्ट न बने, बल्कि उसका टेक्सचर हल्का दरदरा रहे। यही दरदरापन पकने के बाद हलवे को बाजार जैसा लाजवाब दानेदार रूप प्रदान करता है।
धीमी आंच पर दाल की भुनाई
एक भारी तले की कड़ाही गैस पर रखें और उसमें कुल 1 कप घी में से आधा कप घी डालकर गर्म करें। जब घी पिघल जाए, तब इसमें पिसी हुई दरदरी मूंग दाल डालें। गैस की आंच को धीमा और मध्यम रखें। शुरुआत में दाल कड़ाही के तले से चिपकेगी और चलाने में भारी लगेगी, लेकिन इसे लगातार कलछी से चलाते रहना होगा।
जैसे-जैसे दाल भुनती जाएगी, इसका भारीपन कम होगा और मिश्रण घी छोड़ने लगेगा। दाल का रंग बदलकर हल्का सुनहरा भूरा हो जाएगा और रसोई में सोंधी खुशबू फैलने लगेगी। इस पूरी भुनाई की प्रक्रिया में लगभग 25 से 30 मिनट का समय लगता है। हड़बड़ी में आंच तेज न करें, अन्यथा दाल कच्ची रह जाएगी।
दूध, चीनी और केसर का मिश्रण
दाल भुनने के दौरान ही दूसरे बर्तन में 2 से 2.5 कप दूध या पानी को उबालने के लिए रख दें। जब यह उबलने लगे, तब इसमें 1 कप चीनी और 10 से 12 केसर के धागे डाल दें। इसे तब तक चलाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और केसर का हल्का पीला रंग और सुगंध दूध में समा न जाए। जब दाल अच्छी तरह भुन जाए, तब इस गर्म तरल मिश्रण को भुनी हुई दाल में धीरे-धीरे और थोड़ा-थोड़ा करके डालें।
मावा मिलाना और अंतिम पकाई
तरल डालते समय कलछी को तेजी से लगातार चलाते रहें, ताकि हलवे में किसी भी प्रकार की गांठें न पड़ें। दाल बहुत तेजी से दूध और चाशनी को सोख लेगी। जब सारा तरल सोख लिया जाए, तब इसमें आधा कप मावा और बचा हुआ आधा कप घी मिला दें। धीमी आंच पर मिश्रण को तब तक लगातार भूनते रहें जब तक हलवा कड़ाही के किनारों को पूरी तरह न छोड़ दे और किनारों से घी अलग होकर चमकने न लगे।
मेवों से गार्निशिंग और परोसने का तरीका
जब हलवा कड़ाही छोड़ने लगे और पूरी तरह पक जाए, तब गैस बंद कर दें। अंत में 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए काजू, बादाम व पिस्ता डालकर अच्छी तरह मिला लें। तैयार दानेदार मूंग दाल हलवे को गरमा-गरम कटोरी में निकालें और ऊपर से कुछ मेवों से सजाकर परिजनों और मेहमानों को परोसें।



















