उपवास के दिनों में शरीर को सक्रिय रखने और थकान से बचने के लिए भरपूर पोषण की जरूरत होती है। ऐसे समय में मूंगफली और गुड़ से तैयार पारंपरिक चिक्की एक बेहतरीन फलाहारी नाश्ता साबित होती है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि काफी देर तक भूख को शांत रखकर शरीर में आवश्यक ऊर्जा का संचार भी करती है। मूंगफली के दानों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट और आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जबकि प्राकृतिक गुड़ शरीर को तुरंत शक्ति प्रदान करता है। सबसे अच्छी बात यह है कि बेहद कम सामग्री के साथ इसे रसोई में सरलता से तैयार किया जा सकता है और लंबे समय तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है।
मूंगफली भूनने और छिलका अलग करने की विधि
चिक्की बनाने की शुरुआत मूंगफली के दानों को सही ढंग से तैयार करने से होती है। इसके लिए एक भारी कढ़ाही को गैस पर चढ़ाएं और उसमें मूंगफली के दानों को मध्यम आंच पर 5-7 मिनट तक लगातार चलाते हुए भून लें। जब दाने अच्छी तरह से सिंक जाएं, तो गैस बंद कर दें और उन्हें किसी बर्तन में निकालकर पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा हो जाने पर दोनों हथेलियों से रगड़कर उनके छिलके आसानी से अलग कर लें। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार दानों को बेलन या ओखली में हल्का दरदरा कूट लें। यदि आपको साबुत दानों वाली चिक्की पसंद है, तो आप बिना कूटे भी पूरी मूंगफली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
गुड़ की चाशनी पकाने और जांचने का सही तरीका
एक मोटे तले वाली कढ़ाही में थोड़ा सा घी डालकर गर्म करें। इसके बाद कढ़ाही में कद्दूकस किया हुआ या छोटे टुकड़ों में तोड़ा हुआ गुड़ डालें। धीमी आंच पर गुड़ को लगातार चलाते हुए पूरी तरह पिघलने दें। सही कुरकुरापन पाने के लिए चाशनी की सही कंसिस्टेंसी सबसे महत्वपूर्ण होती है। चाशनी तैयार हुई है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए एक कटोरी ठंडे पानी में चाशनी की एक बूंद टपकाएं। यदि पानी में गिरते ही चाशनी की बूंद एकदम सख्त और टूटने योग्य हो जाए, तो समझ लें कि चाशनी पूरी तरह तैयार हो चुकी है।
मिश्रण मिलाने और बेलने की प्रक्रिया
चाशनी की जांच सफल होते ही आंच एकदम धीमी कर दें। अब चाशनी में भुनी हुई मूंगफली और सुगंध के लिए इलायची पाउडर डालें और कलछी से तेजी से अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण तैयार होते ही उसे बिना देरी किए पहले से घी लगी थाली या बटर पेपर पर पलटें। इसके बाद घी लगे बेलन की मदद से मिश्रण को अपनी पसंद की मोटाई में बराबर बेल लें।
टुकड़ों में काटना और ठंडा करके परोसना
जब बेला हुआ मिश्रण हल्का गर्म ही रहे, तभी एक तेज चाकू से उस पर मनचाहे आकार के कट लगा दें, क्योंकि पूरी तरह ठंडा होने पर इसे काटना मुश्किल हो जाता है। जब चिक्की सामान्य तापमान पर आकर पूरी तरह ठंडी और सख्त हो जाए, तो टुकड़ों को अलग कर लें। आपकी एकदम कुरकुरी और स्वादिष्ट मूंगफली की चिक्की तैयार हो चुकी है।
उपवास में क्यों फायदेमंद है यह पारंपरिक नाश्ता
मूंगफली की चिक्की व्रत के दौरान शारीरिक ऊर्जा का स्तर स्थिर रखने में बेहद मददगार है। मूंगफली में मौजूद उच्च प्रोटीन और हेल्दी फैट पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और बार-बार लगने वाली भूख को रोकते हैं। वहीं दूसरी ओर, गुड़ तुरंत ग्लूकोज और शक्ति प्रदान करने का काम करता है। बाजार में उपलब्ध प्रिजर्वेटिव युक्त पैकेटबंद फलाहारी स्नैक्स की तुलना में घर पर बनी यह चिक्की एक शुद्ध, प्राकृतिक और बेहद पौष्टिक विकल्प है।



















