दिवाली समेत अन्य प्रमुख त्योहारों के आगमन के साथ ही देश भर के बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। इस भारी मांग का फायदा उठाने और अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में कई दुकानदार मिलावटी खोया और हानिकारक केमिकल वाले रंगों से बनी मिठाइयां बेचने लगते हैं। ऐसी मिठाइयों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग आजमगढ़ ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक चेकिंग अभियान शुरू किया है, ताकि बाजार में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मिलावटी मिठाइयों से सेहत को खतरा
त्योहारी सीजन में ग्राहकों की मांग पूरी करने के नाम पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल आम हो जाता है। मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल युक्त रंग शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होते हैं। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार बाजारों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर रही हैं। लेकिन सरकारी कार्रवाई के साथ-साथ खरीदारों का खुद भी सतर्क रहना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर ग्राहक नकली और असली मिठाइयों के बीच आसानी से अंतर कर सकते हैं।
हथेली पर रगड़कर ऐसे जांचें खोया
आजमगढ़ के असिस्टेंट फूड कमिश्नर सुशील मिश्रा के अनुसार, मिठाई खरीदने से पहले ग्राहक कुछ आसान और व्यावहारिक तरीकों से उसकी शुद्धता की पड़ताल कर सकते हैं। खोया की शुद्धता जांचने का सबसे सरल तरीका हथेली का परीक्षण है। इसके लिए खोया या मिठाई का एक छोटा सा टुकड़ा अपनी हथेली या उंगलियों के बीच रखकर थोड़ी देर तक रगड़ें। यदि खोया पूरी तरह असली और शुद्ध होगा, तो उसमें स्वाभाविक चिकनाहट महसूस होगी और उससे प्राकृतिक घी बाहर निकलने लगेगा।
स्टार्च और रसायन की पहचान करने के लक्षण
यदि खोया नकली है या उसमें स्टार्च की मिलावट की गई है, तो रगड़ने पर वह रबर की तरह खिंचने लगेगा और हाथों में चिपचिपा महसूस होगा। इसके अलावा, मुंह में डालने पर मिलावटी खोया चिपचिपा लगता है और उसका स्वाद बिल्कुल फीका होता है। मिठाइयों के रंग और बनावट से भी उनकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाला शुद्ध खोया हल्के पीले और मलाईदार रंग का होता है तथा छूने में एकदम मुलायम महसूस होता है। वहीं अगर खोया बहुत ज्यादा सफेद दिखता है या अत्यधिक सख्त है, तो उसमें हानिकारक केमिकल मिले होने की पूरी आशंका रहती है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय इन मानकों पर ध्यान दें।

















