व्रत और उपवास के दिनों में अक्सर ऐसे भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है जो पचाने में बेहद हल्का हो, लेकिन शरीर को दिनभर के लिए पर्याप्त ऊर्जा भी प्रदान करे। यही वजह है कि नवरात्रि, एकादशी और महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर साबूदाना खिचड़ी सबसे अधिक पसंद की जाने वाली डिश बन जाती है। यह न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है, बल्कि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। हालांकि, कई लोगों को शिकायत रहती है कि बनाते समय उनकी खिचड़ी चिपचिपी हो जाती है। अगर आप कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो आपकी खिचड़ी का एक-एक दाना बिल्कुल अलग और खिला हुआ बनेगा।
खिचड़ी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने के लिए आपको कुछ बेहद साधारण सामग्रियों की आवश्यकता होगी। सबसे पहले दो मध्यम आकार के उबले हुए आलू ले लें और उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके साथ ही आधा कप भुनी हुई मूंगफली को दरदरा पीसकर उसका पाउडर तैयार कर लें। खाना पकाने के लिए दो बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी या मूंगफली के तेल का इस्तेमाल करें। खुशबू और गार्निशिंग के लिए दो बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया अलग रख लें। इसके अलावा, एक कप साबूदाना, थोड़ा सा जीरा, कटी हुई हरी मिर्च, ताजे करी पत्ते, स्वादानुसार सेंधा नमक और आधा नींबू का रस अपने पास रख लें।
साबूदाना भिगोने का सही और आसान तरीका
एक बेहतरीन और खिली-खिली खिचड़ी बनाने का सारा राज साबूदाने को सही तरीके से भिगोने में छिपा होता है। सबसे पहले साबूदाने को साफ पानी से दो से तीन बार अच्छी तरह धो लें ताकि उसका अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद साबूदाने को एक गहरे बर्तन में रखें और उसमें सिर्फ इतना ही पानी डालें जिससे साबूदाना पूरी तरह डूब जाए, पानी साबूदाने के स्तर से ऊपर नहीं होना चाहिए। अब इसे ढककर कम से कम पांच से छह घंटे या फिर पूरी रात के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अगली सुबह साबूदाने का एक दाना उंगलियों के बीच दबाकर देखें, यदि वह आसानी से पूरी तरह मैश हो जाता है, तो समझें कि यह पकने के लिए तैयार है। यदि उसमें अतिरिक्त पानी बच गया हो, तो उसे छानकर निकाल लें ताकि खिचड़ी चिपचिपी न हो.
पकाने की आसान चरण-दर-चरण विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में मध्यम आंच पर घी या मूंगफली का तेल गर्म करें। जब तेल अच्छे से गर्म हो जाए, तो उसमें जीरा डालकर चटकाएं। इसके तुरंत बाद बारीक कटी हुई हरी मिर्च और करी पत्ते डालकर कुछ सेकेंड के लिए भून लें। अब इसमें कटे हुए उबले आलू डालें और उन्हें तब तक चलाएं जब तक कि उन पर हल्का सुनहरा रंग न चढ़ जाए।
जब आलू अच्छी तरह भून जाएं, तो कड़ाही में दरदरा पिसा हुआ मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें पहले से भीगा हुआ साबूदाना डालें। साबूदाने को बहुत ही हल्के हाथों से नीचे से ऊपर की तरफ चलाते हुए मिलाएं ताकि दाने टूटें नहीं। इसे मध्यम आंच पर लगभग चार से पांच मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं। जैसे ही साबूदाने के सारे दाने सफेद से बदलकर पारदर्शी दिखने लगें, तुरंत गैस बंद कर दें। इसे जरूरत से ज्यादा न पकाएं, वरना यह आपस में चिपकने लगेगा।
गरमा-गरम परोसने का तरीका
गैस बंद करने के तुरंत बाद खिचड़ी में ऊपर से नींबू का रस निचोड़ें और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर हल्के हाथ से मिला लें। आपकी गरमा-गरम और खुशबूदार साबूदाना खिचड़ी बनकर तैयार है। इसे आप व्रत वाली मूंगफली की चटनी, ताजे ठंडे दही या फिर कटे हुए मौसमी फलों के साथ परोस सकते हैं। परोसते समय ऊपर से थोड़ा और नींबू का रस डालने से इसका चटपटा स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।



















