करौली में सूरत की फैंटी साटन साड़ी की धूम, बजट दाम में मिल रहा प्रीमियम पार्टी लुकनेशनल कॉन्फ्रेंस के बदलते रुख से केंद्र और कश्मीर के बीच अविश्वास पैदा हुआ, महबूबा मुफ्ती का बड़ा हमलायूरोपीय मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों से यूरो में सुधार, ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले 0.8360 के रेजिस्टेंस पर नजरठंड के मौसम में घर में गीले कपड़े सुखाने के सुरक्षित उपाय और फंगस से बचावप्राचीन विरासत और वर्तमान समस्याओं के तालमेल पर वाराणसी में डॉ. प्रीति अडाणी का बड़ा बयानराजस्थान में बारिश पर लगा पूर्ण विराम, 3 नवंबर को सभी जिलों में शुष्क रहेगा मौसमअलमारी में रखी भारी सिल्क साड़ियों को दें नया रूप, इस फेस्टिव सीजन ट्राई करें ट्रेंडी को-ऑर्ड सेट्सत्योहारी सीजन में घर पर तैयार करें हलवाई जैसी दानेदार बेसन बर्फी, खोया के बगैर भी मिलेगा लाजवाब स्वादआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कमियों का उड़ाया मजाक, इंटरनेट कॉमेडियन्स को मिले हॉलीवुड टैलेंट कॉन्ट्रैक्ट्सपंजाब स्टेट डियर 50 बीस्ट वीकली लॉटरी ड्रा 67 के नतीजे घोषित, 21 लाख रुपये का पहला इनाम
वडोदरा जेल में बंद मौत की सजा पाए कैदी विजय पासवान की दिल का दौरा पड़ने से मौतगुजरात
2 नव॰ 2026, 6:00 pm (7 मिनट पहले)· 0

वडोदरा जेल में बंद मौत की सजा पाए कैदी विजय पासवान की दिल का दौरा पड़ने से मौत

भरूच में 10 साल की बच्ची से दरिंदगी और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले कैदी विजय पासवान की वडोदरा सेंट्रल जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

भरूच के बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्याकांड में मौत की सजा पाए कैदी विजय पासवान की वडोदरा सेंट्रल जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जेल परिसर में स्वास्थ्य बिगड़ने के तुरंत बाद उसे इलाज के लिए सयाजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अदालत ने बच्ची के साथ हुई अमानवीय दरिंदगी को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि इस अप्रत्याशित मौत के बाद दोषी के परिवार ने पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिसंबर 2024 की दर्दनाक घटना और पुलिस जांच

यह पूरा मामला दिसंबर 2024 के दौरान सामने आया था। 16 दिसंबर को भरूच जिले के झघड़िया जीआईडीसी औद्योगिक इलाके से 10 वर्षीय एक मासूम बच्ची अचानक रहस्यमय हालात में गायब हो गई थी। बच्ची का परिवार मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था और यहां मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहा था। खोजबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी मासूम को बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया था। वहां उसने बच्ची के साथ क्रूरतापूर्वक दुष्कर्म किया और बाद में अपनी पहचान छिपाने के मकसद से उसकी बेरहमी से हत्या करने की कोशिश की।

ये भी पढ़ें

लापता होने के बाद बच्ची झाड़ियों के बीच अत्यंत गंभीर और लहूलुहान अवस्था में बरामद हुई थी। मासूम के चेहरे, पेट और नाजुक अंगों पर गहरे जख्म पाए गए थे। नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत वडोदरा के सयाजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। डॉक्टरों की गहन निगरानी के बावजूद आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार बच्ची ने दम तोड़ दिया।

फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी और फांसी की सजा

मासूम के साथ हुई इस बर्बरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच टीमों का गठन किया था। जांच दल ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, आधुनिक तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया और फॉरेंसिक सबूत एकत्र किए। इन ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विजय पासवान को दबोच लिया।

मामले की कानूनी कार्यवाही बेहद तेज गति से आगे बढ़ी। फरवरी 2025 में अदालत के भीतर नियमित ट्रायल शुरू किया गया। सभी पक्षों की दलीलें और साक्ष्य देखने के बाद मई 2025 के पहले सप्ताह में अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने विजय पासवान को बच्ची के बलात्कार और हत्या का मुख्य दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप और निष्पक्ष जांच की मांग

अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से विजय पासवान की मौत होने के बाद उसकी पत्नी बबीता देवी ने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। बबीता देवी ने अपने पति को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए दावा किया कि असली अपराधियों को बचाने के लिए उनके पति को बलि का बकरा बनाया गया।

बबीता देवी ने कहा, "मेरे पति को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। असली आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।"

मृतक की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि कानूनी प्रक्रिया के दौरान सरकारी पक्ष द्वारा उनका पक्ष अदालत के सामने सही ढंग से नहीं रखा गया। उन्होंने जेल के भीतर हुई इस मौत को संदिग्ध करार देते हुए निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और न्याय मिलने तक पति का पार्थिव शरीर लेने से इनकार कर दिया है।

सवाल-जवाब

दोषी विजय पासवान की मौत किस कारण से हुई?
वडोदरा सेंट्रल जेल में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद विजय पासवान को सयाजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
विजय पासवान को अदालत ने क्या सजा सुनाई थी?
अदालत ने उसे 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दुर्लभतम अपराध मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।
यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह अपराध 16 दिसंबर 2024 को गुजरात के भरूच जिले में स्थित झघड़िया जीआईडीसी इलाके में हुआ था।
पीड़ित बच्ची का परिवार कहां का रहने वाला था?
पीड़ित 10 वर्षीय बच्ची का परिवार मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था और झघड़िया जीआईडीसी में मजदूरी करता था।
पुलिस ने आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी कैसे की थी?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर विजय पासवान की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया था।
मृतक कैदी की पत्नी ने क्या आरोप लगाए हैं?
पत्नी बबीता देवी ने पति को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें गलत फंसाया गया था, और उन्होंने न्याय मिलने तक शव लेने से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp