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छोटे बच्चों के सिक्का या खिलौना निगलने पर कभी न करें ये गलतियां, बाल शल्य चिकित्सक ने बताए जरूरी कदमहरियाणा
5 अक्तू॰ 2026, 12:21 pm (37 मिनट पहले)· 0

छोटे बच्चों के सिक्का या खिलौना निगलने पर कभी न करें ये गलतियां, बाल शल्य चिकित्सक ने बताए जरूरी कदम

खेल-खेल में बच्चों द्वारा सिक्का, चुंबक या बटन बैटरी निगलने की स्थिति में जबरन उल्टी कराने या मुंह में उंगली डालने से जोखिम बढ़ सकता है। सांस की नली और ग्रासनली में अटकी चीजों के लक्षणों को पहचानकर तुरंत अस्पताल ले जाना सबसे सुरक्षित कदम है।

छोटे बच्चों में खेलते समय हाथ में आने वाली हर छोटी वस्तु को मुंह में डालने की स्वाभाविक आदत होती है। इसी आदत के चलते कई बार वे सिक्के, खिलौनों के बारीक पुर्जे, मटर के दाने, चुंबक या छोटी बटन बैटरी निगल लेते हैं। ऐसी आपात स्थिति में माता-पिता अक्सर घबराहट में गलत कदम उठा बैठते हैं, जिससे बच्चे की जान पर बन आती है। अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. नितिन जैन के अनुसार, किसी भी बाहरी वस्तु का शरीर के भीतर जाना गंभीर चिकित्सा संकट पैदा कर सकता है। स्थिति तब सबसे अधिक नाजुक हो जाती है जब निगली गई वस्तु खाने की नली के बजाय सांस की नली में रास्ता बना लेती है।

सांस की नली में वस्तु फंसने के गंभीर संकेत

जब कोई बाहरी वस्तु श्वासनली में चली जाती है, तो बच्चे के शरीर में इसके लक्षण बहुत तेजी से उभरते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है। फेफड़ों तक हवा का प्रवाह बाधित होने के कारण बच्चा लगातार और बहुत जोर-जोर से रो सकता है। ऑक्सीजन की कमी होने पर उसके चेहरे और शरीर की त्वचा का रंग बदलने लगता है या वह नीला पड़ने लगता है। सांस खींचते या छोड़ते समय गले से सीटी जैसी तीखी आवाज सुनाई देना भी एक बेहद खतरनाक चेतावनी संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण सामने आते ही बिना एक पल गंवाए बच्चे को सीधे आपातकालीन चिकित्सा कक्ष ले जाना आवश्यक है।

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घरेलू नुस्खों और उल्टी कराने की कोशिश से बचें

अगर यह स्पष्ट हो जाए या संदेह हो कि बच्चे ने कोई सिक्का अथवा खिलौने का हिस्सा निगल लिया है, तो सबसे पहले अभिभावकों को शांत रहना चाहिए। ऐसे समय में बच्चे को जबरन उल्टी कराने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। कई बार माता-पिता घबराहट में बच्चे के गले या मुंह में उंगली डालकर अटकी हुई चीज को निकालने का प्रयास करते हैं। ऐसा करने से वह वस्तु बाहर निकलने के बजाय और नीचे खिसक सकती है, जिससे श्वासनली पूरी तरह बंद होने का खतरा पैदा हो जाता है। घर पर कोई भी देशी उपाय आजमाने के स्थान पर फौरन विशेषज्ञ डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों को यह स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि बच्चे ने क्या वस्तु निगली है और उसका आकार लगभग कितना बड़ा था।

ग्रासनली में रुकावट के लक्षण और जांच की प्रक्रिया

वस्तु यदि सांस की नली में न जाकर खाने की नली यानी ग्रासनली में फंसती है, तो उसके लक्षण थोड़े अलग होते हैं। ग्रासनली में अवरोध होने पर बच्चा पानी पीने या खाना निगलने में असमर्थता जताता है और दर्द की शिकायत कर सकता है। लगातार परेशानी के कारण बच्चा अत्यधिक चिड़चिड़ा हो जाता है और उसके मुंह से सामान्य से बहुत अधिक लार टपकने लगती है। कुछ मामलों में बच्चा कोई भी ठोस आहार अंदर लेने से पूरी तरह मना कर देता है। अस्पताल पहुंचने पर विशेषज्ञ स्थिति का सही आकलन करने के लिए सबसे पहले एक्स-रे जांच करते हैं। एक्स-रे की मदद से यह सटीक रूप से पता चल जाता है कि विदेशी वस्तु ग्रासनली में ठहरी है या श्वासनली में फंसी हुई है। यदि सिक्का या वस्तु आगे बढ़कर पेट और छोटी आंत तक सुरक्षित पहुंच चुकी हो, तो कई बार वह मल त्याग के साथ प्राकृतिक रूप से बाहर निकल जाती है। हालांकि, यदि कोई वस्तु सांस की नली में अटकी रह जाए, तो उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ब्रोंकोस्कोपी जैसी जटिल प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ता है।

बिना डॉक्टरी परामर्श कुछ भी खिलाना-पिलाना खतरनाक

अस्पताल ले जाते समय या रास्ते में बच्चे को पानी, दूध या कोई भी खाद्य पदार्थ देने की भारी भूल कभी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टरी जांच से पहले बच्चे को तरल या ठोस आहार देने से वह आहार या पानी श्वासनली में प्रवेश कर सकता है, जिसे चिकित्सीय भाषा में एस्पिरेशन कहा जाता है। एस्पिरेशन की स्थिति बनते ही दम घुटने और फेफड़ों में संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए जब तक चिकित्सक जांच पूरी न कर लें, बच्चे को खाली पेट रखना ही सबसे सुरक्षित माना जाता है। यदि बच्चे में सांस की तकलीफ, त्वचा का नीला पड़ना, सीटी की आवाज, लार गिरना या निगलने में असमर्थता जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचना चाहिए।

बटन बैटरी और चुंबक निगलने से क्यों होता है जानलेवा नुकसान

बच्चों द्वारा आमतौर पर निगली जाने वाली चीजों में सिक्के, खिलौने के पुर्जे, मटर और चना जैसे खाद्य दाने, चुंबक और इलेक्ट्रॉनिक घड़ियों या खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली बटन बैटरी प्रमुख हैं। इनमें से बटन बैटरी और दो या दो से अधिक चुंबक निगलना सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होता है। डॉ. नितिन जैन स्पष्ट करते हैं कि यदि कोई बच्चा एक से अधिक चुंबक निगल लेता है, तो वे आंतों के अलग-अलग मोड़ों में पहुंचकर एक-दूसरे की ओर आकर्षित होकर चिपक जाते हैं। इन दोनों चुंबकों के बीच आंत की नाजुक दीवार बुरी तरह दब जाती है। दीवार के दबने से उस हिस्से का रक्त संचार बंद हो जाता है, जिससे आंत का ऊतक सड़ सकता है और आंत में छेद होने जैसी जानलेवा समस्या उत्पन्न हो जाती है। ठीक इसी प्रकार, बटन बैटरी शरीर के अंदरूनी नम ऊतकों के संपर्क में आते ही रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू कर देती है। इस प्रतिक्रिया से उत्पन्न रसायन आसपास के ऊतकों को जलाकर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। इससे कुछ ही घंटों में अंदरूनी अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और बच्चे का जीवन खतरे में पड़ सकता है। अत: यदि चुंबक या बैटरी निगलने का रत्ती भर भी अंदेशा हो, तो बिना कोई घरेलू प्रयोग किए तुरंत आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की शरण लेनी चाहिए।

सवाल-जवाब

बच्चे द्वारा सिक्का निगलने पर सबसे पहले क्या नहीं करना चाहिए?
बच्चे को जबरन उल्टी कराने की कोशिश कभी न करें और न ही उसके मुंह या गले में उंगली डालकर सिक्का निकालने का प्रयास करें। ऐसा करने से वस्तु सांस की नली में और नीचे जा सकती है।
सांस की नली में कोई वस्तु फंसने के मुख्य लक्षण क्या हैं?
बच्चे को अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ होती है, वह तेज रोने लगता है, उसकी त्वचा नीली पड़ने लगती है और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आती है।
खाने की नली यानी ग्रासनली में वस्तु फंसने पर बच्चा क्या संकेत देता है?
ग्रासनली में रुकावट होने पर बच्चा पानी या खाना निगलने में असमर्थ होता है, मुंह से अत्यधिक लार बहती है और वह बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है।
अस्पताल ले जाते समय बच्चे को पानी या खाना क्यों नहीं देना चाहिए?
बिना चिकित्सकीय परामर्श के कुछ भी खिलाने या पिलाने से भोजन अथवा पानी के सांस की नली में जाने यानी एस्पिरेशन का गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है।
बटन बैटरी निगलना जानलेवा क्यों साबित हो सकता है?
बटन बैटरी शरीर के अंदरूनी ऊतकों के संपर्क में आकर रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू करती है, जिससे आसपास के ऊतक जलकर नष्ट हो जाते हैं और अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचता है।
एक से अधिक चुंबक निगलने पर आंतों में क्या समस्या हो सकती है?
अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे चुंबक आपस में चिपक जाते हैं और उनके बीच आंत की दीवार दब जाती है, जिससे रक्त आपूर्ति रुकने के कारण आंत में छेद होने का खतरा बन जाता है।
डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि वस्तु शरीर में कहां फंसी है?
चिकित्सक एक्स-रे जांच के जरिए यह देखते हैं कि वस्तु खाने की नली में है या सांस की नली में, और उसी के आधार पर ब्रोंकोस्कोपी या अन्य उपचार तय करते हैं।
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