दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित कांग्रेस पार्टी की महारैली में हिस्सा लेने जा रहे नूंह विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के काफिले को गुरुग्राम पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। 1 नवंबर, रविवार की सुबह जब विधायक गाड़ियों के बड़े काफिले के साथ दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे, तभी सोहना में पुलिस बल ने वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी। अचानक गाड़ियों को रोके जाने के बाद विधायक और सोहना सिटी थाना प्रभारी के बीच सड़क पर ही बेहद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
सोहना में काफिला रुकने पर शुरू हुआ विवाद
नूंह से रवाना हुआ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का काफिला जैसे ही गुरुग्राम के सोहना इलाके में दाखिल हुआ, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने गाड़ियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। अपने वाहन से नीचे उतरकर विधायक आफताब अहमद ने पुलिस अधिकारियों से काफिला रोके जाने का कारण पूछा। बातचीत के दौरान माहौल तेजी से गरमा गया और विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहा है ताकि लोग समय पर दिल्ली की रैली में न पहुंच सकें।
प्रशासन पर अलग कानून चलाने का आरोप
विधायक आफताब अहमद ने मौके पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस राज्य में मनमाना कानून चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन की दिल्ली रैली में शामिल होने जा रहे नूंह जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चेकिंग के बहाने जानबूझकर रोका जा रहा है। विधायक ने मौके पर सवाल उठाया कि क्या हरियाणा में ट्रैफिक का कोई अलग ही नियम चल रहा है, जिसके तहत सिर्फ रैली की गाड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है।
थाना प्रभारी और विधायक के बीच तीखी तकरार
सड़क पर दोनों पक्षों के बीच विवाद काफी बढ़ गया। बातचीत के दौरान विधायक ने पुलिस अधिकारी से कड़े लहजे में कहा कि रैली की गाड़ियों को रोका जा रहा है और अधिकारी ज्यादा बन रहे हैं। इसके जवाब में सोहना सिटी थाना प्रभारी ने विधायक से कहा कि वह वाहियात बात न करें और साइड में खड़े रहें। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही गाड़ियों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।
जब थाना प्रभारी ने वाहियात शब्द का प्रयोग किया, तो विवाद और गहरा गया। मौके पर मौजूद विधायक समर्थकों ने पुलिस अधिकारी के रवैये और शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि एसएचओ को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरी बहस का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।



















