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हरियाणा के झज्जर में बछड़े को बचाने के प्रयास में बड़ा हादसा, जहरीली गैस वाले कुएं में चार लोगों की दर्दनाक मौतहरियाणा
20 जुल॰ 2026, 10:37 am (47 दिन पहले)· 0

हरियाणा के झज्जर में बछड़े को बचाने के प्रयास में बड़ा हादसा, जहरीली गैस वाले कुएं में चार लोगों की दर्दनाक मौत

हरियाणा के मुनीमपुर गांव में 50 साल पुराने कुएं में गिरे एक बछड़े को निकालने उतरे चार लोगों की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित मुनीमपुर गांव में रविवार की शाम एक बेहद दर्दनाक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक बेजुबान जानवर की जान बचाने की मानवीय कोशिश एक बड़े हादसे में तब्दील हो गई। एक पुराने कुएं में गिरे गाय के बछड़े को निकालने के प्रयास में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। कुएं के अंदर सालों से जमा जहरीली गैस की चपेट में आने से इन चारों का दम घुट गया और वे बाहर नहीं आ सके। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का माहौल है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बचाव की कोशिश और जानलेवा गैस

यह हादसा उस वक्त शुरू हुआ जब गांव के लोगों ने देखा कि एक गाय का बछड़ा गलती से एक गहरे कुएं में गिर गया है। उसे सुरक्षित बाहर निकालने की मंशा से चार लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के आगे आए। जान गंवाने वालों की पहचान 41 वर्षीय दलबीर, 41 वर्षीय नरेंद्र, 37 वर्षीय मोनू और एक प्रवासी मजदूर रामे के रूप में हुई है। बछड़े को निकालने के लिए ये सभी लोग एक-एक करके कुएं में उतरे थे। लेकिन कुएं की गहराई में भारी मात्रा में खतरनाक जहरीली गैस भरी हुई थी। ऑक्सीजन की कमी और गैस के प्रभाव के कारण कुएं में उतरते ही वे सभी बेहोश हो गए और अंदर ही फंसे रह गए, जिससे उनके बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा।

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तीन घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान

जब यह साफ हो गया कि कुएं में उतरे लोग बाहर नहीं आ पा रहे हैं, तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद कुएं में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक लंबा और कठिन रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आपातकालीन टीमों ने चारों को कुएं से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

50 सालों से बंद था कुआं

हादसे का मुख्य कारण कुएं के अंदर मौजूद दमघोंटू और जहरीली गैस थी। घटना की जानकारी मिलने पर जिला पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने खुद मुनीमपुर गांव का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने इस भयानक हादसे पर गहरा दुख जताते हुए बताया कि जिस कुएं में यह घटना हुई, उसका इस्तेमाल पिछले 50 सालों से नहीं किया गया था। लंबे समय तक बंद रहने और हवा की निकासी न होने के कारण कुएं के तल में खतरनाक गैस जमा हो गई थी, जो अंततः इन लोगों की मौत का कारण बनी। उन्होंने कहा कि काफी प्रयासों के बावजूद लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

अस्पताल में तनाव और प्रशासन पर सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद नागरिक अस्पताल में परिजनों का भारी हुजूम लग गया। स्थानीय विधायक कुलदीप वत्स ने भी अपनी टीम के साथ पहले घटनास्थल और फिर नागरिक अस्पताल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। हालांकि, अस्पताल परिसर में ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच भारी तनाव देखने को मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया कि प्रशासन और राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचने में काफी देरी की। उनका कहना था कि यदि रेस्क्यू टीम समय रहते गांव पहुंच जाती, तो शायद कुएं में गिरे चारों लोगों की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल मुनीमपुर गांव में हर तरफ सन्नाटा और शोक की लहर है।

सवाल-जवाब

यह दर्दनाक हादसा कहां हुआ?
यह घटना हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित मुनीमपुर गांव में हुई।
चारों लोग कुएं में क्यों उतरे थे?
एक-एक करके वे सभी लोग कुएं में गिरे एक बेजुबान बछड़े को बचाने के लिए नीचे उतरे थे।
बचाव करने उतरे लोगों की मौत का क्या कारण था?
कुएं के तल में भारी मात्रा में जमा जहरीली गैस के कारण उनका दम घुट गया और वे बेहोश होकर जान गंवा बैठे।
यह कुआं कितने समय से बंद पड़ा था?
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री के अनुसार, गांव के इस कुएं का इस्तेमाल पिछले 50 सालों से नहीं किया गया था।
ग्रामीण प्रशासन से नाराज क्यों थे?
स्थानीय लोगों का आरोप था कि राहत और बचाव दल काफी देरी से पहुंचा, और अगर वे समय पर आ जाते तो जानें बचाई जा सकती थीं।
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