शरीर का वजन केवल दिखावे की चीज नहीं है, बल्कि इसका सीधा नाता हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। अक्सर लोग तब तक अपनी फिटनेस को लेकर गंभीर नहीं होते जब तक डॉक्टर या शरीर खुद किसी गंभीर खतरे की घंटी न बजा दे। जब अधिक वजन हाथ से निकलने लगता है और मोटापे के लक्षण रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगते हैं, तब जाकर जीवनशैली में सुधार करने का विचार मन में आता है।
गुंजनशाउट्स पॉडकास्ट पर खुलकर चर्चा करते हुए, आदित्य ने अपने ट्रांसफॉर्मेशन का पूरा सफर साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने संतुलित आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने और अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके 98 किलो के वजन को सफलतापूर्वक 78 किलो पर ला खड़ा किया।
मोटापे के शुरुआती लक्षण और मेलबर्न का लॉकडाउन
आदित्य ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि वह उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए साल 2020 में मेलबर्न चली गईं। वहां पहुंचने के महज एक महीने बाद ही कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन लग गया, जिसके चलते उन्हें घर के भीतर रहकर ही कॉलेज की पढ़ाई पूरी करनी पड़ी। इस तरह की निष्क्रिय जीवनशैली के कारण उनका वजन धीरे-धीरे काफी बढ़ गया। उन्होंने जिम का रुख भी किया और वजन घटाने के कई अलग-अलग नुस्खे भी आजमाए, लेकिन अंदरूनी तौर पर वह काफी संघर्ष कर रही थीं और अपने खान-पान पर नियंत्रण रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।
बिगड़ती सेहत और स्वास्थ्य की चेतावनी
अपनी सेहत के बारे में आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि साल 2024 के अंतिम महीनों और 2025 की शुरुआत में उन्हें सांस लेने में खासी परेशानी महसूस होने लगी। उनके पैरों में सूजन आने लगी थी, हालांकि हैरान करने वाली बात यह थी कि उनकी सभी रक्त जांच रिपोर्ट सामान्य आ रही थीं। इसके अलावा उन्हें मोटापे से जुड़े अन्य लक्षण भी परेशान करने लगे थे, जिनमें पीठ का दर्द, घुटनों में तकलीफ और बिना किसी स्पष्ट वजह के शरीर में लगातार दर्द रहना शामिल था। परिवार के सदस्यों के बार-बार समझाने पर उनकी आंखें खुलीं और उन्होंने गुंजन तनेजा के फिटनेस और न्यूट्रिशन ग्रुप से जुड़ने का फैसला किया।
भारतीय खान-पान के साथ तैयार हुआ डाइट प्लान
पॉडकास्ट के दौरान बातचीत में आदित्य ने खुलासा किया कि अपना डाइट चार्ट बनवाने से पहले उन्होंने अपनी न्यूट्रिशनिस्ट को यह साफ कर दिया था कि उन्हें भारतीय खाना बेहद पसंद है और वजन घटाने की इस मुहिम के दौरान वह अपने खाने के स्वाद से बिल्कुल समझौता नहीं करना चाहती हैं। उनकी इसी पसंद को ध्यान में रखते हुए उनका खास डाइट प्लान तैयार किया गया।
- सुबह की शुरुआत- चिया सीड्स का पानी, अदरक और नींबू का पानी, सौंफ और अजवाइन का पानी, और इसके साथ एक मुट्ठी सूखे मेवे।
- ब्रेकफास्ट- एवोकैडो टोस्ट, पारंपरिक पोहा, एयर-फ्राइड ब्रेड पकौड़ा या पीनट बटर टोस्ट।
- नाश्ते के बाद का समय- मौसम के अनुसार ताजे फल।
- लंच- राजमा चावल या कढ़ी चावल, जिसके साथ 100 ग्राम सलाद और 100 ग्राम दही जरूर होती थी।
- इवनिंग स्नैक- भुने हुए मेवे, भुने हुए मखाने, भेल या खाखरा के साथ गरमागरम ग्रीन टी या कॉफी।
- डिनर- दाल और चावल, रागी या बाजरे की रोटी, ताजी सब्जियां, बीन्स या स्वादिष्ट पुलाव।
हाइड्रेशन और फिटनेस का सफर
अपने खान-पान पर पूरा ध्यान देने के साथ-साथ उन्होंने अपने शरीर में पानी की कमी नहीं होने दी। आदित्य ने बताया कि वह भरपूर मात्रा में पानी पीती थीं, जिससे उनकी मांसपेशियों में होने वाली ऐंठन काफी हद तक कम हो गई, जो वजन बढ़ने के बाद से उन्हें अक्सर परेशान करती थी।
संतुलित आहार लेने और लगातार शारीरिक गतिविधियां जारी रखने से उन्हें अपनी ऊर्जा के स्तर और समग्र स्वास्थ्य में बड़ा सुधार देखने को मिला। मोटापे की वजह से जो परेशानियां उन्हें घेर रही थीं, वे धीरे-धीरे कम होने लगीं। समय के साथ उन्होंने अपनी दिनचर्या में जिम जाना और कार्डियो एक्सरसाइज करना भी शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरुप उन्होंने कुल 20 किलो वजन कम करने में सफलता हासिल की।



















