बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर करने की दिशा में जहानाबाद जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के घोसी प्रखंड के निवासियों को जल्द ही आधुनिक इलाज की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगेंगी। यहाँ एक नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनकर लगभग तैयार हो चुका है, जिसके बाद स्थानीय मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों और सामान्य जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस नए अस्पताल भवन का निर्माण पुराने जर्जर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के ठीक बगल में किया गया है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
जर्जर भवन से मिलेगी मुक्ति और मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
घोसी प्रखंड का पुराना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से अत्यंत दयनीय और जर्जर स्थिति में था। कमरों की कमी और ढहती दीवारों के कारण यहाँ स्वास्थ्य सेवाओं को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर किसी तरह संचालित किया जा रहा था। इस अव्यवस्था से मरीजों के साथ-साथ चिकित्सा कर्मियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए यहाँ एक नए अस्पताल भवन का निर्माण शुरू किया गया था। अब 5.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक शानदार दो मंजिला इमारत पूरी तरह बनकर तैयार हो चुकी है। इस नई अस्पताल बिल्डिंग में मरीजों को 30 बेड की सुविधा के साथ-साथ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, डिजिटल एक्स-रे (X-RAY) रूम, पैथोलॉजी लैब और कई अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
जिला अस्पताल पर निर्भरता होगी खत्म
वर्तमान समय में घोसी PHC में मरीजों का इलाज तो किया जा रहा है, लेकिन अपर्याप्त जगह और चिकित्सा संसाधनों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को तुरंत जिला सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस समय जहानाबाद जिले का एकमात्र मुख्य सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल है, जो वर्तमान में एक अस्थाई फैब्रिकेटेड बिल्डिंग में चल रहा है। जिला अस्पताल पर पहले से ही मरीजों का अत्यधिक दबाव होने के कारण वहां अक्सर अफरा-तफरी का माहौल रहता है और मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, जब घोसी प्रखंड में यह 30 बेड वाला अत्याधुनिक अस्पताल सुचारू रूप से काम करना शुरू कर देगा, तो स्थानीय लोगों को इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
10 दिनों के भीतर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाएगा नया भवन
इस अस्पताल की अत्याधुनिक इमारत का निर्माण कार्य भलोठिया कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति पर बात करते हुए भलोठिया कंपनी के कांट्रैक्टर मनोज जैन ने स्पष्ट किया कि 30 बेड क्षमता वाले इस नए अस्पताल का भवन निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल फिनिशिंग से जुड़े कुछ छोटे-मोटे काम ही बचे हुए हैं, जिन्हें आगामी 10 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 10 दिनों में इस नवनिर्मित भवन को पूरी तरह से संबंधित सरकारी विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इस 5.75 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा का स्तर काफी ऊपर उठेगा।
जिलाधिकारी की औचक जांच के बाद काम में आई तेजी
इस नए अस्पताल भवन को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बीते शुक्रवार को जिले के जिलाधिकारी (DM) छिरिङ वाई भूटिया ने घोसी के पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और इस नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। अपने इस दौरे के दौरान जिला अधिकारी ने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और निर्माणाधीन भवन की भौतिक प्रगति का बहुत बारीकी से जायजा लिया था। जिलाधिकारी ने काम में हो रही देरी को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की थी और निर्माण एजेंसी को कड़ी चेतावनी देते हुए काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा था कि बचे हुए काम को तुरंत निपटाकर इमारत को बिना किसी देरी के स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जाए, जिसके बाद काम की रफ्तार में तेजी आई है।


















