आजकल इंटरनेट की दुनिया में सुंदरता बढ़ाने और रंगत निखारने के तमाम तरीके धड़ल्ले से शेयर किए जा रहे हैं। लोग महंगे सौंदर्य प्रसाधनों पर पैसे खर्च करने की बजाय घर की रसोई और बाजार में मिलने वाली चीजों से जुड़े वीडियो देखकर उन्हें खुद पर आजमाने लगे हैं। इन दिनों एक ऐसा ही अजीबोगरीब फॉर्मूला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें लोग ईनो, टूथपेस्ट और नींबू को मिलाकर एक लेप तैयार कर रहे हैं और उसे अपने शरीर तथा चेहरे पर लगा रहे हैं। इस अनोखे मिश्रण से त्वचा का सांवलापन दूर करने और गोरापन पाने का दावा किया जा रहा है, जिसे देखकर तमाम लोग बिना सोचे-समझे इसे ट्राई भी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के ट्रेंड और सैलून का बढ़ता चलन
दैनिक जीवन में लोग रील्स और शॉर्ट्स पर दिखाए जाने वाले इन नुस्खों को आंख मूंदकर सच मान लेते हैं। खासकर गर्दन के कालेपन को हटाने, बाजूओं की रंगत साफ करने और चेहरे पर चमक लाने के नाम पर इस तरह के अजीबोगरीब नुस्खे खूब अपनाए जा रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि लोग केवल घर पर ही नहीं, बल्कि ब्यूटी पार्लर और हेयर कटिंग की दुकानों पर भी इस प्रकार के खतरनाक प्रयोग करवाने से नहीं कतरा रहे हैं। लेकिन यह सोचना बेहद जरूरी है कि क्या पेट की गैस ठीक करने वाली दवा और दांत साफ करने वाले मंजन से कभी त्वचा गोरी हो सकती है या फिर यह सिर्फ सुंदरता की चाहत में खुद की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है?
विशेषज्ञों की चेतावनी और होम्योपैथी डॉक्टर की राय
जब इस पूरे मामले पर अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में सेवाएं दे रही होम्योपैथिक डॉ. रजिता से बातचीत की गई, तो उन्होंने इन वायरल वीडियो को लेकर गहरी चिंता जताई। उनका कहना है कि इंटरनेट पर रोजाना ऐसे अनगिनत वीडियो सामने आते हैं जिन्हें खासतौर पर बच्चे और युवा बहुत जल्दी सच मान बैठते हैं। इसके बाद वे किसी भी तरह के पेशेवर या विशेषज्ञ की सलाह लिए बिना इन खतरनाक तरीकों को अपनी नाज़ुक त्वचा पर आजमाना शुरू कर देते हैं। डॉक्टर ने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि गर्दन या बांहों के कालेपन से छुटकारा पाने के लिए ईनो, कोलगेट और नींबू का इस्तेमाल करना किसी भी लिहाज से सही नहीं है। किसी भी वस्तु को जिस खास काम के लिए तैयार किया गया है, उसका उपयोग उसी दायरे में होना चाहिए और खाने-पीने की चीजों को इस तरह त्वचा पर मलना उचित नहीं है।
त्वचा को हो सकता है भारी नुकसान
डॉ. रजिता ने आगाह करते हुए बताया कि चेहरे या शरीर पर ऐसी उल्टी-सीधी चीजें लगाने से कई प्रकार की गंभीर परेशानियां पैदा हो सकती हैं। इनमें त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, असहनीय खुजली होना, दाने निकलना और भयंकर जलन महसूस होना जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि त्वचा अंदर तक जल जाती है और उस पर छाले या निशान तक पड़ सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर किसी भी वीडियो में किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों को देखकर उन्हें सीधे अपने शरीर पर पोत लेना एक बड़ी भूल साबित हो सकता है।
विभिन्न उत्पादों के गलत इस्तेमाल के खतरे
ईनो के बारे में बात करते हुए उन्होंने विशेष तौर पर जोर देकर कहा कि इस पाउडर का निर्माण मुख्य रूप से एसिडिटी और पेट की गैस जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता है। इसे चेहरे या शरीर की त्वचा पर थोपकर गोरा होने की उम्मीद करना पूरी तरह गलत है। ठीक इसी प्रकार किसी भी चिकित्सीय परामर्श के बिना कोलगेट और नींबू को त्वचा के संपर्क में लाने से बचना बेहद आवश्यक है, क्योंकि नींबू का एसिड और मंजन के रसायन मिलकर त्वचा की प्राकृतिक नमी और सुरक्षा कवच को तहस-नहस कर सकते हैं।
त्वचा संबंधी विकारों में डॉक्टर की सलाह जरूरी
त्वचा से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर हमेशा लक्षणों को बारीकी से देखकर ही उचित उपचार किया जाना चाहिए। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में स्थिति के अनुसार कैंथारिस, अर्टिका यूरेंस और कैलेंडुला जैसी औषधियों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन इनका सेवन या लेप भी केवल चिकित्सक के निर्देशानुसार ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा पारंपरिक तौर पर त्वचा की देखभाल के लिए बेसन में थोड़ी सी हल्दी और ताजा दही मिलाकर पेस्ट तैयार करने जैसे पुराने उपाय काफी हद तक सुरक्षित माने जाते हैं। इसके साथ ही लोग अपनी त्वचा को पोषित करने के लिए नारियल तेल का उपयोग भी करते हैं, जो सदियों से चलन में है। हालांकि, किसी भी घरेलू या प्राकृतिक चीज को लगाने के तुरंत बाद यदि त्वचा पर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो, तो उसका इस्तेमाल तुरंत रोक देना चाहिए और फौरन किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
बच्चों को रखें ऐसे भ्रामक वीडियो से दूर
डॉ. रजिता ने अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा कि यदि घर के बच्चे इंटरनेट पर इस तरह की कोई भी सामग्री देखते हैं, तो उन्हें तुरंत उस विषय से दूर रखें। इसके अलावा सोशल मीडिया के इन झूठे दावों को सच मानकर शरीर की किसी भी बीमारी या समस्या को ठीक करने के लिए इनका प्रयोग बिल्कुल न किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि अगर चेहरे की प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखना ही है, तो पपीता और खीरे जैसी सेहतमंद चीजों का उपयोग करना काफी हद तक सही और सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा अपनी थकी हुई आंखों पर ठंडे खीरे के स्लाइस रखने से आंखों के आसपास के काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स को कम करने में भी काफी मदद मिल सकती है।



















