नाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तटाटा संस में एन चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार पर विवाद, नोएल टाटा ने बोर्ड के फैसले पर उठाई आपत्तिजनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालमूलांक 8 दैनिक अंकज्योतिष 27 अक्टूबर 2026: रिश्तों में बढ़ेगा सहयोग और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानीबेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर जनता का फैसला, गाजा युद्ध और सेना भर्ती विवाद के बीच नई संसद चुनने निकला इजरायलतारंगा हिल रेल प्रोजेक्ट: राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगी नई ब्रॉडगेज लाइन, अरावली में बन रही हैं विशाल सुरंगेंपर्यावरण के अनुकूल उद्यमों से करें मोटी कमाई, सौर ऊर्जा और कचरा प्रबंधन पर मिल रही बंपर सरकारी छूटरिपल को मिला ओसीसी का अंतिम अप्रूवल, नेशनल ट्रस्ट बैंक के जरिए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को मिलेगा सीधा फेडरल सपोर्ट
डेयरी के अलावा भी हैं कैल्शियम के कई विकल्प, जानें मजबूत हड्डियों के लिए किन चीजों को करें डाइट में शामिलस्वास्थ्य
30 अग॰ 2026, 2:16 pm (58 दिन पहले)· 3

डेयरी के अलावा भी हैं कैल्शियम के कई विकल्प, जानें मजबूत हड्डियों के लिए किन चीजों को करें डाइट में शामिल

दूध और दही के अलावा रागी, तिल, सोया और हरी सब्जियों से भी पर्याप्त कैल्शियम हासिल किया जा सकता है, जो हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं।

कैल्शियम हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण खनिजों में से एक है, जो न केवल हड्डियों और दांतों की बनावट को सुदृढ़ रखता है बल्कि मांसपेशियों की कार्यप्रणाली और तंत्रिका तंत्र के सुचारू संचालन में भी मुख्य भूमिका निभाता है। जब भी शरीर में कैल्शियम की आपूर्ति बढ़ाने की बात आती है, तो अधिकांश लोग केवल दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों को ही प्राथमिक विकल्प मानते हैं। हालांकि, जो लोग लैक्टोज इनटोलरेंस से पीड़ित हैं, वीगन जीवनशैली का पालन करते हैं, या डेयरी उत्पादों का सेवन कम करते हैं, उनके लिए खानपान के कई अन्य प्राकृतिक विकल्प मौजूद हैं। संतुलित खानपान के माध्यम से सही मात्रा में कैल्शियम प्राप्त करना बेहद आसान है, बशर्ते आपको इसके विविध स्रोतों की सही जानकारी हो।

रोजाना की जरूरत और शरीर में कैल्शियम की भूमिका

शरीर की आवश्यकताएं उम्र और जीवन के विभिन्न चरणों के आधार पर बदलती रहती हैं। सामान्य वयस्कों को दैनिक रूप से लगभग 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करने की सिफारिश की जाती है। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, इसलिए 51 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और 71 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को प्रतिदिन लगभग 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार, बच्चों और किशोरों के शारीरिक विकास और अस्थि संरचना के निर्माण के दौरान पर्याप्त कैल्शियम की अत्यंत आवश्यकता होती है। यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि केवल कैल्शियम युक्त भोजन करना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर में इस खनिज के सही अवशोषण और उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन D की उपस्थिति अनिवार्य होती है। यदि शरीर में विटामिन D का स्तर कम है, तो भोजन से कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।

ये भी पढ़ें

अनाज और बीजों से प्राप्त होने वाले मुख्य स्रोत

अनाजों की बात करें तो रागी यानी फिंगर मिलेट को कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। जो लोग दूध या अन्य डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं कर पाते, उनके लिए रागी दैनिक खुराक पूरा करने का एक बेहतरीन माध्यम है। इसे अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल करने के लिए रागी की रोटी, डोसा, चीला, दलिया या रागी की खिचड़ी बनाकर खाई जा सकती है। इसके अलावा, सफेद और काले तिल भी कैल्शियम के समृद्ध स्रोत हैं। तिल को कई प्रकार से आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है, जैसे कि चटनी, लड्डू, सलाद में मिलाकर या पकी हुई सब्जियों के ऊपर गार्निश के रूप में। हालांकि, तिल में कैलोरी और वसा की मात्रा भी काफी अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन बहुत अधिक मात्रा में करने के बजाय संतुलित तरीके से करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है।

सोया उत्पाद और प्लांट-बेस्ड विकल्प

सोया से तैयार किए गए खाद्य पदार्थ उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं जो डेयरी से दूरी बनाए रखते हैं। टोफू और सोया मिल्क ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो कैल्शियम की अच्छी खुराक प्रदान करते हैं। हालांकि, बाजार में मिलने वाले सभी सोया उत्पादों में कैल्शियम का स्तर एक समान नहीं होता है। इसलिए, पैकेज्ड सोया उत्पाद खरीदते समय उनके पोषण तथ्य (Nutrition Facts) लेबल को ध्यान से देखना चाहिए ताकि सही मात्रा का पता चल सके। इसके अलावा, बादाम और कैल्शियम से फोर्टिफाइड प्लांट-बेस्ड मिल्क (जैसे बादाम मिल्क या ओट मिल्क) भी आहार में शामिल किए जा सकते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां और ऑक्सालेट का प्रभाव

सब्जियों के माध्यम से भी शरीर को अच्छी मात्रा में कैल्शियम उपलब्ध कराया जा सकता है। केल, बोक चॉय, ब्रोकली और सरसों का साग जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां पोषण का अच्छा स्रोत हैं। पारंपरिक भारतीय भोजन में सरसों के साग और अन्य स्थानीय हरी सब्जियों को शामिल करके दैनिक कैल्शियम की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। सब्जियों का सेवन करते समय एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए—पालक में कैल्शियम तो मौजूद होता है, लेकिन इसके साथ ही इसमें ऑक्सालेट की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। ऑक्सालेट एक ऐसा यौगिक है जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण की प्रक्रिया में बाधा डालता है, जिससे शरीर इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाता।

सीफूड के स्रोत और सप्लीमेंट्स पर चिकित्सकीय सलाह

मांसाहारी आहार का पालन करने वालों के लिए कुछ विशेष प्रकार की छोटी मछलियां कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत साबित होती हैं, खासकर वे मछलियां जिन्हें उनकी हड्डियों के साथ चबाकर खाया जाता है। इन सभी प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के अलावा, यदि किसी व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम की गंभीर कमी है, तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स का सहारा लिया जा सकता है। हालांकि, बिना डॉक्टरी सलाह या किसी विशेषज्ञ की देखरेख के खुद से उच्च खुराक वाले कैल्शियम सप्लीमेंट शुरू करने से बचना चाहिए। अत्यधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने से शरीर में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए आहार में बदलाव या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (डाइटीशियन) का परामर्श अवश्य लें।

सवाल-जवाब

वयस्कों को रोजाना कितने कैल्शियम की जरूरत होती है?
वयस्कों को रोजाना लगभग 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। 51 वर्ष से अधिक की महिलाओं और 71 वर्ष से अधिक के पुरुषों के लिए यह आवश्यकता बढ़कर 1,200 मिलीग्राम प्रतिदिन हो जाती है।
क्या बिना दूध-दही के भी कैल्शियम की कमी पूरी की जा सकती है?
हां, रागी, तिल, टोफू, सोया मिल्क, केल, ब्रोकली और छोटी मछलियों जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करके बिना डेयरी के भी कैल्शियम की पूर्ति की जा सकती है।
कैल्शियम के अवशोषण के लिए कौन सा विटामिन जरूरी है?
शरीर में कैल्शियम के सही अवशोषण और उपयोग के लिए विटामिन D का होना बेहद जरूरी है। इसके बिना कैल्शियम का पूरा लाभ शरीर को नहीं मिल पाता।
पालक में कैल्शियम होने के बावजूद इसका अवशोषण कम क्यों होता है?
पालक में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो एक ऐसा यौगिक है जो कैल्शियम के साथ जुड़कर इसके अवशोषण को कम कर देता है।
क्या बिना डॉक्टरी सलाह के हाई-डोज कैल्शियम सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है?
नहीं, खुद से उच्च खुराक वाले सप्लीमेंट शुरू करने से बचना चाहिए। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ का परामर्श लेना आवश्यक है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp