बालों को घना बनाने में रोजमेरी या करी पत्ता, जानिए वैज्ञानिक रिसर्च का क्या है फैसलाछपवा के केला प्लांट संचालक ने बताया एसी और केमिकल से पके केले में अंतर, इस तरह करें असली पहचान72 गानों वाली भारतीय क्लासिक जिसका वर्ल्ड रिकॉर्ड आज भी अटूट हैअभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में रचा इतिहास, 25 या उससे कम गेंदों में 12वीं बार पचास रन बनाकर स्थापित किया कीर्तिमानइंग्लैंड में एशेज 2027 खेलने पर स्टीव स्मिथ का संशय, ओलंपिक 2028 और टी20 लीग पर टिका ध्यानइटली में रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की सीक्रेट शादी के अनसुने किस्से आए सामने, सिर्फ 13 मेहमान थे मौजूदआकिब जावेद और वहाब रियाज पर गिर सकती है गाज, पीसीबी में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारीओवल में नंबर 10 और 11 के दो भारतीय बल्लेबाजों ने जब जड़े थे शतक, आठ दशकों तक कायम रहा कीर्तिमानद पैराडाइज रिव्यू (2026): स्पेशल स्क्रीनिंग में नानी के जादल अवतार की धूम, जानिए कैसा है फर्स्ट हाफनीम करौली बाबा पर बनी 2 करोड़ की फिल्म ने रचा इतिहास, कम बजट वाली ब्लॉकबस्टर की पुरानी यादें ताजा
मजबूत हड्डियों के लिए 45 की उम्र के बाद आजमाएं ये 5 कैल्शियम विकल्प, नहीं पड़ेगी केवल दूध पर निर्भर रहने की जरूरतस्वास्थ्य
19 सित॰ 2026, 9:23 pm (2 घंटे पहले)· 0

मजबूत हड्डियों के लिए 45 की उम्र के बाद आजमाएं ये 5 कैल्शियम विकल्प, नहीं पड़ेगी केवल दूध पर निर्भर रहने की जरूरत

बढ़ती उम्र में हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए केवल दूध पीना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। रागी, तिल, टोफू और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पौष्टिक विकल्पों को आहार में जोड़कर हड्डियों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

उम्र के 45वें पड़ाव पर पहुंचते ही इंसानी शरीर में पोषण की जरूरतें बदलने लगती हैं। इस दौर में जोड़ों और हड्डियों के ढांचे को मजबूत बनाए रखना सबसे अहम प्राथमिकता बन जाता है, जिसके लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम की दरकार होती है। अधिकांश लोग कैल्शियम की पूर्ति के लिए केवल दूध पर आश्रित रहते हैं, लेकिन खानपान में ऐसे कई अन्य पोषक तत्व मौजूद हैं जो शरीर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकते हैं। सही खाद्य पदार्थों का संतुलन बनाकर हड्डियों के घनत्व को सुरक्षित रखा जा सकता है।

रागी से बनाएं पोषण से भरपूर व्यंजन

फिंगर मिलेट यानी रागी को कैल्शियम का एक बड़ा भंडार माना जाता है। इस अनाज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें प्रचुर कैल्शियम के साथ-साथ भरपूर मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है। 45 साल की उम्र पार कर चुके लोग रागी के आटे से बनी रोटी, डोसा, चिल्ला या फिर स्वादिष्ट दलिया बनाकर अपनी नियमित खुराक में शामिल कर सकते हैं। इससे रोजाना के भोजन में विविधता आने के साथ जरूरी खनिज भी आसानी से मिल जाते हैं।

ये भी पढ़ें

तिल के बीजों से मिलेगा भरपूर पोषण

सफेद और काले तिल दोनों ही प्रकार के बीजों में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। इनको आहार का हिस्सा बनाना बेहद आसान है। तिल को चटनी, पारंपरिक लड्डू, ताजे सलाद के ऊपर डालकर अथवा सूखी सब्जियों पर छिड़ककर खाया जा सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि तिल में वसा और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन करते समय उचित मात्रा का संतुलन साधना जरूरी है।

सोयाबीन और टोफू का बेहतरीन विकल्प

सोयाबीन और उससे तैयार खाद्य पदार्थ कैल्शियम का एक उत्कृष्ट जरिया हैं। विशेष रूप से टोफू उन व्यक्तियों के लिए सबसे उपयोगी विकल्प है जो किसी कारणवश दूध या डेयरी उत्पादों का सेवन करने से बचते हैं। टोफू को दैनिक सब्जियों, हल्के स्टिर-फ्राई व्यंजनों या सलाद में मिलाकर बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक तरीके से परोसा जा सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियों की शक्ति

हरी सब्जियों में पालक, केल, सरसों का साग और अन्य पत्तेदार साग कैल्शियम का प्राकृतिक स्रोत प्रस्तुत करते हैं। इनको सूप, दालों और सामान्य सब्जियों के व्यंजनों में मिलाकर तैयार किया जा सकता है। भोजन की थाली में तरह-तरह की हरी सब्जियों को शामिल करने से कैल्शियम के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत भी पूरी होती है।

दही और पनीर जैसे अन्य डेयरी विकल्प

यदि सादा दूध पीना पसंद न हो, तो दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम की आपूर्ति का शानदार जरिया बनते हैं। कम चीनी या बिना मीठे वाले दही को दोपहर या रात के भोजन के साथ लिया जा सकता है, जबकि पनीर को विभिन्न सब्जियों, सलाद या हल्के नाश्ते के रूप में आसानी से उपयोग में लाया जा सकता है।

विटामिन D और नियमित देखभाल भी है जरूरी

शरीर में सिर्फ कैल्शियम की खुराक पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसका सही अवशोषण होना भी उतना ही आवश्यक है। हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन D सबसे अनिवार्य कड़ी है, क्योंकि इसके बिना शरीर कैल्शियम का पूरा उपयोग नहीं कर पाता। इसलिए पोषक तत्वों से युक्त संतुलित भोजन के साथ शारीरिक सक्रियता बनाए रखना और चिकित्सक के परामर्श पर नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना हड्डियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम है।

सवाल-जवाब

45 की उम्र के बाद हड्डियों के लिए कौन से पोषक तत्व सबसे जरूरी हैं?
हड्डियों की मजबूती और जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से कैल्शियम और विटामिन D की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
दूध के अलावा कौन सा अनाज कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत है?
रागी (फिंगर मिलेट) कैल्शियम का सबसे बेहतरीन अनाज स्रोत है, जिसमें कैल्शियम के साथ प्रचुर मात्रा में फाइबर भी मिलता है।
जो लोग दूध नहीं पीते, उनके लिए क्या विकल्प हैं?
डेयरी उत्पादों से परहेज करने वाले लोग टोफू, सोयाबीन, रागी, तिल और हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
तिल खाते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
तिल में प्रचुर कैल्शियम के साथ अधिक वसा और कैलोरी होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित और संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।
कैल्शियम के साथ विटामिन D क्यों जरूरी है?
विटामिन D के बिना शरीर कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित और उपयोग नहीं कर पाता, इसलिए हड्डियों की मजबूती के लिए दोनों का संतुलन जरूरी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp