आज के दौर में बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों की तादाद बहुत ज्यादा हो गई है। बाजार में कई तरह के हेयर ऑयल, महंगे शैम्पू और बायोटिन सप्लीमेंट्स मौजूद हैं, जिन्हें इस्तेमाल कर लोग हेयर फॉल रोकने का दावा करते हैं। लेकिन क्या सच में इन चीजों का कोई असर होता है? डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट & स्किन क्लिनिक की फाउंडर डॉ. आंचल पंथ ने बालों से जुड़ी इन गलत धारणाओं की सच्चाई सामने रखी है।
क्या वाकई तेल से झड़ना रुकता है?
बहुत से लोग यह मानते हैं कि बालों में तेल लगाने से उनका झड़ना कम हो जाता है। डॉ. आंचल पंथ के अनुसार, हेयर ऑयल बालों को पोषण जरूर देता है और उन्हें मजबूत बनाता है, लेकिन इसे हेयर फॉल रोकने का इलाज नहीं माना जा सकता। तेल बालों की ऊपरी सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जो बालों की रूखापन और उलझन को कम करने में मदद करती है। इससे क्षतिग्रस्त बालों के टूटने में कमी आ सकती है। हालांकि, डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहे लोगों को स्कैल्प पर तेल लगाने से बचना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रात भर सिर में तेल लगाकर रखने से कोई खास लाभ नहीं होता, इसलिए बाल धोने से केवल 2 घंटे पहले तेल लगाना ही काफी है।
शैम्पू की भूमिका और सीमित असर
दूसरा सबसे बड़ा भ्रम यह है कि खास तरह के शैम्पू लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं। सच्चाई यह है कि शैम्पू का मुख्य काम केवल स्कैल्प को साफ रखना होता है। शैम्पू में मौजूद सर्फेक्टेंट स्कैल्प से गंदगी, पसीने और सीबम को हटाते हैं। यदि आपके बाल रूखे हैं, तो आप नारियल, एवोकाडो या आर्गन ऑयल जैसे मॉइस्चराइजिंग तत्वों वाले शैम्पू चुन सकते हैं। अगर बाल पतले हो रहे हैं, तो कैफीन युक्त शैम्पू का इस्तेमाल मददगार हो सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी स्थिति में शैम्पू हेयर फॉल की जड़ को खत्म नहीं कर सकता।
बायोटिन सप्लीमेंट का सच
अक्सर लोग बाल झड़ने पर सीधे बायोटिन सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं। डॉ. आंचल पंथ का कहना है कि सिर्फ बायोटिन की कमी से बाल नहीं झड़ते। बालों के झड़ने के पीछे अक्सर आयरन, विटामिन D, विटामिन B, जिंक और सेलेनियम जैसे अन्य पोषक तत्वों की कमी होती है। किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना सबसे सही रहता है ताकि यह पता चल सके कि शरीर को असल में किस चीज की जरूरत है। किसी भी सप्लीमेंट का असर दिखने के लिए कम से कम 3 महीने का नियमित सेवन अनिवार्य है।



















