बरसात का मौसम आते ही हवा और हमारे आसपास के वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक बढ़ जाता है। वातावरण में मौजूद यह अत्यधिक नमी बैक्टीरिया, फंगस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों के पनपने और फैलने के लिए बेहद अनुकूल माहौल तैयार करती है। ऐसे मौसम में अपने दैनिक खान-पान को लेकर विशेष सावधानी और सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक हो जाता है। सब्जियों को बाजार से खरीदते, घर पर धोते और पकाते समय की गई जरा सी भी लापरवाही पेट के गंभीर संक्रमण और पाचन संबंधी परेशानियों का कारण बन सकती है। मानसून के इस संवेदनशील समय में डॉक्टर सुनीता ने सब्जियों के सही चुनाव, उनकी गहन सफाई और खान-पान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सावधानियां साझा की हैं।
बरसात में किन सब्जियों को खरीदते समय सतर्कता बरतनी चाहिए
डॉक्टर सुनीता के अनुसार, बारिश के दिनों में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करते समय बहुत अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि इनकी पत्तियों और परतों के बीच नमी, मिट्ठी और सूक्ष्मजीव आसानी से छिपे रह सकते हैं। इसके अलावा, फूलगोभी और मशरूम जैसी सब्जियों को भी बाजार से खरीदते समय बेहद सोच-समझकर जांचना चाहिए। दैनिक उपयोग में आने वाली गाजर, मूली और टमाटर खरीदते समय भी उनकी ताजगी की अच्छी तरह से पुष्टि कर लेनी चाहिए। यदि किसी सब्जी में सड़न, किसी प्रकार की बदबू या खराब होने का कोई भी संकेत दिखे, तो उसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऐसी सब्जियों को घर लाकर अन्य खाद्य पदार्थों के साथ रखने के बजाय तुरंत अलग करके फेंक देना ही बेहतर विकल्प है।
सब्जियों की सफाई और उन्हें काटने के सही तरीके
मानसून के मौसम में सब्जियों को पकाने से पहले उनकी स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना अत्यंत अनिवार्य है। डॉक्टर का कहना है कि सब्जियों को काटने या छीलने से पहले ही साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। इसके पश्चात, सब्जियों को नमक मिले पानी से धोकर फिर बहते हुए साफ पानी में अच्छी तरह खंगालना चाहिए। यह तरीका सब्जियों पर जमी धूल-मिट्टी और अन्य दूषित पदार्थों को पूरी तरह हटाने में काफी मददगार साबित होता है। इसके अतिरिक्त, सब्जियों को काटने के बाद उन्हें काफी देर तक खुले में रखने से बचना चाहिए। नमी वाले वातावरण में कटी हुई सब्जियों की सतह पर बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए काटने के तुरंत बाद ही उन्हें पकाकर खा लेना चाहिए।
सुरक्षित आहार विकल्प और कमजोर पाचन तंत्र की देखभाल
बारिश के इस मौसम में डॉक्टर सुनीता ने लौकी और भिंडी जैसी सब्जियों को नियमित डाइट में शामिल करने की सलाह दी है, क्योंकि ये पचने में हल्की और सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, इन्हें भी पकाने से पहले अच्छी तरह साफ करना और इनकी ताजगी की जांच करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान इंसानी पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त और कमजोर पड़ जाता है। ऐसी स्थिति में अत्यधिक मसालेदार या क्षमता से अधिक खाना खाने से पेट संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए हल्का और संतुलित भोजन लेने के साथ-साथ सब्जियों की साफ-सफाई पर ध्यान देकर आप मानसून में संक्रमण और पेट की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।



















