हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक श्मशानघाट परिसर में भारतीय जनता पार्टी के एक नेता और उनके परिवार के लोगों की तस्वीरें मिलने से स्थानीय स्तर पर सनसनी फैल गई है। इस घटना के सामने आने के बाद से ग्रामीणों में डर और हैरानी का माहौल है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि इन तस्वीरों के जरिए किसी प्रकार का तंत्र-मंत्र या काला जादू करने की कोशिश की गई है। हालांकि इस कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों की अभी तक कोई पहचान नहीं हो सकी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे असल मकसद क्या था।
नारी-चिंतपूर्णी पंचायत का मामला
यह पूरी घटना ऊना जिले की नारी-चिंतपूर्णी पंचायत के अंतर्गत आने वाले इलाके की है। मंगलवार शाम को वार्ड नंबर-पांच में बने स्थानीय श्मशानघाट के भीतर ये संदिग्ध वस्तुएं और तस्वीरें बरामद हुईं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस स्थान पर तांत्रिक क्रियाएं या काले जादू से जुड़ा अनुष्ठान किया गया था। इस बात को बल इसलिए मिल रहा है क्योंकि ये सभी तस्वीरें एक सफेद कपड़े के अंदर करीने से लपेटी हुई थीं। इसके साथ ही वहां पर खाने-पीने की कुछ सामग्रियां भी रखी हुई थीं, जिन्हें बाद में वहां घूम रहे आवारा कुत्ते खींचकर अपने साथ ले गए। घटना के समय शाम का वक्त था और दशहरा का दिन होने के कारण चारों तरफ अंधेरा भी था। इसके अलावा श्मशानघाट के आसपास काफी लंबी घास उगी हुई थी, जिसके चलते उस वक्त वहां मौजूद ग्रामीण उन तमाम वस्तुओं और तस्वीरों की सही गिनती नहीं कर पाए थे।
सोशल मीडिया से निकाली गईं तस्वीरें
जांच में सामने आया है कि बरामद की गई तस्वीरें सफेद कपड़े में कसकर लिपटी हुई थीं और सबसे डराने वाली बात यह थी कि हर एक तस्वीर पर तीन-तीन लोहे की कीलें ठोकी गई थीं। इसके अलावा मौके पर अंतिम संस्कार के दौरान इस्तेमाल होने वाली कुछ सामग्रियां भी बिखरी हुई मिलीं। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि इन तस्वीरों को वहां किसने और किस बुरी नीयत से रखवाया था। नारी गांव के वार्ड नंबर-तीन के रहने वाले कारोबारी और युवा भाजपा नेता सुनीश डढवाल ने इस मामले पर जानकारी दी है कि इन मिली हुई तस्वीरों में उनकी खुद की तस्वीर भी शामिल है। उन्होंने बताया कि उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से निकालकर उसका प्रिंट निकलवाया गया है। इस गंभीर घटना के बाद उन्होंने पुलिस के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया है।
पंचायत प्रतिनिधियों की तस्वीरें भी शामिल
इस सनसनीखेज मामले में केवल भाजपा नेता ही नहीं, बल्कि अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाया गया है। पंचायत के उपप्रधान सुरेंद्र कुमार सोनी की तस्वीर भी उसी सफेद कपड़े के भीतर लिपटी हुई पाई गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सफेद कपड़े के साथ जो खाद्य सामग्रियां रखी थीं, उन्हें आवारा कुत्ते उठाकर ले गए। चूंकि उस समय घना अंधेरा था और आसपास लंबी-लंबी घास उगी हुई थी, इसलिए ग्रामीण उस पूरे स्थान का ठीक से मुआयना नहीं कर सके। इस वजह से वहां रखी गई कुल तस्वीरों और अन्य रहस्यमय वस्तुओं की सही संख्या का खुलासा नहीं हो सका है। पंचायत की प्रधान प्रवीण वाला ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें इस घटना की शिकायत मिल चुकी है। हालांकि अभी तक यह मामला सीधे तौर पर पुलिस थाने तक नहीं पहुंचा है, लेकिन जल्द ही पुलिस को लिखित शिकायत देने की तैयारी चल रही है ताकि इस अजीबोगरीब कृत्य की गहराई से जांच की जा सके और दोषियों का पता लगाया जा सके।



















