क्या है पूरा मामला
पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में हुए चर्चित कैशियर हत्याकांड में अब बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुमार मेडिकल स्टोर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों को पुलिस ने पहचान लिया है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर से जुड़ रहे तार
TrendKia को मिली विशेष जानकारी के मुताबिक, इस हत्या में शामिल आरोपियों का संबंध जम्मू और कश्मीर से बताया जा रहा है। जांच से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह पहला मौका है जब शूटर जम्मू-कश्मीर से आकर चंडीगढ़ में इस तरह की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए हों। पुलिस के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों की पहचान लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
घटनास्थल पर दहशत और रंगदारी की कॉल
सोमवार को TrendKia की टीम ने सेक्टर-11 की कैमिस्ट मार्केट का मौके पर जाकर जायजा लिया। यह वही जगह है जहां दो दिन पहले ताबड़तोड़ फायरिंग में जानकी दास की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही इलाके के दुकानदारों के पास रंगदारी की कॉल आ रही हैं, जिसके चलते दुकानों के बाहर पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है। दूसरी ओर, जिस कुमार मेडिकोस दुकान पर गोलियां चली थीं, वह अब खुली हुई है और खुद दुकान मालिक वहां मौजूद रहकर कामकाज देख रहे हैं। दुकान पर ग्राहकों की सामान्य आवाजाही बनी हुई है।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
गौरतलब है कि शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे दो शूटरों ने दुकान के कैशियर पर गोलियां बरसाईं और मौके से भाग निकले। आरोपी बाइक पर सवार होकर पहुंचे थे और वारदात के तुरंत बाद वहां से फरार हो गए। भागने से पहले आरोपियों ने बस स्टैंड के सामने खजेड़ी में नए कपड़े खरीदे, फिर एक नाई की दुकान में अपने कपड़े बदले और निकल गए। इसके बाद उन्होंने बस स्टैंड से बस पकड़ी और फरार हो गए। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
कौन थे जानकी दास
शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे जानकी दास के परिजनों को सौंप दिया गया है। वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू के दलगांव के रहने वाले थे और पिछले 24 साल से इसी दुकान में काम कर रहे थे।













