रविवार को बाहर निकलने से पहले मौसम जरूर देखें
IMD ने 21 जून 2026 यानी रविवार के लिए उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी मौसम चेतावनी जारी की है। अगर आप हरियाणा, चंडीगढ़ या हिमाचल प्रदेश में हैं और यात्रा की कोई योजना है, तो उसे टालने में ही समझदारी होगी। एक शक्तिशाली वेदर सिस्टम के चलते इन इलाकों में तेज आंधी, बिजली की कड़क और तूफानी हवाओं का कहर बरपने वाला है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में सबसे कड़ी चेतावनी
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार 21 जून को हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बिजली के साथ भयंकर आंधी-तूफान का खतरा है। इस दौरान हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, और तेज झोंकों में यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इतनी रफ्तार में कच्चे मकान, पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 20 जून से 23 जून के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर बारिश होने की पूरी संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर येलो अलर्ट का साया
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश भी इस बदलाव से अछूता नहीं रहेगा। मौसम केंद्र ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए ऊंचाई वाले इलाकों में हालात बिगड़ने का अनुमान जताया है।
- लाहौल-स्पीति और किन्नौर: इन दोनों जिलों में हल्की बर्फबारी सहित बारिश होने की प्रबल संभावना है।
- चंबा, कुल्लू और शिमला: इन जिलों के ऊपरी हिस्सों में मौसम बुरी तरह बिगड़ेगा, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।
इस मौसम बदलाव के पीछे क्या है असली वजह?
मौसम में इस अचानक उलटफेर की जड़ में दो मुख्य सिस्टम हैं। पहला, उत्तर पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के ऊपर 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में सक्रिय है। दूसरा, पंजाब से लेकर बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजरती एक मजबूत सीजनल ट्रफ लाइन भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है। अरब सागर से आने वाली नमी इन दोनों सिस्टम से मिलकर मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भारी हलचल पैदा कर रही है।
गर्मी से राहत के लिए और कितना इंतजार?
अगले 48 घंटों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। लेकिन इस अवधि के बाद पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे इस तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
IMD की जरूरी सुरक्षा सलाह
- बिजली कड़कने या तूफान के दौरान किसी भी पेड़ के नीचे शरण न लें और कंक्रीट की दीवार से सटकर भी न खड़े हों।
- घर में मौजूद सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- नदी, नाले या तालाब के किनारे से दूर रहें, क्योंकि ये जगहें बिजली को आकर्षित कर सकती हैं।
- पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में न बांधें और उन्हें किसी सुरक्षित, पक्के शेड में ले जाएं।













