सनी देओल और अमृता सिंह की डेब्यू फिल्म बेताब के 43 साल, जानिए 1.5 करोड़ के बजट वाली फिल्म की ऐतिहासिक कमाईपंजाब विधानसभा चुनाव में भगवंत मान से सियासी मुकाबले को तैयार हुए अमरिंदर सिंह राजा वडिंगबिहार में एमबीबीएस एडमिशन के लिए केवल एम्स पटना पर न रहें निर्भर, 630 से 640 मार्क्स पर भी इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मिलेगी सीटद हंड्रेड में छक्का जड़कर सबसे आगे निकले जॉस बटलर, कायरन पोलार्ड को पछाड़ रचा नया टी20 वर्ल्ड रिकॉर्डटेड लासो सीजन 4 रिव्यू (2026): पुरानी चमक खो चुका एक फीका और जबरन खिंचा हुआ कमबैकरसड़ा से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में निधन, अखिलेश यादव ने व्यक्त की संवेदना17 अगस्त 2026 को सूर्य का स्वराशि सिंह में महागोचर, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि वालों की खुलेगी किस्मतबसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली में निधन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोकराजकुमार संतोषी की 'बंटवारा 1947' को सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के दी मंजूरी, मिला 'A' सर्टिफिकेटअनुच्छेद 370 निरसन के 7 साल बाद इंफ्रास्ट्रक्चर और रिकॉर्ड पर्यटन के दम पर तेजी से बदला जम्मू-कश्मीर
हरियाणा-चंडीगढ़ में 60 किमी की तूफानी हवाओं की चेतावनी, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर येलो अलर्ट जारीहिमाचल प्रदेश
21 जून 2026, 5:14 am (46 दिन पहले)· 7

हरियाणा-चंडीगढ़ में 60 किमी की तूफानी हवाओं की चेतावनी, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर येलो अलर्ट जारी

IMD ने 21 जून 2026 को हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के लिए खतरनाक मौसम अलर्ट जारी किया है। 60 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाओं और बिजली की चेतावनी के साथ पहाड़ी इलाकों में येलो अलर्ट लागू किया गया है।

IMD ने 21 जून 2026 यानी रविवार के लिए उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी मौसम चेतावनी जारी की है। अगर आप हरियाणा, चंडीगढ़ या हिमाचल प्रदेश में हैं और यात्रा की कोई योजना है, तो उसे टालने में ही समझदारी होगी। एक शक्तिशाली वेदर सिस्टम के चलते इन इलाकों में तेज आंधी, बिजली की कड़क और तूफानी हवाओं का कहर बरपने वाला है।

हरियाणा और चंडीगढ़ में सबसे कड़ी चेतावनी

IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार 21 जून को हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बिजली के साथ भयंकर आंधी-तूफान का खतरा है। इस दौरान हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, और तेज झोंकों में यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। इतनी रफ्तार में कच्चे मकान, पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 20 जून से 23 जून के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में छिटपुट से लेकर व्यापक स्तर पर बारिश होने की पूरी संभावना है।

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर येलो अलर्ट का साया

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश भी इस बदलाव से अछूता नहीं रहेगा। मौसम केंद्र ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए ऊंचाई वाले इलाकों में हालात बिगड़ने का अनुमान जताया है।

  • लाहौल-स्पीति और किन्नौर: इन दोनों जिलों में हल्की बर्फबारी सहित बारिश होने की प्रबल संभावना है।
  • चंबा, कुल्लू और शिमला: इन जिलों के ऊपरी हिस्सों में मौसम बुरी तरह बिगड़ेगा, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।

इस मौसम बदलाव के पीछे क्या है असली वजह?

मौसम में इस अचानक उलटफेर की जड़ में दो मुख्य सिस्टम हैं। पहला, उत्तर पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के ऊपर 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में सक्रिय है। दूसरा, पंजाब से लेकर बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजरती एक मजबूत सीजनल ट्रफ लाइन भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है। अरब सागर से आने वाली नमी इन दोनों सिस्टम से मिलकर मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भारी हलचल पैदा कर रही है।

गर्मी से राहत के लिए और कितना इंतजार?

अगले 48 घंटों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। लेकिन इस अवधि के बाद पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे इस तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

IMD की जरूरी सुरक्षा सलाह

  • बिजली कड़कने या तूफान के दौरान किसी भी पेड़ के नीचे शरण न लें और कंक्रीट की दीवार से सटकर भी न खड़े हों।
  • घर में मौजूद सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
  • नदी, नाले या तालाब के किनारे से दूर रहें, क्योंकि ये जगहें बिजली को आकर्षित कर सकती हैं।
  • पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में न बांधें और उन्हें किसी सुरक्षित, पक्के शेड में ले जाएं।

सवाल-जवाब

21 जून को हरियाणा और चंडीगढ़ में हवाओं की रफ्तार कितनी हो सकती है?
आंधी के दौरान हवाएं 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी और तेज झोंकों में यह 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश के किन जिलों में बर्फबारी की संभावना है?
IMD के अनुसार लाहौल-स्पीति और किन्नौर में हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।
बारिश और आंधी का यह दौर कब तक चलेगा?
20 जून से 23 जून 2026 के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इस मौसम बदलाव के पीछे कौन सा वेदर सिस्टम जिम्मेदार है?
उत्तर पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब से बिहार तक फैली ट्रफ लाइन मिलकर यह हलचल पैदा कर रहे हैं।
क्या इस तूफान के बाद तापमान में राहत मिलेगी?
अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
बिजली कड़कने के दौरान कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?
पेड़ों के नीचे न रुकें, पानी के स्रोतों के पास न जाएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अनप्लग करें और घर के भीतर सुरक्षित रहें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR