शनिवार तड़के उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कुल पांच लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहला हादसा उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुआ, जहां खड़ी बस में पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। वहीं दूसरा दर्दनाक वाकया मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आया, जहां एक अनियंत्रित ट्रक ने मोटरसाइकिल सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों ही घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टायर जांच रहे दो चालकों की मौत
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में यह दुर्घटना हैदरगढ़ क्षेत्र के सुबेहा थाना अंतर्गत गेरांवा गांव के पास पेश आई। घटना पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 52.7 किलोमीटर बिंदु पर शनिवार सुबह करीब 5 बजे हुई। यह निजी बस लगभग 80 यात्रियों को लेकर दिल्ली से बिहार की ओर जा रही थी। रास्ते में बस के दोनों चालक गाड़ी को किनारे रोककर पहियों में हवा की स्थिति जांच रहे थे। उसी दौरान पीछे से आ रहे एक भारी ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के दोनों चालकों की घटनास्थल पर ही कुचल जाने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त अजय कुमार यादव और दीप चन्दर राय के रूप में की गई है। इस भीषण भिड़ंत में ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे में ट्रक चालक, उसका क्लीनर तथा बस में बैठे आधा दर्जन से अधिक यात्री चोटिल हुए हैं। सूचना मिलते ही सुबेहा थाना पुलिस, एक्सप्रेसवे की राहत टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को तुरंत निकटवर्ती अस्पताल भेजा गया, जबकि दोनों चालकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाराबंकी जिला मुख्यालय भेजा गया है। पुलिस मामले की विस्तृत कानूनी जांच कर रही है।
धार में बाइक सवारों को कुचला, ग्रामीणों ने लगाया जाम
मध्य प्रदेश के धार जिले में भी शनिवार की सुबह एक भीषण हादसा दर्ज किया गया। बदनावर क्षेत्र में महू-नीमच फोरलेन पर स्थित पिटगारा चौराहे पर यह दुर्घटना हुई। एक तेज गति से आ रहे ट्रक ने मोटरसाइकिल पर जा रहे लोगों को सीधी टक्कर मार दी। इस भयानक भिड़ंत में मौके पर ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि बाइक पर सवार एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची को तत्काल बदनावर के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। हादसे से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को बीच सड़क पर रखकर महू-नीमच फोरलेन को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम लगभग एक घंटे तक चला, जिसके कारण रतलाम और इंदौर मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला और यातायात बहाल कराया।

















