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नशे की कमाई से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, सिरमौर में महमूद अली की 4.41 करोड़ की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजाहिमाचल प्रदेश
25 जून 2026, 8:32 am (45 दिन पहले)· 2

नशे की कमाई से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, सिरमौर में महमूद अली की 4.41 करोड़ की संपत्ति पर पुलिस का शिकंजा

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्कर महमूद अली और उसके सिंडिकेट की करीब 4.41 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है, जिसमें 13 वाहन और तीन मकान शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक चोट मारी है। नशा तस्कर महमूद अली और उसके पूरे ड्रग सिंडिकेट की करीब 4.41 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। यह वही दौलत है जो कथित तौर पर नशे के काले धंधे से कमाई गई थी और अलग अलग रूपों में छिपाकर रखी गई थी।

सिरमौर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने मिलकर इस संपत्ति की पहचान की। जब्त की गई चल और अचल संपत्ति में 12 छोटे वाहन, एक ट्रक और तीन मकान शामिल हैं। यानी कुल 13 गाड़ियां और तीन मकानों को कानूनी शिकंजे में लिया गया है।

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दिल्ली भेजा गया मामला

जब्त संपत्ति से जुड़े पूरे मामले की आगे की कार्यवाही के लिए फाइल नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के पास भेज दी गई है। वहीं संपत्ति की पुष्टि की जाएगी और नियमों के मुताबिक इसकी स्थायी जब्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कई राज्यों में दर्ज हैं केस

महमूद अली और उसके साथियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिमाचल प्रदेश के साथ साथ दूसरे राज्यों में भी कई मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी महमूद अली फिलहाल नशा तस्करी एक्ट के तहत मॉडर्न सेंट्रल जेल नाहन में बंद है।

आमदनी और दौलत में जमीन आसमान का फर्क

विस्तृत वित्तीय जांच में जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली है। जांच के मुताबिक महमूद अली, उसके परिवार और सहयोगियों ने अफीम, चूरा पोस्त और दूसरे मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के जरिए भारी मात्रा में अवैध संपत्ति बनाई। आंकड़े इसकी पोल खोलते हैं। पिछले 6 साल में आरोपियों की वैध आमदनी सिर्फ 72,58,198 रुपये रही, जबकि उनके पास जुटाई गई संपत्ति की कुल कीमत 4.41 करोड़ रुपये से भी ज्यादा निकली। आमदनी और दौलत के बीच इतना बड़ा अंतर साफ इशारा करता है कि यह पैसा नशे के अवैध धंधे से ही आया है।

मुखौटा कंपनियों का खेल

जांच में एक और अहम बात सामने आई। नशे से कमाए गए पैसे को कानूनी जामा पहनाने और अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए दो मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ये कंपनियां थीं मैसर्स बुलबुल ट्रांसपोर्ट कंपनी और मैसर्स बुलबुल फ्रूट सप्लायर। इनके सहारे काले धन को सफेद बनाने की कोशिश हो रही थी।

नशे के आर्थिक तंत्र पर वार

हिमाचल पुलिस का कहना है कि इस समन्वित अभियान का मकसद सिर्फ नशा तस्करी पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि अपराध से कमाई गई संपत्ति को जब्त कर नशे के पूरे आर्थिक ढांचे को तोड़ना और इसकी जड़ों पर निर्णायक चोट करना भी है। पुलिस ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए वे 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

सवाल-जवाब

महमूद अली कौन है?
महमूद अली एक नशा तस्कर है जिसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल मॉडर्न सेंट्रल जेल नाहन में बंद है।
कितनी संपत्ति जब्त की गई है?
महमूद अली और उसके ड्रग सिंडिकेट की करीब 4.41 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई है।
जब्त संपत्ति में क्या क्या शामिल है?
जब्त संपत्ति में 12 छोटे वाहन, एक ट्रक और तीन मकान शामिल हैं।
किस संस्था ने यह कार्रवाई की?
सिरमौर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने मिलकर इस संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त किया।
आरोपियों की वैध आमदनी कितनी थी?
जांच में पाया गया कि पिछले 6 साल में आरोपियों की वैध आय सिर्फ 72,58,198 रुपये थी, जबकि उनकी संपत्ति 4.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकली।
मुखौटा कंपनियां कौन सी थीं?
नशे के पैसे को कानूनी रूप देने के लिए मैसर्स बुलबुल ट्रांसपोर्ट कंपनी और मैसर्स बुलबुल फ्रूट सप्लायर नाम की कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
लोग नशे से जुड़ी जानकारी कैसे दे सकते हैं?
लोग 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दे सकते हैं, और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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