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शिमला स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड: हरियाणा से दबोचे गए दो पेशेवर शूटर, फर्जी HP नंबर वाली स्विफ्ट से आए थे वारदात को अंजाम देनेहिमाचल प्रदेश
16 जून 2026, 7:21 am (135 दिन पहले)· 2

शिमला स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड: हरियाणा से दबोचे गए दो पेशेवर शूटर, फर्जी HP नंबर वाली स्विफ्ट से आए थे वारदात को अंजाम देने

शिमला के संजौली में निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के 40 घंटे के भीतर पुलिस ने हरियाणा से 22 वर्षीय आशीष एहलावत और 25 वर्षीय दीपक को गिरफ्तार कर लिया, दोनों पेशेवर शूटर बताए गए हैं और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वारदात के महज 40 घंटे के भीतर दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी हरियाणा से हुई है और इनसे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।

कौन हैं गिरफ्तार दोनों आरोपी

पुलिस ने जिन दो लोगों को पकड़ा है, उनकी पहचान 22 वर्षीय आशीष एहलावत और 25 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है। आशीष एहलावत झज्जर का रहने वाला है, जबकि दीपक रोहतक से ताल्लुक रखता है। दस्तावेजों के मुताबिक आशीष एहलावत, पिता सुरेन्द्र सिंह, ग्राम दुजाना, जिला झज्जर, हरियाणा का निवासी है और उसकी उम्र 22 साल है। वहीं दीपक भी सुरेन्द्र सिंह का पुत्र है, जो तहसील एवं जिला रोहतक के सुनारिया खुर्द का रहने वाला है और 25 वर्ष का है।

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फर्जी नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट से पहुंचे थे शिमला

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी हरियाणा से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। कार थी तो हरियाणा नंबर की, लेकिन पकड़ में आने से बचने के लिए इस पर हिमाचल प्रदेश का फर्जी पंजीकरण लगाया गया था। इस गाड़ी पर हिमाचल के रोहड़ू का (HP-10) नंबर चस्पा किया गया था ताकि किसी को शक न हो।

दोनों पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

एएसपी शिमला अभिषेक धीमान ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। आशीष एहलावत पर पुलिस स्टेशन अर्बन एस्टेट रोहतक में धारा-308 BNS के तहत पहले से केस चल रहा है। वहीं दीपक का आपराधिक रिकॉर्ड और भी लंबा है, उस पर पहले से 4 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें दो आर्म्स एक्ट के, एक मारपीट का और एक 308 BNS का मामला शामिल है।

पुलिस को क्यों ले जाने पड़े हथियार

आमतौर पर देखा जाता है कि हिमाचल पुलिस जब किसी अपराधी को पकड़ती है तो गिरफ्तारी की तस्वीरों में हथियार नजर नहीं आते। लेकिन इस बार माजरा अलग था। चूंकि दोनों आरोपी पेशेवर शूटर थे और हरियाणा जैसे राज्य में दबिश देनी थी, इसलिए पुलिस को पूरी तरह हथियारों से लैस होकर ही कार्रवाई करनी पड़ी। दरअसल हरियाणा में अपराधियों से भिड़ने पर जान का खतरा बना रहता है, यही वजह रही कि टीम सतर्कता बरतते हुए हथियारों के साथ रवाना हुई।

पोस्टमार्टम में सामने आई गोलियों की सच्चाई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस हत्याकांड की क्रूरता उजागर कर दी। मनीषा मित्तल को कुल 3 गोलियां मारी गई थीं। इनमें से 2 गोलियां शरीर के आर-पार निकल गईं, जबकि 1 गोली सिर में जाकर फंस गई।

39 घंटे में सुलझाई गई गुत्थी

शिमला पुलिस ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि इस संवेदनशील हत्याकांड को मात्र 39 घंटों के भीतर सुलझा लिया गया और दोनों पेशेवर शूटरों को दबोच लिया गया। मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिन्हें हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के साथ ही हरियाणा समेत दूसरे राज्यों के संभावित ठिकानों पर रवाना किया गया। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डाटा और सीसीटीवी फुटेज का गहराई से विश्लेषण किया गया तथा डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला गया।

परिजनों से भी पूछताछ, बेटी को सुरक्षा

जांच के दायरे में मनीषा मित्तल के परिजन भी हैं। पुलिस उनके भाई और पति से पूछताछ कर रही है। वहीं हत्या की इस वारदात के बाद प्रोटोकॉल के तहत मनीषा मित्तल की बेटी को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।

आगे क्या

पुलिस आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को हरियाणा से हिमाचल प्रदेश लाएगी और मंगलवार को इन्हें जिला अदालत शिमला में पेश किया जाएगा। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर भी पड़ताल जारी है और पुलिस हर पहलू को बारीकी से जांच रही है।

सवाल-जवाब

मनीषा मित्तल कौन थीं और उनके साथ क्या हुआ?
मनीषा मित्तल शिमला के संजौली स्थित एक निजी स्कूल की संचालिका थीं, जिनकी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
आरोपियों को कहां से और कितनी देर में पकड़ा गया?
दोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने वारदात के 40 घंटे के भीतर यह कार्रवाई की, प्रेस रिलीज के अनुसार मामला 39 घंटों में सुलझा।
मनीषा मित्तल को कितनी गोलियां लगी थीं?
पोस्टमार्टम के अनुसार उन्हें 3 गोलियां मारी गई थीं, जिनमें से 2 आर-पार हो गईं और 1 सिर में फंस गई।
आरोपियों को अदालत में कब पेश किया जाएगा?
कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों को हरियाणा से हिमाचल लाकर मंगलवार को जिला अदालत शिमला में पेश किया जाएगा।
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