पुणे में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड के मामले में पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच प्रक्रिया के अगले चरण में पुलिस ने सिया अग्रवाल के परिवार के सदस्यों, जिनमें उनके माता, पिता और भाई शामिल हैं, को थाने बुलाकर 10 घंटे से भी ज्यादा समय तक गहन पूछताछ की। लंबे समय तक चले इस सवाल-जवाब के दौर के बाद परिवार के लोग पुलिस स्टेशन से बाहर निकले। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इस चर्चित मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़ने और सबूतों का बारीकी से विश्लेषण करने में जुटी हुई हैं, जिसके चलते सबकी निगाहें इस केस की प्रगति पर टिकी हैं।
रिश्ता कराने वाले मामा-मामी की प्रतिक्रिया
इस बीच, सिया गोयल की शादी का रिश्ता तय करवाने वाले उनके मामा नरेंद्र मित्तल और मामी रेनू मित्तल का बयान भी सामने आया है। इस घटना ने उन लोगों को गहरा सदमा पहुंचाया है जिन्होंने खुद केतन अग्रवाल के साथ सिया का विवाह निश्चित कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी। पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान में नरेंद्र मित्तल ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी भी इस बात पर भरोसा कर पाना कठिन हो रहा है कि सिया जैसी लड़की पर अपने ही मंगेतर की हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगा है।
सिया के स्वभाव को लेकर किया खुलासा
नरेंद्र मित्तल ने जांच अधिकारियों को बताया कि वे सिया को उसके बचपन से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘सिया तो बिल्कुल मासूम लगती थी, और केतन भी काफी विनम्र और शांत स्वभाव का इंसान था।’ उन्होंने आगे बताया कि वे दोनों काफी अच्छे संस्कार वाले लगते थे और ऐसे में इस खौफनाक वारदात के बारे में सुनकर वे पूरी तरह दंग रह गए। उनके अनुसार, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि सिया कभी ऐसा कोई कदम उठाएगी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के आरोपों के मुताबिक, यह वारदात 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले के आसपास अंजाम दी गई। आरोप है कि सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन अग्रवाल को एक गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद इसे महज एक दुर्घटना दर्शाने का प्रयास किया गया था, लेकिन पुलिस की छानबीन में इसे एक सुनियोजित कत्ल का मामला माना गया है। वर्तमान में पुलिस सिया और चेतन चौधरी से पूछताछ कर इस पूरी घटना के घटनाक्रम को स्पष्ट करने में लगी है।












