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राजौरी आईईडी धमाके में लश्कर कमांडर तालिब हुसैन शाह समेत चार पर आरोप पत्र दाखिलजम्मू-कश्मीर
24 सित॰ 2026, 10:10 pm (27 मिनट पहले)· 0

राजौरी आईईडी धमाके में लश्कर कमांडर तालिब हुसैन शाह समेत चार पर आरोप पत्र दाखिल

जम्मू कश्मीर पुलिस ने 2022 के जगलानू पुल विस्फोट मामले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तालिब हुसैन शाह और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश कर दिया है.

जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित जगलानू पुल पर वर्ष 2022 में अंजाम दिए गए बारूदी विस्फोट की जांच पूरी करते हुए पुलिस ने अदालत में औपचारिक आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. कांडी पुलिस थाने की ओर से पेश किए गए इस कानूनी दस्तावेज में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तालिब हुसैन शाह सहित कुल चार साजिशकर्ताओं को नामजद किया गया है. उस दौरान पुल के निचले हिस्से में छिपाकर रखे गए आईईडी में जोरदार धमाका हुआ था, जिसकी चपेट में आकर वहां मजदूरी कर रहे दो गैर-स्थानीय श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि सीमा पार पाकिस्तान और पीओजेके में मौजूद लश्कर हैंडलर मोहम्मद कासिम के निर्देशों पर इस आतंकी घटना की पूरी रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसके साथ तालिब हुसैन शाह एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स की मदद से लगातार संपर्क साधे हुए था.

जगलानू पुल पर रची गई थी बड़े नुकसान की साजिश

यह सनसनीखेज वारदात 19 अप्रैल 2022 को सामने आई थी, जब राजौरी के जगलानू पुल के नीचे अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और पूरा क्षेत्र थर्रा उठा. आतंकियों का प्राथमिक मकसद बुनियादी ढांचे को नष्ट करके बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना था. इस विस्फोट के समय वहां काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूर लहूलुहान होकर गिर पड़े थे. घटना के तत्काल बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और कांडी थाने में एफआईआर संख्या 33/2022 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करके तफ्तीश आगे बढ़ाई गई. जांच अधिकारियों ने घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल स्थानीय स्तर का अपराध नहीं था, बल्कि सीमा पार से प्रायोजित एक सुनियोजित और जटिल आतंकी योजना का हिस्सा था.

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लांबेरी के जंगलों में ड्रोन से गिराई जाती थी हथियारों की खेप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सीमा पार बैठे संचालक हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के लिए मानवरहित हवाई तकनीक यानी ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे थे. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर राजौरी के लांबेरी क्षेत्र के घने जंगलों में ड्रोन के माध्यम से घातक हथियारों और बारूद के पार्सल गिराते थे. इन ड्रोन ड्रॉप्स को जमीन पर सुरक्षित हासिल करने का काम तालिब हुसैन शाह अपने स्थानीय मददगारों मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शबीर के साथ मिलकर अंजाम देता था. ड्रोन से गिराए गए इन पैकेटों में अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलें, भारी तादाद में गोलियां, हैंड ग्रेनेड, आईईडी तैयार करने से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और भारी मात्रा में भारतीय मुद्रा शामिल होती थी. खेप हासिल करने के बाद यह सारा असलाह और विस्फोटक द्राज इलाके में आतंकियों द्वारा तैयार किए गए भूमिगत व गुप्त ठिकानों पर जमा कर दिया जाता था.

ग्रामीणों के अदम्य साहस से दबोचा गया था लश्कर कमांडर

आतंकी नेटवर्क में तालिब हुसैन शाह को लश्कर-ए-तैयबा का बेहद खूंखार कमांडर समझा जाता था, लेकिन उसका पकड़ा जाना बेहद नाटकीय घटनाक्रम का गवाह बना. सुरक्षा एजेंसियों के जाल बिछाने से पहले ही 3 जुलाई 2022 को रियासी जिले के तुक्सन ढोक गांव के निडर ग्रामीणों ने असाधारण बहादुरी का परिचय दिया. गांव वालों ने तालिब हुसैन शाह और उसके साथी आतंकी फैसल अहमद डार को संदिग्ध परिस्थितियों में देख लिया और दोनों को रंगे हाथों धर दबोचा. ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों को चारों तरफ से घेरकर रस्सियों से बांध दिया और तुरंत सुरक्षाबलों को सूचित कर उनके हवाले कर दिया. तलाशी के दौरान इन आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में एके-47 राइफलें और घातक ग्रेनेड जब्त किए गए थे.

कड़े आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत तय किए गए आरोप

राजौरी पुलिस ने अब कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए गिरफ्तार तालिब हुसैन शाह, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शबीर के अलावा सीमा पार मौजूद भगोड़े मास्टरमाइंड मोहम्मद कासिम उर्फ सुलेमान के खिलाफ अदालत में शिकंजा कस दिया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए, भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के सख्त और गैर-जमानती प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि किस तरह डिजिटल संचार और ड्रोन डिलीवरी का नेटवर्क बनाकर सीमा पार से आतंकी हिंसा को अंजाम दिया जा रहा था.

सवाल-जवाब

जगलानू पुल ब्लास्ट की घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना 19 अप्रैल 2022 को जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित जगलानू पुल के नीचे हुई थी.
इस आईईडी धमाके में कौन लोग घायल हुए थे?
पुल पर मजदूरी का काम कर रहे दो निर्दोष गैर-स्थानीय मजदूर इस विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए थे.
पुलिस ने किन-किन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है?
पुलिस ने तालिब हुसैन शाह, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद शबीर और सीमा पार बैठे हैंडलर मोहम्मद कासिम के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया है.
आतंकियों को हथियार और विस्फोटक सामग्री कैसे प्राप्त होती थी?
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर लांबेरी के जंगलों में ड्रोन के माध्यम से हथियार, आईईडी उपकरण, ग्रेनेड और नकदी गिराते थे.
लश्कर आतंकी तालिब हुसैन शाह को कैसे पकड़ा गया था?
3 जुलाई 2022 को रियासी के तुक्सन ढोक गांव के निडर ग्रामीणों ने तालिब और उसके साथी को रंगे हाथों पकड़कर सुरक्षाबलों के हवाले किया था.
आरोपियों पर किन कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है?
आरोपियों पर यूएपीए, भारतीय दंड संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप तय किए गए हैं.
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 मिनट पहले

सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और आईईडी भेजने का यह खेल पुराना होता जा रहा है। तालिब हुसैन और उसके साथियों पर चार्जशीट दाखिल होने से अब अदालत में इस आतंकी साजिश पर शिकंजा कसने की उम्मीद जगी है।

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

बिल्कुल सही कहा करण जी, ड्रोन से हथियार गिराने का यह नेटवर्क अब अदालत की सख्ती से ही टूटेगा।

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