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आरएस पुरा सेक्टर में संदिग्ध कबूतर मिलने से हड़कंप, पैर की रिंग पर दर्ज दिखा पाकिस्तानी नंबरजम्मू-कश्मीर
23 सित॰ 2026, 9:37 pm (4 घंटे पहले)· 0

आरएस पुरा सेक्टर में संदिग्ध कबूतर मिलने से हड़कंप, पैर की रिंग पर दर्ज दिखा पाकिस्तानी नंबर

जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में सुरक्षाबलों ने एक संदिग्ध कबूतर को पकड़ा है, जिसके पैर में पाकिस्तान के कंट्री कोड वाला फोन नंबर छपा छल्ला मिला है।

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती आरएस पुरा सेक्टर में एक संदिग्ध कबूतर बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। पक्षी के पैर में एक खास रिंग बंधी हुई पाई गई है, जिस पर +92 03065920… नंबर अंकित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर +92 पाकिस्तान का आधिकारिक कॉलिंग कोड है, जिससे इस बात को लेकर सतर्कता बढ़ गई है कि पक्षी सीमा पार से ही भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ है। सुरक्षाकर्मियों ने कबूतर को तत्काल प्रभाव से अपनी निगरानी में ले लिया है और पैर में लगे छल्ले पर छपे इस फोन नंबर की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि परिंदे को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार भेजने के पीछे असल मकसद क्या था।

संदिग्ध कबूतर और रिंग पर दर्ज नंबर की छानबीन

शुरुआती आकलन के दौरान इस आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है कि यह कबूतर सीमा पार पाकिस्तानी इलाके से उड़ान भरकर भारतीय सीमा में आया है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के इस पड़ाव पर आधिकारिक रूप से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पक्षी सचमुच सीधे पाकिस्तान से ही उड़कर पहुंचा है या फिर उसके पैर में यह रिंग किसने और किस इरादे से पहनाई थी। सुरक्षा तंत्र हर संभावित पहलू की तकनीकी पड़ताल कर रहा है। मुख्य रूप से उस मोबाइल नंबर के विवरण जुटाए जा रहे हैं जो छल्ले पर लिखा मिला है। अधिकारी यह जानकारी तलाश रहे हैं कि यह नंबर किस व्यक्ति या नेटवर्क से जुड़ा है और कबूतर के पंजे में इसे बांधने के पीछे क्या कोई जासूसी साजिश या गुप्त संदेश पहुंचाने की योजना थी।

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सीमा पर निगरानी और हालिया ड्रोन गतिविधि

सीमांत क्षेत्रों में सामने आ रहे घटनाक्रमों को देखते हुए जांच एजेंसियां जासूसी के कोण पर भी बारीक नजर रख रही हैं। कुछ ही दिन पहले पुंछ जिले के बेहरूती गांव के आसमान में भी एक पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता हुआ पाया गया था। वह ड्रोन पाकिस्तानी सीमा की दिशा से ही भारतीय क्षेत्र के अंदर आया था। भारतीय हवाई सीमा में प्रवेश करने के बाद वह मंगलनार-दाबरोटे की तरफ आगे बढ़ा और फिर वापस पाकिस्तानी इलाके की ओर लौट गया।

ड्रोन की इस संदिग्ध हलचल के फौरन बाद सेना ने शनिवार सुबह संबंधित इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस सर्च ऑपरेशन का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ड्रोन के जरिए किसी तरह का संदिग्ध सामान, हथियार या आपत्तिजनक सामग्री तो जमीन पर नहीं गिराई गई थी। हालांकि छानबीन के दौरान मौके से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद नियंत्रण रेखा पर चौकसी को काफी कड़ा कर दिया गया है और सीमा पर तैनात सभी सुरक्षाबलों को लगातार हाई अलर्ट पर रखा गया है।

सवाल-जवाब

आरएस पुरा सेक्टर में सुरक्षाबलों को क्या मिला है?
सुरक्षाबलों ने आरएस पुरा सेक्टर से एक संदिग्ध कबूतर को पकड़ा है जिसके पैर में एक रिंग बंधी हुई है।
कबूतर के पैर में बंधी रिंग पर क्या लिखा है?
रिंग पर पाकिस्तान के कंट्री कोड वाला मोबाइल नंबर +92 03065920… अंकित मिला है।
हाल ही में पुंछ के किस इलाके में ड्रोन देखा गया था?
पुंछ जिले के बेहरूती गांव के ऊपर पाकिस्तानी ड्रोन मंडराता देखा गया था, जो बाद में मंगलनार-दाबरोटे की ओर गया और फिर वापस लौट गया।
सेना के सर्च ऑपरेशन में क्या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई?
ड्रोन दिखने के बाद शनिवार सुबह चलाए गए सेना के तलाशी अभियान में मौके से कोई भी संदिग्ध सामान नहीं मिला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·2 घंटे पहले

सीमा पर बच्चों जैसे खेल हो रहे हैं, पर सुरक्षा एजेंसियां रिस्क नहीं ले सकतीं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 घंटे पहले

मुझे वो दिन अच्छे से याद है जब मैं खुद आरएस पुरा बॉर्डर की रिपोर्टिंग करने गया था। वहाँ परिंदों की हरकतों पर भी फौज की पैनी नजर रहती है। अब कबूतर के पैर में पाकिस्तानी नंबर मिलना वाकई हैरानी की बात है, सुरक्षा एजेंसियाँ इसकी तह तक जरूर जाएंगी।

Ravikash Gupta@ravikash·2 घंटे पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है। क्या आपको लगता है कि इस नंबर से सचमुच किसी जासूसी का सुराग मिल पाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·3 घंटे पहले

कबूतर के पैर में नंबर देखकर सीधा जासूसी मान लेना थोड़ा अजीब लगता है। हो सकता है किसी ने वैसे ही छल्ला पहना दिया हो या कोई शौकिया हो। बिना पूरी जांच के तुरंत किसी बड़ी साजिश पर पहुंच जाना जल्दबाजी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 घंटे पहले

रोहन, बात तुम्हारी ठीक है कि शौक भी हो सकता है, पर सीमा पर ऐसी हरकतों को हल्के में कैसे लें? क्या एजेंसी उस नंबर की कॉल डिटेल से सच तक पहुँच पाएगी?

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