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श्रीनगर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जला 35 फुट ऊंचा रावण का पुतलाजम्मू-कश्मीर
20 अक्तू॰ 2026, 8:36 pm (3 घंटे पहले)· 2

श्रीनगर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जला 35 फुट ऊंचा रावण का पुतला

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के तत्वावधान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले फूंके गए।

श्रीनगर में इस बार विजयदशमी का पर्व पूरी भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। घाटी का माहौल जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस बार मुख्य आकर्षण का केंद्र श्रीनगर का शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम रहा, जहां बुराई के प्रतीक रावण का 35 फुट ऊंचा पुतला जलाया गया। इसके साथ ही मेघनाद और कुंभकर्ण के 30 फुट ऊंचे पुतले भी आग के हवाले किए गए। इस दौरान सुरक्षाबलों के जवानों, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति और प्रशासन की पहल

इस भव्य आयोजन की बागडोर 'कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति' के हाथों में थी। समिति को इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सीआरपीएफ (CRPF) और जिला प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला। संघर्ष समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन, पुलिस के साथ-साथ अपने मुस्लिम और सिख भाइयों का आभार व्यक्त किया है, जो हर साल कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं और घाटी में आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं।

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सुरक्षा के बीच उमड़ी भारी भीड़

त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए थे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में विभिन्न समुदायों के लोग जुटे। घाटी में अल्पसंख्यक होने के बावजूद कश्मीरी पंडित अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्सव किस तरह से लोगों को जोड़ने का काम करते हैं।

युवाओं में दिखा खासा उत्साह

दशहरे के इस पावन अवसर पर नई पीढ़ी का जोश भी देखते ही बनता था। स्टेडियम में मौजूद कई कश्मीरी युवाओं को अपने स्मार्टफोन पर इस पूरे आयोजन को कैमरे में कैद करते देखा गया। युवाओं ने रावण दहन के इस पल को सोशल मीडिया के लिए रील्स और छोटे वीडियो के रूप में रिकॉर्ड किया। परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने भी अपने साथियों के साथ रावण दहन किया और बुराई पर अच्छाई की इस जीत का जश्न मनाया।

रोशन हुआ श्रीनगर का आसमान

कार्यक्रम का समापन एक शानदार आतिशबाजी के साथ हुआ। आसमान में बिखरे रंग-बिरंगे पटाखों ने श्रीनगर की शाम को और भी खूबसूरत बना दिया। इस रंगारंग आतिशबाजी ने त्योहार की खुशी को कई गुना बढ़ा दिया। पूरे आयोजन के दौरान सांस्कृतिक एकता, धार्मिक आस्था और आपसी सौहार्द की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया।

सवाल-जवाब

श्रीनगर में मुख्य दशहरा कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में मुख्य दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
श्रीनगर में रावण का पुतला कितने फीट ऊंचा था?
श्रीनगर में जलाए गए रावण का पुतला 35 फुट ऊंचा था।
इस आयोजन का मुख्य आयोजक कौन था?
यह कार्यक्रम 'कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति' द्वारा आयोजित किया गया था।
इस आयोजन में किस संगठन और प्रशासन ने सहयोग किया?
इस आयोजन में सीआरपीएफ और जिला प्रशासन ने सहयोग प्रदान किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·33 मिनट पहले

घाटी में इस तरह साथ मिलकर त्योहार मनाते देखना बहुत अच्छा लगा, भाईचारा ऐसा ही होना चाहिए।

Ravikash Gupta@ravikash·59 मिनट पहले

श्रीनगर के स्टेडियम में रावण दहन होते देखना वाक़ई सुकून देता है। ऐसे आयोजनों से माहौल कितना बदल जाता है। क्या इस बार पिछले सालों के मुक़ाबले भीड़ ज़्यादा थी?

Arjun Mehta@arjun-mehta·59 मिनट पहले

रविकेश जी, मैं पिछली बार श्रीनगर गया था तब ऐसा नज़ारा नहीं था। वाकई, इस बार भीड़ और जोश दोनों बहुत अलग दिखे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

घाटी में इतने बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा के क्या इंतज़ाम रहे होंगे, क्योंकि इतनी भीड़ जुटाना और संभालना आसान नहीं होता?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करण भाई, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम थे, ये ठीक है, पर इतनी भीड़ में क्या वाकई सब कुछ इतना सहज रहा होगा जितना लिखा है?

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