झारखंड के बोकारो जिले में संचालित वेदांता ईएसएल कारखाने में अचानक हुए भीषण गैस रिसाव की चपेट में आने से दो कर्मियों की जान चली गई। औद्योगिक परिसर में गैस फैलते ही वहां काम कर रहे लोगों के बीच भगदड़ मच गई और पूरे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस गंभीर दुर्घटना की खबर फैलते ही आसपास के पूरे औद्योगिक इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बचाव प्रक्रिया शुरू की गई।
दुर्घटना में हजारीबाग और धनबाद के श्रमिकों की गई जान
इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों कामगार वेदांता ईएसएल से जुड़े हुए थे। मृतकों में हजारीबाग के निवासी सोहन महतो और धनबाद के रहने वाले समीर अंसारी शामिल हैं। दोनों कर्मियों की असामयिक मौत की सूचना मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जबकि प्रशासन और संबंधित तकनीकी दल मौत की असल वजहों की पड़ताल में जुटे हुए हैं।
औद्योगिक सुरक्षा तंत्र और गैस रिसाव से जुड़ी चिंताएं
भारी उद्योगों और इस्पात निर्माण इकाइयों में गैस का रिसाव हमेशा से ही जान-माल के लिए अत्यधिक जोखिम भरा कारक रहा है। ऐसे संवेदनशील परिसरों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय रहते मिलने वाली चेतावनी, गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण और त्वरित आपदा प्रबंधन तंत्र बेहद अनिवार्य माने जाते हैं। बोकारो स्थित इस प्लांट में हुए ताजा घटनाक्रम ने कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों की दैनिक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लीक हुई गैस किस रासायनिक प्रकृति की थी, प्लांट के किस हिस्से से इसका फैलाव शुरू हुआ और किन तकनीकी खामियों के चलते यह जानलेवा स्थिति बनी। मामले की विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही रिसाव के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
प्रबंधन ने जताया दुख, जांच के बीच सहायता का दिया आश्वासन
ईएसएल स्टील लिमिटेड के अधिकृत प्रवक्ता के अनुसार संयंत्र में गैस के सीधे संपर्क में आने की एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना दर्ज की गई। इस हादसे में कंपनी का एक नियमित कर्मचारी और एक व्यावसायिक साझेदार का श्रमिक गंभीर रूप से प्रभावित हुए। दोनों को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परीक्षण के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंपनी ने इस दुखद नुकसान पर गहरा शोक जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और संकट की इस घड़ी में आश्रितों को हर संभव वित्तीय व प्रशासनिक सहायता मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई है।





















