झारखंड में 11 अक्टूबर को मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ तेज झोंके वाली हवाएं चलने और गरज-चमक की परिस्थितियां बनने की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 11 अक्टूबर से लेकर 13 अक्टूबर तक के लिए चेतावनी जारी की गई है, जिसमें अलग-अलग जिलों में आंधी, तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम जताया गया है। इस दौरान सतह पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बदलते मौसमी चक्र को देखते हुए नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। 11 अक्टूबर को रांची, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और खूंटी जिलों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है।
उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली की संभावना
रविवार के दिन झारखंड के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गर्जना के साथ बिजली चमकने और तेज रफ्तार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। हालांकि इसका आशय यह बिल्कुल नहीं है कि पूरे इलाके में एक समान वर्षा होगी। स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों और नमी के स्तर के आधार पर केवल चुनिंदा जिलों में ही इसका वास्तविक असर देखने को मिलेगा। राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क या आंशिक बादलों के बीच बना रह सकता है।
विभिन्न जिलों में दर्ज हुआ तापमान और बढ़ता पारा
झारखंड के अलग-अलग इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव लगातार दर्ज किया जा रहा है। पिछले दिन यानी 10 अक्टूबर को जिलों के पारे में काफी भिन्नता देखी गई। रांची में अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम 18°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं गुमला में भी अधिकतम 28°C और न्यूनतम 18°C रहा। हजारीबाग में अधिकतम तापमान 31°C तथा न्यूनतम 18°C मापा गया, जबकि बोकारो में अधिकतम 31°C और न्यूनतम 22°C दर्ज हुआ। धनबाद में अधिकतम तापमान 30°C तथा न्यूनतम 23°C रहा। इसके विपरीत पलामू में अधिकतम पारा 33°C और न्यूनतम 21°C तक पहुंच गया, जबकि जमशेदपुर में अधिकतम 33°C और न्यूनतम 22°C दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि कुछ जिलों में गर्मी और उमस का दबाव लगातार बना हुआ है।
मानसून की वापसी के बीच गरज-चमक का कारण
राज्य से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला औपचारिक रूप से इसी वर्ष 3 अक्टूबर से शुरू हो चुका था। गढ़वा, चतरा, पलामू और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों के साथ-साथ मध्य झारखंड के कुछ इलाकों से मानसून पहले ही पीछे हट चुका है। हालांकि मानसून तंत्र के कमजोर पड़ने के बाद भी वायुमंडल में पर्याप्त नमी मौजूद है। यही स्थानीय मौसमी दशाएं दोपहर बाद बादलों के निर्माण और तेज गरज-चमक का कारण बन रही हैं। इसी वजह से खुले मैदानों में कार्य करने वाले श्रमिकों, निर्माण मजदूरों और किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।
12 और 13 अक्टूबर का पूर्वानुमान और सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग के अनुसार 12 अक्टूबर को रांची, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और खूंटी सहित राज्य के उत्तर-पश्चिमी, मध्य तथा दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं तेज आंधी और वज्रपात की आशंका रहेगी। इसके बाद 13 अक्टूबर को भी रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और लोहरदगा जैसे क्षेत्रों में गर्जना की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पलामू, जमशेदपुर, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग और धनबाद के बीच मौसम और वर्षा का स्वरूप काफी भिन्न रहेगा, इसलिए एक जिले की स्थिति से पूरे राज्य का आकलन नहीं किया जा सकता।
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में सुबह और देर रात के समय हल्की ठंडक और राहत महसूस होगी, जबकि दोपहर में कुछ जिलों में तेज धूप और गर्मी परेशान कर सकती है। जहां रांची और गुमला का वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा, वहीं जमशेदपुर और पलामू में पारा ऊंचा बना रहेगा। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान लोगों को ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने, खुले मैदानों में रुकने और जलस्रोतों के पास जाने से सख्ती से बचना चाहिए। गर्जना शुरू होते ही किसानों को खेतों में काम रोककर पक्के आश्रयों में चले जाने की सलाह दी गई है।



















