शेखावाटी के विख्यात धार्मिक केंद्र लोहार्गल में 24 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ हो गया है, जिसमें भाग लेने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तीर्थयात्रियों की इस विशाल संख्या को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग और राज्य रोडवेज प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं। यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने और सड़कों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए सीकर और झुंझुनूं रोडवेज डिपो के जरिए विशेष बसों के संचालन के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की विशेष योजना लागू की गई है।
80 स्पेशल बसों का बेड़ा और 15 मिनट की फ़्रीक्वेंसी
परिक्रमा और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बसों के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए रोडवेज ने 80 विशेष बसों का एक बड़ा बेड़ा मैदान में उतारा है। इस व्यवस्था के तहत सीकर आगार और झुंझुनूं आगार से 40-40 स्पेशल बसें समर्पित रूप से लगाई गई हैं। यह तमाम बसें 11 सितंबर तक निरंतर संचालित की जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने यह तय किया है कि हर 15 मिनट के अंतराल में श्रद्धालुओं को बस सेवा आसानी से उपलब्ध कराई जाए। इससे मेले के दौरान उमड़ने वाली अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
अधिकारियों को सौंपी गई विशिष्ट जिम्मेदारियां
बसों के सुचारू और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रोडवेज प्रबंधन ने अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां आवंटित की हैं। गोल्याणा बस स्टैंड पर बसों के सही प्रबंधन का जिम्मा सीकर आगार के ट्रैफिक मैनेजर बिरमा राम और सीबीएस प्रभारी सुरेश चौधरी को सौंपा गया है। इसके अलावा, सीकर डिपो की कनिष्ठ अभियंता उर्मिला चौधरी को विशेष मेला प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो मौके पर तमाम व्यवस्थाओं की देखरेख कर रही हैं। वहीं झुंझुनूं डिपो से आने-जाने वाली सभी बसों के संचालन की कमान आगार प्रबंधक गिरीराज स्वामी की देखरेख में रखी गई है।
यातायात डायवर्जन और मार्ग सुरक्षा के विशेष नियम
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर सीकर और झुंझुनूं जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है। क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सीकर-नीमकाथाना-दिल्ली मार्ग पर संचालित होने वाली नियमित निजी और रोडवेज बसों का ठहराव, जो गोल्याणा बस स्टैंड पर होता था, अब स्टैंड से लगभग 200 मीटर दूर कराया जाएगा। इसके साथ ही गोल्याणा से लोहार्गल मंदिर की तरफ जाने वाले तमाम वाहनों को केवल गोल्याणा बस स्टैंड तक ही प्रवेश दिया जाएगा।
एकतरफा मार्ग व्यवस्था और अस्थायी सुविधाओं का निर्माण
शुरुआती तीन दिनों के दौरान भीड़ के दबाव को देखते हुए गोल्याणा मार्ग पर वन-वे (एकतरफा) यातायात नियम प्रभावी रहेगा। इस अवधि में सीकर व झुंझुनूं से गोल्याणा जाने वाली रोडवेज बसें केवल तय किए गए एकतरफा रास्ते से ही गुजरेंगी। इसके बाद 8 से 11 सितंबर के बीच यातायात व्यवस्था को पुनः सामान्य कर दिया जाएगा ताकि दोनों दिशाओं से बसों का संचालन हो सके और दर्शन करके लौटने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। रोडवेज ने गोल्याणा नदी क्षेत्र में एक अस्थायी बस डिपो भी तैयार किया है, जहां विश्राम स्थल, छायादार छप्पर और पीने के ठंडे पानी का इंतजाम किया गया है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सहूलियत का खास ध्यान रखते हुए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थायी चेक पोस्ट और उड़नदस्ते तैनात हैं, जबकि स्थानीय भामाशाहों द्वारा जगह-जगह प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल कैंप लगाए गए हैं।


















