झारखंड के जमशेदपुर में कदमा और सोनारी को जोड़ने वाले लिंक मार्ग के आसपास पक्षियों के अचानक गिरने और दम तोड़ने की घटनाओं ने इलाके में बर्ड फ्लू को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। बीते दस दिनों की अवधि में सड़क किनारे और पेड़ों की डालियों के नीचे 20 से अधिक कौवे बेजान हालत में पाए गए हैं। रिहायशी आबादी के बिल्कुल करीब इतनी बड़ी संख्या में कौवों के मृत मिलने के कारण स्थानीय निवासियों में संक्रमण फैलने की गंभीर आशंका गहरा गई है।
जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजे गए नमूने
सड़क किनारे पक्षियों के लगातार मरने की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग का अमला सक्रिय हो गया। विभाग के कर्मचारियों ने कदमा-सोनारी क्षेत्र में पहुंचकर मृत पाए गए कौवों के शवों को सावधानीपूर्वक अपने कब्जे में लिया। पक्षियों की मौत किसी संक्रामक बीमारी या बर्ड फ्लू के कारण हुई है या नहीं, इसका आधिकारिक रूप से पता लगाने के लिए नमूनों को सुरक्षित तरीके से रांची स्थित प्रयोगशाला भिजवा दिया गया है। पशुपालन विभाग का कहना है कि जब तक प्रयोगशाला की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक मौत की सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकेगी।
स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के बीच संयुक्त बैठक
संभावित खतरे को देखते हुए जिले के स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। संक्रमण की किसी भी आशंका को समय रहते रोकने के लिए पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के बीच एक आपात बैठक बुलाई गई है। इस साझा विचार-विमर्श में संक्रमण से निपटने की तैयारियों, इलाके में निगरानी बढ़ाने और बर्ड फ्लू के किसी भी संभावित प्रकोप की रोकथाम के ठोस उपायों पर विस्तृत रणनीति तय की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील
इलाके में बढ़ते डर के बीच प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और एहतियात बरतें। लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि उन्हें कहीं भी कोई मृत या बीमार पक्षी दिखाई दे, तो उसे सीधे छूने के बजाय तुरंत संबंधित विभाग को खबर करें। इसके साथ ही घरेलू पक्षियों या पोल्ट्री के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को विशेष सावधानी रखने को कहा गया है। जब तक प्रयोगशाला से जांच परिणाम नहीं मिल जाते, तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे प्रभावित क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए रखेंगी।




















