झारखंड के साहिबगंज जिले में स्थित एक आवासीय विद्यालय की दहलीज पर नाबालिग छात्रा की सुरक्षा तार-तार होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। रांगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर इलाके में संचालित इस स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा के साथ परिसर में ही बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़िता की शारीरिक स्थिति बिगड़ने के बाद उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की है।
स्वास्थ्य बिगड़ने पर सामने आई सच्चाई
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, छात्रा स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। संस्थान में तैनात नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा ने परिसर के भीतर उसके साथ कथित तौर पर सात से आठ बार दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची को लगातार डराकर रखा और यह धमकी दी कि यदि उसने किसी के सामने अपना मुंह खोला तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इसी खौफ के चलते नाबालिग छात्रा लंबे समय तक चुप रही और अपने माता-पिता को कुछ नहीं बता सकी। अचानक तबीयत खराब होने के बाद जब परिवार वाले उसे चिकित्सीय जांच के लिए डॉक्टर के पास ले गए, तब डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद परिवार के होश उड़ गए।
संस्थान प्रमुख पर मामले को दबाने का आरोप
जब पीड़िता के परिजनों को इस वीभत्स कृत्य का पता चला, तो उन्होंने संस्थान प्रबंधन से संपर्क किया। पीड़ित परिवार का स्पष्ट आरोप है कि स्कूल के निदेशक जाफर शेख ने अपराध की गंभीरता को समझने के बजाय पूरे प्रकरण को दबाने की पुरजोर कोशिश की। निदेशक ने परिजनों पर इस मामले को किसी के सामने न लाने और शांत रहने का अनुचित दबाव बनाया। साथ ही, शिकायत करने पर परिजनों को डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।
पुलिस की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
प्रबंधन की धमकियों के आगे झुकने के बजाय परिजनों ने कानून का सहारा लिया और 29 सितंबर को रांगा पुलिस स्टेशन में लिखित तहरीर दी। मामले का संज्ञान लेते हुए रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस बल ने तुरंत दबिश दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी नाइट गार्ड साहेबराम लोहरा और मामले पर पर्दा डालने वाले स्कूल निदेशक जाफर शेख दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और सुसंगत आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि मामले की विस्तृत वैधानिक जांच जारी है।























