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अदा शर्मा ने आजमाया केले के छिलके का घरेलू नुस्खा, जानिए क्या यह वाकई बोटॉक्स जितना असरदार हैजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 9:14 pm (3 घंटे पहले)· 0

अदा शर्मा ने आजमाया केले के छिलके का घरेलू नुस्खा, जानिए क्या यह वाकई बोटॉक्स जितना असरदार है

अभिनेत्री अदा शर्मा ने चेहरे पर केले का छिलका लगाने का ट्रेंड आजमाया, जिस पर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. चांदनी जैन गुप्ता ने इसके वास्तविक प्रभाव और वैज्ञानिक अंतर को स्पष्ट किया।

खूबसूरत, कसी हुई और चमकदार त्वचा पाने की चाहत में लोग अक्सर महंगे क्लिनिकल उपायों से लेकर घरेलू उपचारों तक का सहारा लेते हैं। जब बाजार में मिलने वाले महंगे सौंदर्य उपचार हर किसी के बजट में नहीं होते, तब लोग रसोई में मौजूद प्राकृतिक विकल्पों की तरफ रुख करते हैं। इसी कड़ी में अभिनेत्री अदा शर्मा ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए केले के छिलके का बेहद किफायती नुस्खा अपनाया। अपने इस प्रयोग को लेकर उन्होंने कैप्शन में उल्लेख किया कि वे लगातार तीन सप्ताह तक प्रतिदिन इसे अपने चेहरे पर रगड़ेंगी और उसके बाद ही इसके असर के बारे में अपनी राय रखेंगी। इंटरनेट पर केले के छिलके को प्राकृतिक बोटॉक्स का रूप देने वाले इस ट्रेंड की सच्चाई जानने के लिए चिकित्सकीय दृष्टिकोण को समझना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

केले के छिलके और त्वचा के बीच का चिकित्सकीय संबंध

नई दिल्ली स्थित एलांटिस हेल्थकेयर की डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन, एमबीबीएस और एमडी, डॉ. चांदनी जैन गुप्ता ने इस पद्धति के तकनीकी पहलुओं का विस्तार से विश्लेषण किया। डॉ. गुप्ता के अनुसार, केले के छिलके के मुलायम अंदरूनी हिस्से को चेहरे की त्वचा पर धीरे-धीरे रगड़ने से महीन रेखाओं को हल्का करने और त्वचा में कसाव लाने में मदद मिल सकती है। इसी खिंचाव को देखकर कई लोग इसे बोटॉक्स जैसा प्रभाव मान बैठते हैं। चूँकि केले फल के रूप में हर जगह सरलता से उपलब्ध हो जाते हैं और आमतौर पर उनके छिलकों को कचरा समझकर फेंक दिया जाता है, इसलिए बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह नुस्खा आम लोगों को बहुत लुभावना और आसान प्रतीत होता है। फिर भी, डॉ. गुप्ता स्पष्ट करती हैं कि चेहरे पर दिखने वाले क्षणिक निखार और झुर्रियों के वास्तविक चिकित्सीय समाधान के बीच एक बड़ा फर्क होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

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केले के छिलके में मौजूद पोषक तत्व और उनका काम

वनस्पति विज्ञान और पोषण की दृष्टि से देखा जाए तो केले के छिलके में कई लाभकारी जैविक घटक पाए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट, पॉलीफेनोल और पौधों से प्राप्त होने वाले अन्य प्राकृतिक तत्व शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें सीमित मात्रा में विटामिन और खनिज तत्व भी मौजूद होते हैं। छिलके में पाए जाने वाले यह एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से मुकाबला करने में सहायता प्रदान कर सकते हैं। जब कोई व्यक्ति छिलके के भीतरी रेशेदार भाग को चेहरे पर लगाता है, तो यह त्वचा की ऊपरी सतह को कुछ समय के लिए नमी पहुँचाकर ठंडक और सुकून भरा अहसास देता है। सूखने की प्रक्रिया के दौरान जब यह अर्क चेहरे पर खिंचाव पैदा करता है, तो त्वचा तनी हुई महसूस होती है। कई उपभोक्ता इसी अस्थायी खिंचाव को बोटॉक्स थेरेपी का स्थायी असर मानकर भ्रमित हो जाते हैं।

बोटॉक्स इंजेक्शन और घरेलू नुस्खे के काम करने का अंतर

चिकित्सीय पद्धति के रूप में बोटॉक्स का काम करने का तरीका पूरी तरह से अलग है। बोटॉक्स वास्तव में लक्षित मांसपेशियों तक पहुँचने वाले तंत्रिका संकेतों यानी नर्व सिग्नल्स को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर देता है। इसके परिणामस्वरूप मांसपेशियों की संकुचन गतिविधि शिथिल पड़ जाती है, जिससे चेहरे पर बार-बार बनने वाली गतिक झुर्रियों में भारी कमी आती है। ये झुर्रियां मुख्य रूप से लंबे समय तक चेहरे के हाव-भाव बदलने, जैसे भवों को सिकोड़ने या आँखों को बार-बार भींचने के कारण गहराई में विकसित होती हैं। दूसरी ओर, केले का छिलका केवल त्वचा की बाहरी परत को छूता है; इसके भीतर चेहरे की आंतरिक मांसपेशियों को शिथिल या शांत करने की कोई चिकित्सीय क्षमता नहीं होती है।

क्या बोटॉक्स का सच्चा विकल्प बन सकता है केले का छिलका?

चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि केले के छिलके को बोटॉक्स का सस्ता या मुकम्मल विकल्प कहना पूरी तरह से भ्रामक साबित हो सकता है। यद्यपि केले का छिलका त्वचा को मामूली स्तर पर नमी प्रदान करने और सतह को थोड़ी देर के लिए मुलायम बनाने में उपयोगी हो सकता है, लेकिन ऐसा कोई वैज्ञानिक या नैदानिक प्रमाण मौजूद नहीं है जो यह साबित कर सके कि यह गहरी झुर्रियों को खत्म करके क्लिनिकल बोटॉक्स की जगह ले सकता है।

सवाल-जवाब

अदा शर्मा ने केले के छिलके का क्या नुस्खा आजमाया है?
अदा शर्मा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर बताया कि वे लगातार तीन सप्ताह तक रोजाना अपने चेहरे पर केले का छिलका रगड़कर देखेंगी कि यह काम करता है या नहीं।
क्या केले का छिलका वाकई बोटॉक्स की तरह काम कर सकता है?
नहीं, डॉ. चांदनी जैन गुप्ता के अनुसार केले का छिलका सिर्फ सतही नमी और अस्थायी खिंचाव देता है, यह बोटॉक्स का चिकित्सकीय विकल्प नहीं बन सकता।
केले के छिलके में त्वचा के लिए कौन से तत्व होते हैं?
केले के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट, पॉलीफेनोल, कुछ विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
बोटॉक्स और केले के छिलके के काम करने में क्या मुख्य अंतर है?
बोटॉक्स मांसपेशियों के नर्व सिग्नल रोककर चेहरे की गतिक झुर्रियों को कम करता है, जबकि केले का छिलका चेहरे की मांसपेशियों को आराम नहीं पहुंचा सकता।
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