राजस्थान के झीलों की नगरी उदयपुर में पारंपरिक स्ट्रीट फूड की तलाश करने वालों के लिए एक बेहद अनोखा व्यंजन चर्चा का केंद्र बना रहता है। आमतौर पर त्रिकोणीय और मैदे के भीतर पूरी तरह बंद रहने वाले पारंपरिक समोसे से उलट, शहर में एक ऐसी जगह है जहां समोसे को बंद करने के बजाय बिल्कुल खुले रूप में परोसा जाता है। घंटाघर के व्यस्त बाजार के समीप स्थित लगभग 70 साल पुरानी दुकान रूपजी नाश्ता सेंटर अपने इसी खास अंदाज वाले खुले समोसे के कारण दशकों से खानपान के शौकीनों की पसंदीदा जगह बनी हुई है।
बनाने की अनोखी शैली और संतुलित स्वाद
इस खुले समोसे को तैयार करने की विधि आम समोसों की तुलना में काफी अलग है। इसमें हलवाई सबसे पहले मैदे से बनी एक विशेष नमकीन और बेहद कुरकुरी पपड़ी तैयार करते हैं। इसके बाद उस कुरकुरी पपड़ी के ऊपर पारंपरिक समोसे में भरी जाने वाली चटपटी आलू की मसालेदार स्टफिंग को करीने से रखा जाता है। यही कारण है कि पहली ही नजर में यह व्यंजन अपने अनोखे रूप से किसी भी नए ग्राहक को हैरान कर देता है। आलू के इस मिश्रण में मसालों का अनुपात काफी हल्का और संतुलित रखा जाता है, ताकि पपड़ी के कुरकुरेपन के साथ उसका प्राकृतिक स्वाद उभर कर आए।
कढ़ी और चटनी की जुगलबंदी
इस खुले समोसे को परोसने का तरीका भी इसके जायके को कई गुना बढ़ा देता है। दुकान पर इस समोसे के ऊपर विशेष रूप से तैयार की गई गर्म कढ़ी डाली जाती है और साथ में तीखी-चटपटी चटनी मिलाई जाती है। कढ़ी का हल्का खट्टापन, चटनी का तीखापन और नीचे रखी नमकीन कुरकुरी पपड़ी के साथ आलू के मसाले का मेल मुंह में जाते ही एक अलग तरह के स्वाद का एहसास कराता है। जो लोग नियमित रूप से तला हुआ भारी समोसा खाने से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह हल्का और अनोखा मेल एक बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है।
किफायती दाम और खास केसर चाय
स्वाद और लोकप्रियता में अव्वल होने के बावजूद इस नाश्ते की कीमत बेहद सामान्य रखी गई है। इस लाजवाब खुले समोसे की एक प्लेट के लिए ग्राहकों को केवल 20 रुपये चुकाने होते हैं। समोसे के अलावा रूपजी नाश्ता सेंटर की एक और पेशकश लोगों को अपनी ओर खींचती है, और वह है यहां मिलने वाली केसर चाय। सुगंधित केसर चाय का एक कुल्हड़ भी मात्र 20 रुपये में उपलब्ध है, जिसकी पहली ही घूंट में शुद्ध केसर की महक महसूस होती है। वहीं जो लोग सामान्य सादा चाय पसंद करते हैं, उनके लिए यह केवल 10 रुपये में परोसी जाती है।
सात दशकों का अपनापन और सेवा भाव
इस नाश्ता केंद्र की लोकप्रियता केवल इसके सस्ते और लजीज व्यंजनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां का आत्मीय माहौल भी ग्राहकों को बार-बार खींच लाता है। दुकान संचालक और कर्मचारी आने वाले हर ग्राहक का स्वागत बेहद सहज, विनम्र और पारिवारिक अंदाज में करते हैं। सात दशकों से चली आ रही यह विनम्र सेवा और ग्राहक सत्कार ही इस जगह के भोजन के स्वाद को और अधिक यादगार बना देता है।



















