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घर में छिपकलियों से छुटकारा पाने के 5 प्राकृतिक घरेलू उपाय और जरूरी सावधानियांजीवनशैली
20 अग॰ 2026, 5:40 pm (2 घंटे पहले)· 1

घर में छिपकलियों से छुटकारा पाने के 5 प्राकृतिक घरेलू उपाय और जरूरी सावधानियां

घर की दीवारों और रसोई में छिपकलियों का दिखना असहज कर सकता है। बिना किसी केमिकल या नुकसान के इन्हें दूर रखने के आसान घरेलू उपाय और रोकथाम के सही तरीके जानें।

मानसून और गर्मी की शुरुआती दस्तक के साथ ही अक्सर देखा जाता है कि भारतीय घरों के भीतर छिपकलियों की चहल-पहल अचानक बहुत अधिक बढ़ जाती है। रसोई घर की दीवारों, खिड़कियों की चौखटों, रोशनदानों और कमरे के अंधेरे कोनों में इनका अचानक दिखाई देना कई लोगों के लिए काफी असहज, घिनौना और डरावना अनुभव होता है। हालांकि आमतौर पर घरों में मिलने वाली साधारण छिपकलियां इंसानों को सीधे तौर पर कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाती हैं और वे घर के भीतर मौजूद मच्छर, मक्खियां, दीमक तथा अन्य छोटे-मोटे जहरीले कीड़े-मकोड़ों को खाकर एक प्रकार से सफाई में मदद ही करती हैं, फिर भी अधिकांश लोग अपने रहने की जगह, खासकर रसोई और बेडरूम में इन्हें देखना बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं।

बहुत से लोग घर में छिपकलियों को मारने या बाजार में मिलने वाले तेज जहरीले रासायनिक स्प्रे का उपयोग करने से कतराते हैं, क्योंकि रासायनिक कीटनाशकों से घर के भीतर हवा की गुणवत्ता खराब होती है और छोटे बच्चों व पालतू जानवरों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का जोखिम रहता है। इसी वजह से ज्यादातर परिवार ऐसे सुरक्षित, प्राकृतिक और कम नुकसानदायक घरेलू उपायों की तलाश करते हैं जो बिना किसी जीव-हत्या या रसायन के इन्हें घर से बाहर रख सकें। हालांकि, यह बात स्पष्ट रूप से ध्यान रखनी चाहिए कि किसी भी घरेलू नुस्खे को छिपकली भगाने का कोई अचूक या शत-प्रतिशत गारंटी वाला तरीका नहीं माना जा सकता। वास्तव में सबसे कारगर और स्थायी कदम वही होता है जिससे घर के अंदर कीड़ों की संख्या को नियंत्रित किया जाए और छिपकलियों के घर में दाखिल होने के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया जाए।

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छिपकली दूर रखने के 5 आसान और प्राकृतिक घरेलू नुस्खे

यदि आप अपने घर को रसायन-मुक्त रखते हुए छिपकलियों से बचाना चाहते हैं, तो रसोई में आसानी से मिलने वाली सामग्रियों से कुछ प्रभावी तरीके आजमा सकते हैं

  • अंडे के छिलकों का प्रयोग: परंपरागत रूप से घरों में अंडे के सूखे और साफ छिलकों को छिपकलियों को भगाने का एक असरदार जरिया माना जाता है। इस मान्यता के पीछे धारणा यह है कि छिपकलियों को अंडे की गंध में सल्फर की मौजूदगी महसूस होती है या वे इसे किसी बड़े शिकारी जीव के अंडे समझकर दूर रहती हैं। हालांकि इस बात का कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि अंडे के छिलके छिपकलियों को पूरी तरह दूर भगाते हैं, फिर भी बहुत से लोग इसे खिड़कियों, दरवाजों के चौखटों और कमरों के कोनों में रखते हैं। यदि आप इस तरीके को आजमा रहे हैं तो यह सुनिश्चित करें कि छिलके पूरी तरह से साफ और सूखे हों। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां छोटे बच्चे या घर के पालतू जानवर आसानी से न पहुंच सकें। यदि हवा में नमी की वजह से छिलकों से दुर्गंध आने लगे या गंदगी जमा होने लगे तो उन्हें तुरंत हटाकर नए छिलके रख देने चाहिए।
  • लहसुन और प्याज का गंध वाला घोल: लहसुन और प्याज में मौजूद तीखी और तेज सल्फर की गंध छिपकलियों के संवेदी अंगों को प्रभावित करती है, जिससे वे उस स्थान से दूर भागती हैं। इस प्राकृतिक स्प्रे को तैयार करने के लिए लहसुन की कुछ कलियों और प्याज के छोटे टुकड़ों को पानी में मिलाकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी को अच्छी तरह छान लें और उसे एक साफ स्प्रे बोतल में भर लें। इस घोल का छिड़काव खिड़कियों, दरवाजों की सिल और दीवारों के उन कोनों पर करें जहां छिपकलियां अक्सर दिखाई देती हैं। छिड़काव करते समय अपनी आंखों और त्वचा की सुरक्षा का ध्यान रखें। ध्यान रहे कि खाने-पीने की चीजों, रसोई के खुले बर्तनों और भोजन पकाने वाले स्थान पर सीधे इस स्प्रे का छिड़काव कभी न करें।
  • काली मिर्च का तीखा स्प्रे: काली मिर्च की तेज गंध और तीखापन छिपकलियों को असहज महसूस कराता है। इसे बनाने के लिए गुनगुने पानी में थोड़ी सी पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर कुछ समय के लिए रख दें, फिर इसे छानकर स्प्रे बोतल में भर लें। छिपकलियों के आने-जाने वाले मुख्य रास्तों और दीवारों पर इसका हल्का छिड़काव किया जा सकता है। कुछ लोग इस घोल में लाल मिर्च पाउडर या अत्यधिक तीखे मसालों का प्रयोग करने लगते हैं, लेकिन ऐसा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। लाल मिर्च के स्प्रे की तेज गंध से इंसानों को छींक आ सकती है और आंखों व त्वचा में तेज जलन हो सकती है। इसलिए बच्चों और पालतू पशुओं को इस छिड़काव वाले स्थान से दूर रखना बेहद जरूरी है।
  • पुदीना और नीलगिरी का एसेंशियल ऑयल: पुदीना और नीलगिरी जैसे प्राकृतिक पौधों की तेज और सुगंधित गंध छिपकलियों को बिल्कुल रास नहीं आती। खिड़की की ग्रिल के पास पुदीने का छोटा गमला रखना एक बेहद आसान, प्राकृतिक और सुंदर विकल्प हो सकता है। यदि आप बाजार में मिलने वाले एसेंशियल ऑयल का उपयोग कर रहे हैं तो इसे कभी भी सीधे त्वचा या दीवार पर न लगाएं। इसे पानी में सही मात्रा में मिलाकर ही छिड़काव के लिए इस्तेमाल करें। इसके अलावा एक बात का विशेष ध्यान रखें कि कुछ एसेंशियल ऑयल घर के पालतू जानवरों जैसे कुत्तों और बिल्लियों के लिए जहरीले और नुकसानदेह साबित हो सकते हैं, इसलिए पालतू जानवरों वाले घरों में इसका इस्तेमाल काफी समझदारी और सावधानी से करें।
  • मोर पंख का पारंपरिक उपाय: भारतीय घरों में मोर पंख को दीवार पर या खिड़की के पास रखकर छिपकली भगाने की बहुत पुरानी और लोकप्रिय मान्यता रही है। ऐसा माना जाता है कि मोर छिपकलियों का प्राकृतिक शिकारी होता है, इसलिए उसके पंख को देखकर छिपकली डर जाती है। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से इस दावे का कोई ठोस आधार नहीं है और यह केवल एक धारणा है। इसलिए केवल मोर पंख के भरोसे बैठकर छिपकलियों से छुटकारा पाने की उम्मीद करना सही नहीं है। मोर पंख लगाने के साथ-साथ घर की नियमित सफाई और कीड़े-मकोड़ों के नियंत्रण पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

कीड़ों का नियंत्रण और घर के रास्तों की रोकथाम

यदि आपके घर में बार-बार छिपकलियां आ रही हैं तो केवल उन्हें भगाने के अस्थायी उपायों पर निर्भर रहने के बजाय इस बात की जांच करना सबसे ज्यादा जरूरी है कि वे घर के भीतर आकर्षित क्यों हो रही हैं। छिपकलियां मुख्य रूप से भोजन की तलाश में ही इंसानी बस्तियों और कमरों का रुख करती हैं। जिस घर में मच्छर, मक्खियां, छोटे पतंगे, मकड़ियां और अन्य कीड़े आसानी से सुलभ होते हैं, वहां छिपकलियों का आना स्वाभाविक है। रात के समय अनावश्यक रूप से तेज सफेद लाइट जलती रहने से खिड़कियों और दरवाजों के आसपास बड़ी संख्या में कीड़े इकट्ठा हो जाते हैं, जो छिपकलियों के लिए एक आसान भोजन का काम करते हैं।

इस समस्या से स्थायी राहत पाने के लिए रसोई घर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भोजन के टुकड़ों या जूठे बर्तनों को कभी भी खुला न छोड़ें। कूड़ेदान को हमेशा ढक्कन से ढककर रखें और सिंक या नालियों के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि नमी और गंदगी से कीड़े पनपते हैं। खिड़कियों और वेंटिलेटर पर बारीक लोहे या प्लास्टिक की जाली लगाना एक बेहद कारगर भौतिक अवरोध साबित होता है। इसके अलावा, यदि दीवारों, खिड़कियों या दरवाजों के फ्रेम के आसपास छोटी-मोटी दरारें या छेद हों तो उन्हें सीमेंट या सिलिकॉन से तुरंत भर दें। इससे छिपकलियों के साथ-साथ अन्य हानिकारक कीड़े-मकोड़ों का घर में प्रवेश काफी हद तक पूरी तरह रुक जाता है।

सुरक्षा संबंधी सावधानियां और विशेषज्ञ की सलाह

घर में अचानक छिपकली दिखाई देने पर कभी भी उसे नंगे हाथों से पकड़ने या जबरन दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। यद्यपि घर में पाई जाने वाली आम छिपकलियां विषैली नहीं होतीं, फिर भी हड़बड़ाहट में वे काट सकती हैं या अपनी त्वचा के माध्यम से बैक्टीरिया फैला सकती हैं। घर में बनाए जाने वाले तीखे या गंध वाले प्राकृतिक स्प्रे का छिड़काव करते समय अपने चेहरे, आंखों, बच्चों और खाद्य पदार्थों को बचाकर रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि इन तमाम कोशिशों के बावजूद आपके घर में छिपकलियों की संख्या असामान्य रूप से बढ़ गई है और वे हर कमरे में नजर आ रही हैं, तो किसी सुरक्षित, जड़ी-बूटी आधारित और गैर-हानिकारक पेस्ट कंट्रोल सेवा की मदद लेना ही सबसे बुद्धिमान और सुरक्षित विकल्प होता है।

सवाल-जवाब

क्या अंडे के छिलके से छिपकली सच में भागती है?
इसके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग खिड़कियों और कोनों में साफ व सूखे छिलके रखकर इसे एक पारंपरिक उपाय मानते हैं।
छिपकली भगाने के लिए लहसुन और प्याज का स्प्रे कैसे बनाएं?
लहसुन की कलियों और कटे प्याज को पानी में कुछ घंटे भिगोकर रखें, फिर पानी छानकर स्प्रे बोतल में भरकर खिड़की और दरवाजों के आसपास छिड़कें।
क्या काली मिर्च और लाल मिर्च का छिड़काव पूरी तरह सुरक्षित है?
काली मिर्च का हल्का स्प्रे असरदार हो सकता है, लेकिन अत्यधिक तीखे या लाल मिर्च के मिश्रण से आंख और त्वचा में तेज जलन हो सकती है। इसे बच्चों से दूर रखें।
छिपकलियां घर के अंदर बार-बार क्यों आती हैं?
छिपकलियां मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और छोटे कीड़ों के शिकार के लिए आती हैं। रात में तेज लाइट जलने से खिड़की के पास कीड़े इकट्ठा होते हैं।
क्या मोर पंख रखने से छिपकली हमेशा के लिए दूर हो जाती है?
नहीं, मोर पंख केवल एक पारंपरिक धारणा है जिसका वैज्ञानिक आधार नहीं है। घर की सफाई और कीड़ों का नियंत्रण ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
घर में छिपकलियों के प्रवेश को रोकने के लिए क्या बुनियादी कदम उठाने चाहिए?
खिड़कियों पर बारीक जाली लगाएं, दीवार और दरवाजों की दरारें भरें, सिंक के पास पानी जमा न होने दें और कूड़ेदान को हमेशा ढककर रखें।
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