सहजन यानी मोरिंगा की फलियां पोषण का खजाना मानी जाती हैं और भारतीय रसोई में इनकी सब्जी, सांभर तथा विभिन्न तरह के व्यंजन बड़े स्वाद से बनाए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खान-पान की प्राथमिकताओं में मोरिंगा के पराठों का विशेष उल्लेख होने के बाद से आम लोगों के बीच इस सुपरफूड को रोजाना की डाइट में शामिल करने का चलन तेजी से बढ़ा है। बाजार में जब भी हरी और ताजी सहजन की फलियां दिखाई देती हैं, लोग अक्सर इन्हें ज्यादा मात्रा में खरीद लाते हैं। हालांकि, परेशानी तब खड़ी होती है जब इन फलियों को बिना किसी तैयारी के सीधे फ्रिज के अंदर रख दिया जाता है। महज दो या तीन दिनों के भीतर ही फ्रिज की ठंडी हवा फलियों की स्वाभाविक नमी छीन लेती है, जिससे उनका छिलका सिकुड़कर लकड़ी की तरह कठोर हो जाता है और लोग इन्हें बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं।
सीधे फ्रिज में सहजन रखने से क्यों खराब होती है फली
बाजार से खरीदी गई सहजन की फलियों को खुले तौर पर फ्रिज में रख देना एक आम लेकिन नुकसानदायक आदत है। रेफ्रिजरेटर के भीतर मौजूद ठंडी और सूखी हवा सब्जियों के अंदर मौजूद प्राकृतिक नमी को तेजी से सोख लेती है। सहजन की फली में जल तत्व अधिक होता है, इसलिए नमी खत्म होते ही इसकी बाहरी त्वचा कठोर, सूखी और सिकुड़ी हुई दिखाई देने लगती है। अगर आपको सहजन का इस्तेमाल एक या दो दिनों के भीतर ही करना है, तो इसे किसी ठंडी, साफ और हवादार जगह पर बाहर रखना ही बेहतर विकल्प होता है। लेकिन जब फलियों को हफ्ते या दो हफ्ते तक इस्तेमाल के लिए बचाकर रखना हो, तो पारंपरिक तरीकों को छोड़कर विशेष स्टोरेज तकनीक अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।
स्टोरेज से पहले फलियों की सही छंटाई और कटाई
सहजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की प्रक्रिया बाजार से लाने के तुरंत बाद ही शुरू हो जाती है। सबसे पहले सभी फलियों को ध्यानपूर्वक देखें और यदि कोई फली अत्यधिक नरम, काली पड़ी हुई या पहले से खराब लग रही हो, तो उसे तुरंत अलग कर दें। एक खराब फली बाकी सभी फलियों को सड़ा सकती है। इसके बाद एक साफ चाकू की मदद से फलियों के दोनों ऊपरी व निचले सिरों को काटकर अलग कर दें। अब अपनी सुविधानुसार फलियों के 2 से 3 इंच लंबे टुकड़े कर लें। छोटे टुकड़ों में काटने से बाद में सांभर या सब्जी तैयार करते समय इन्हें सीधे पकाने में आसानी रहती है। हालांकि, यदि आप किसी खास पारंपरिक रेसिपी के लिए पूरी फली का उपयोग करना चाहते हैं, तो उसे काटना अनिवार्य नहीं है।
पानी से धोने की भूल न करें
अक्सर लोग सब्जियों को स्टोर करने से पहले उन्हें पानी से धोकर गीला ही रख देते हैं, जो सहजन के मामले में सबसे बड़ी भूल साबित होती है। अत्यधिक नमी के संपर्क में आने से फलियों में बैक्टीरिया और फफूंद पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि फलियों पर मिट्टी लगी हो और उन्हें धोना बहुत आवश्यक हो, तो धोने के पश्चात किसी साफ कपड़े से पोंछकर उन्हें पूरी तरह सुखा लें। जब तक फलियों की सतह से पानी की एक-एक बूंद सूख न जाए, तब तक उन्हें स्टोरेज कंटेनर में बंद न करें।
एयरटाइट कंटेनर और टिश्यू पेपर का जादुई हैक
सहजन को 10 से 15 दिनों तक तरोताजा रखने के लिए टिश्यू पेपर और एयरटाइट डिब्बे का हैक सबसे कारगर माना जाता है। इसके लिए एक साफ और पूरी तरह सूखा कांच या अच्छी गुणवत्ता वाले प्लास्टिक का एयरटाइट डिब्बा लें। डिब्बे के भीतर नमी का नामोनिशान नहीं होना चाहिए। सबसे पहले कंटेनर की निचली सतह पर एक साफ टिश्यू पेपर या किचन टॉवल बिछाएं। इसके बाद इसके ऊपर कटे हुए सहजन के टुकड़ों को व्यवस्थित तरीके से रखें। फलियों के ऊपर एक और टिश्यू पेपर की परत ढंक दें। यह टिश्यू पेपर फ्रिज के अंदर बनने वाली अतिरिक्त नमी और कंडेनसेशन को सोखने का काम करता है। इसके बाद डिब्बे का ढक्कन मजबूती से बंद करें और इसे फ्रिज के उस हिस्से में रखें जहां बार-बार दरवाजा खुलने से तापमान में अत्यधिक बदलाव न होता हो।
नमी पर नजर रखना और सड़न से बचाव
फ्रिज में रखी सब्जियों वाले डिब्बे के अंदर अक्सर हल्की भाप या पानी की बूंदें जम जाती हैं। यदि यह नमी सहजन के संपर्क में लगातार बनी रहे, तो फलियां गलने लगती हैं। नीचे और ऊपर बिछाया गया टिश्यू पेपर इसी अतिरिक्त पानी को सोखकर फलियों को सुरक्षित रखता है। हर 3 या 4 दिनों के बाद डिब्बे को खोलकर जांचें। अगर टिश्यू पेपर गीला दिखाई दे, तो उसे निकालकर नया सूखा टिश्यू पेपर लगा दें। इसके अलावा यदि कोई टुकड़ा खराब या सड़ा हुआ दिखे, तो उसे तुरंत निकालकर बाहर फेंक दें ताकि अन्य फलियां प्रभावित न हों।
कितने दिनों तक ताजी रहेगी सहजन और क्या हैं सावधानियां
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे इस स्टोरेज हैक के अनुसार, सही तरीके से रखी गई मोरिंगा की फलियां 10 से 15 दिनों तक बिल्कुल ताजी बनी रह सकती हैं। हालांकि, यह समय सीमा इस बात पर भी निर्भर करती है कि खरीदारी के समय फलियां कितनी ताजी थीं और आपके फ्रिज का तापमान कितना स्थिर रहता है। इसलिए केवल दिनों की गिनती पर निर्भर रहने के बजाय पकाने से पहले फलियों की गुणवत्ता जरूर जांचें। यदि सहजन से किसी प्रकार की दुर्गंध आ रही हो, उसमें चिपचिपापन महसूस हो, फफूंद लगी हो या रंग अजीब सा बदल गया हो, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें। यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो एक बार में ज्यादा सब्जी खरीद लेते हैं और बार-बार बाजार जाने के झंझट से बचना चाहते हैं।



















