भोजन की थाली में अगर चटपटा सिरका शामिल हो, तो साधारण खाने का जायका भी कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से प्याज, तीखी हरी मिर्च और मसालों के मेल से तैयार किया गया सिरका हर निवाले को खास बना देता है। बाजार में मिलने वाले सिरके को खरीदने के बजाय इसे घर की रसोई में बहुत ही कम समय और बेहद आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है। घर पर इसे बनाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें व्यक्ति अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से पसंदीदा सब्जियां, फल और मसाले शामिल कर सकता है।
मसालेदार सिरका बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
गृहिणी मीरा तिवारी ने बताया कि इस स्वादिष्ट मसालेदार सिरके को बनाने के लिए बुनियादी तौर पर सिरका और थोड़ा तेल आवश्यक होता है। खड़े मसालों में साबुत लाल मिर्च और साबुत धनिया का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए लहसुन की कलियां ली जाती हैं। सब्जियों और फलों के मिश्रण में कच्चे आम, कटहल, पपीता और गाजर की जरूरत पड़ती है। बनाने वाले अपनी व्यक्तिगत पसंद या उपलब्धता के अनुसार इन सामग्रियों की मात्रा को घटा या बढ़ा भी सकते हैं।
कदम-दर-कदम तैयार करने की सरल विधि
मीरा तिवारी के अनुसार, इसे बनाने की प्रक्रिया बेहद सीधी और आसान है। सबसे पहले एक साफ कढ़ाई में थोड़ा सा तेल डालकर गर्म कर लें। तेल के गर्म होते ही उसमें साबुत लाल मिर्च और साबुत धनिया डालें और उन्हें अच्छी तरह भून लें। जब मसालों से सुगंध आने लगे, तब कढ़ाई में सिरका डालें और इसे कुछ देर तक गर्म करें। इसके बाद आंच बंद कर दें और सिरके के मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
जब सिरका पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसमें पहले से कटे हुए आम, कटहल, पपीता और गाजर के छोटे-छोटे टुकड़े मिला दें। इसके साथ ही भुनी हुई साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया और छिली हुई लहसुन की कलियां भी सिरके में डाल दें। सभी चीजों को एक साथ मिलाने के बाद इस पूरे मिश्रण को एक साफ, सूखे और एयरटाइट ढक्कन वाले डिब्बे में सुरक्षित भरकर रख दें।
थाली का जायका बढ़ाने के तरीके और रख-रखाव
मीरा तिवारी का कहना है कि यह मसालेदार सिरका प्याज और हरी मिर्च के साथ परोसने पर बेहद लाजवाब लगता है। परोसते समय अपनी पसंद के अनुसार इसमें थोड़ा नमक भी मिलाया जा सकता है। यह चटपटा सिरका दाल-चावल, साधारण रोटी, कुरकुरे पराठे और तली हुई पूरी के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है। घर पर तैयार करने के कारण सामग्री की शुद्धता बनी रहती है। इसे तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और इसे रखने के लिए हमेशा सूखे और साफ बर्तनों का ही चुनाव करना चाहिए, ताकि सिरका लंबे समय तक खराब न हो और सुरक्षित बना रहे।



















