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करवा चौथ पर पत्नी को दें सोने-चांदी जैसी दिखने वाली ये खूबसूरत ज्वेलरी, शुरुआती कीमत सिर्फ 300 रुपयेजीवनशैली
25 अक्तू॰ 2026, 9:13 am (4 दिन पहले)· 2

करवा चौथ पर पत्नी को दें सोने-चांदी जैसी दिखने वाली ये खूबसूरत ज्वेलरी, शुरुआती कीमत सिर्फ 300 रुपये

करवा चौथ के पावन अवसर पर यदि आप अपनी पत्नी को कुछ खास और किफायती भेंट देना चाहते हैं, तो दिल्ली के छतरपुर स्थित नेचर बाजार में ओडिशा के कारीगर प्रदीप साहू द्वारा लाई गई हस्तनिर्मित आभूषणों की विशेष रेंज उपलब्ध है। पीतल, तांबे और जर्मन सिल्वर से बने ये गहने देखने में पूरी तरह सोने-चांदी जैसे प्रतीत होते हैं और इनकी शुरुआती कीमत मात्र 300 रुपये है।

पति और पत्नी के अटूट प्रेम के पर्व करवा चौथ की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास दिन पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में पतियों का भी यह दायित्व बनता है कि वे शाम को चांद दिखने के बाद अपनी जीवनसंगिनी को ऐसा उपहार दें, जिसे पाकर वे दिनभर की थकान भूल जाएं और उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ जाए। यदि आप भी इस करवा चौथ पर अपनी पत्नी के लिए किसी अनूठे और आकर्षक उपहार की तलाश में हैं, तो आपके लिए दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित नेचर बाजार जाना एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यहां ओडिशा के प्रसिद्ध कारीगर प्रदीप साहू विशेष रूप से हाथों से बने हुए खूबसूरत आभूषण लेकर आए हैं जो हर किसी का मन मोह रहे हैं।

वर्तमान समय में सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके कारण आम आदमी की जेब पर काफी भारी असर पड़ रहा है। कीमती धातुओं के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि उन्हें खरीद पाना अब हर किसी के बजट में नहीं रह गया है। इस आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, यदि आप सोने और चांदी से भी अधिक आकर्षक और सुंदर दिखने वाली ज्वेलरी अपनी अर्धांगिनी को भेंट करना चाहते हैं, तो यह हस्तनिर्मित विकल्प आपके लिए एकदम उपयुक्त है। इन आभूषणों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पहली नजर में बिल्कुल असली सोने जैसे चमकते हैं। इनकी चमक और फिनिशिंग इतनी बेहतरीन है कि इन्हें देखकर कोई भी आसानी से धोखा खा सकता है और यह पहचान नहीं पाता कि ये गहने असली सोने के हैं या कृत्रिम। यही वजह है कि पूरे देश में इस तरह के आभूषणों की मांग लगातार बनी हुई है, और जब से सोने-चांदी के दाम बढ़े हैं, तब से इनकी बिक्री में लगभग चार गुना का इजाफा दर्ज किया गया है।

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पीतल, तांबे और जर्मन सिल्वर से तैयार होते हैं शानदार आभूषण

कारीगर प्रदीप साहू ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास गले में पहनने वाले खूबसूरत हार से लेकर कानों के आकर्षक झुमके, हाथों के ब्रेसलेट और पैरों की पायल तक की विशाल रेंज उपलब्ध है। इन सभी आभूषणों को रंग-बिरंगे और मजबूत धागों के साथ बेहद करीने से पिरोया जाता है। मुख्य तौर पर इन गहनों को बनाने के लिए पीतल और तांबे का इस्तेमाल किया जाता है। कारीगर इन धातुओं को हथौड़ों से पीट-पीटकर एक नया आकार और मजबूती देते हैं, जिससे इनकी चमक और भी अधिक बढ़ जाती है। धातु को इस प्रकार तराशा जाता है कि वह हूबहू असली सोने का भ्रम पैदा करती है। लोग इन आभूषणों को खरीदने में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि इनकी कीमत कम और खूबसूरती उच्च स्तर की होती है।

ओडिशा के रहने वाले प्रदीप साहू पिछले 35 वर्षों से इसी पारंपरिक कला और व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उनके साथ काम करने वाले कारीगरों का एक बड़ा समूह है जिसमें वर्तमान में 25 महिलाएं और 10 पुरुष पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। पीतल और तांबे के अलावा इन आभूषणों को तैयार करने में जर्मन सिल्वर का भी प्रमुखता से प्रयोग किया जाता है। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां सिंगल लाइन से लेकर डबल और ट्रिपल लाइन तक के डिजाइनर आभूषणों की श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है, जो हर उम्र की महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।

शानदार कारोबार और किफायती दाम

प्रदीप साहू ने अपने व्यापार के सफर के बारे में साझा करते हुए बताया कि पिछले साल उनका कुल कारोबार 35 लाख रुपये का रहा था, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि बाजार में इस ज्वेलरी की कितनी भारी डिमांड है। मांग अधिक होने के कारण उनके साथ काम करने वाले कुशल कारीगरों की संख्या भी अच्छी खासी है। इन कारीगरों की आय का जरिया भी काफी बेहतर है और एक कारीगर अपनी मेहनत के बल पर एक दिन में 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक आसानी से कमा लेता है। यह उनकी दैनिक कमाई होती है क्योंकि इन आभूषणों की आपूर्ति केवल ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने में इनकी सप्लाई की जाती है।

इन खूबसूरत और टिकाऊ आभूषणों की कीमत बेहद किफायती रखी गई है, जो मात्र 300 रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक जाती है। यदि आप भी इस करवा चौथ पर अपनी पत्नी को यह अनमोल तोहफा देना चाहते हैं, तो आप नेचर बाजार में जाकर खरीदारी कर सकते हैं। वर्तमान में वे वहां सी-7 नारायणी हैंडीक्राफ्ट के नाम से अपना स्टॉल लगाए हुए हैं। आपके पास 3 नवंबर तक का समय है, इस निर्धारित तिथि तक आप कभी भी वहां जाकर अपनी पसंद के गहने खरीद सकते हैं और इस करवा चौथ को अपनी जीवनसंगिनी के लिए और अधिक यादगार बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

करवा चौथ पर मिलने वाली यह ज्वेलरी कहां मिल रही है?
यह ज्वेलरी दिल्ली के छतरपुर स्थित नेचर बाजार में सी-7 नारायणी हैंडीक्राफ्ट के स्टॉल पर उपलब्ध है।
इस ज्वेलरी की शुरुआती कीमत कितनी है?
इन आभूषणों की शुरुआती कीमत मात्र 300 रुपये है और यह एक हजार रुपये तक जाती है।
खरीदारी करने की अंतिम तिथि क्या है?
ग्राहक 3 नवंबर तक नेचर बाजार जाकर इन आभूषणों की खरीदारी कर सकते हैं।
यह ज्वेलरी किन धातुओं से बनाई जाती है?
इसे मुख्य रूप से पीतल, तांबे और जर्मन सिल्वर का उपयोग करके हाथों से तैयार किया जाता है।
इस ज्वेलरी को तैयार करने वाले कारीगर कहां से हैं?
इन आभूषणों को तैयार करने वाले कारीगर ओडिशा से ताल्लुक रखते हैं और प्रदीप साहू के नेतृत्व में काम करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·3 दिन पहले

दिल्ली के छतरपुर वाले नेचर बाजार में ओडिशा के इन कारीगरों के हाथ के बने गहने वाकई बहुत सुंदर हैं। पिछले साल जब मैं वहाँ गई थी, तो पीतल और जर्मन सिल्वर की चमक देखकर मैं भी धोखा खा गई थी कि ये असली सोना-चांदी है या नहीं। बजट में रहकर किसी को तोहफा देने के लिए इससे बढ़िया कुछ नहीं हो सकता।

Meera Joshi@meera-joshi·3 दिन पहले

सोने जैसे दिखने वाले इतने सुंदर गहने बजट में मिल जाना सचमुच राहत की बात है। क्या ये पीतल और तांबे के गहने पसीने या पानी लगने पर अपनी चमक खो देते हैं?

Neha Verma@neha-verma·3 दिन पहले

मीरा जी, बिल्कुल सही कहा आपने! वैसे जर्मन सिल्वर और पीतल की चमक अच्छी रहती है अगर इन्हें परफ़्यूम और पानी से बचाकर रखें।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·3 दिन पहले

छतरपुर के नेचर बाजार में मिलने वाले ये पीतल और जर्मन सिल्वर के गहने देखने में तो सच में सोने जैसे सुंदर लग रहे हैं और जेब पर भी भारी नहीं पड़ते। पर क्या ये पसीने या पानी लगने से काले पड़ जाते हैं या इनकी चमक ऐसे ही बनी रहती है?

Nyra Kaif@nyra-kaif·3 दिन पहले

पूजा जी, आपकी बात बिल्कुल सही है! वैसे क्या ये गहने लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी ऐसे ही चमकते रहते हैं या पॉलिश उतर जाती है?

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