घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भारतीय घरों में सदियों से त्वचा की खूबसूरती निखारने के लिए किया जाता रहा है। आजकल बाजार के महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट और केमिकल वाले उत्पादों के विकल्प के रूप में पारंपरिक सामग्रियों का चलन फिर बढ़ रहा है। किचन में आसानी से मिलने वाली चीजों जैसे मुल्तानी मिट्टी, दही, दूध, गुलाब जल और हल्दी को मिलाकर एक खास जमा हुआ टुकड़ा तैयार किया जा सकता है, जिसे स्किन बिस्किट कहा जाता है। यह अनूठा उपाय त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ-साथ उसे ठंडक और जरूरी नमी प्रदान करने में मददगार साबित होता है।
स्किन बिस्किट तैयार करने की आसान विधि
इस प्राकृतिक नुस्खे को घर पर बनाना बेहद सरल है। इसके लिए एक कटोरी में आवश्यकतानुसार मुल्तानी मिट्टी का बारीक पाउडर लें। इसमें थोड़ा सा ताजा दूध या दही मिलाएं ताकि एक अच्छा गाढ़ा घोल बन सके। इसके बाद मिश्रण में गुलाब जल की कुछ बूंदें, एक विटामिन ई कैप्सूल का तेल और लगभग एक चौथाई चम्मच पिसी हुई हल्दी डालें। यदि उपलब्ध हो तो इसमें शहद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
सभी सामग्रियों को अच्छी तरह फेंटकर एक चिकना और गाढ़ा पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को किसी छोटे मोल्ड या आइस ट्रे के खानों में भर दें। इसके बाद इसे 8 से 9 घंटे के लिए फ्रीजर में जमने के लिए रख दें। जब यह अच्छी तरह जमकर ठोस बिस्किट का रूप ले ले, तब इसे बाहर निकालें। इस्तेमाल से पहले चेहरे को सामान्य पानी से गीला करें और इस जमे हुए बिस्किट से लगभग 5 मिनट तक चेहरे पर हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें। मालिश पूरी होने के बाद चेहरे को ताजे साफ पानी से धो लें।
गहराई से सफाई और मृत त्वचा से छुटकारा
दिनभर की भागदौड़, प्रदूषण और धूल-कणों की वजह से चेहरे के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे त्वचा बेजान नजर आने लगती है। इस बिस्किट में मौजूद मुल्तानी मिट्टी एक बेहतरीन कुदरती एक्सफोलिएटर मानी जाती है। जब जमे हुए टुकड़े से चेहरे पर हल्की मसाज की जाती है, तो यह त्वचा की ऊपरी मृत परतों को धीरे-धीरे हटा देती है। इसके प्रभाव से बंद रोमछिद्र पूरी तरह खुल जाते हैं, अंदर जमी अशुद्धियां बाहर निकलती हैं और त्वचा खुलकर सांस ले पाती है।
नमी का संतुलन और रूखेपन से बचाव
आमतौर पर चेहरे पर स्क्रब या मिट्टी का लेप लगाने के बाद त्वचा में खिंचाव और सूखापन महसूस होने लगता है। लेकिन इस खास फार्मूले में नमी बनाए रखने वाले तत्वों का खास ख्याल रखा गया है। इसमें मिलाया गया दूध या दही त्वचा की भीतरी परतों को मुलायम रखता है। वहीं विटामिन ई कैप्सूल का पोषक तत्व त्वचा की नमी को बाहर निकलने से रोकता है और उसे लॉक कर देता है। इसके अलावा फ्रीजर से निकलने के कारण यह त्वचा को तुरंत ठंडक पहुंचाता है, जिससे रूखापन पूरी तरह दूर होकर चेहरा दिनभर कोमल और चमकदार दिखता है।
दाग-धब्बों और मुहांसों पर असरदार वार
चेहरे की असमान रंगत, झाइयों और पुराने निशानों को हल्का करने में हल्दी और विटामिन ई का संयोजन बेहद प्रभावशाली है। हल्दी में मौजूद प्राकृतिक जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुण मुहांसों को जन्म देने वाले बैक्टीरिया का खात्मा करते हैं। दूसरी ओर विटामिन ई कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से रक्षा करता है और डैमेज टिशूज को तेजी से ठीक करने में मदद करता है। लगातार कुछ हफ्तों तक इसका प्रयोग करने से चेहरे के पुराने दाग-धब्बे फीके पड़ने लगते हैं और त्वचा एकसमान नजर आती है।
बर्फ की ठंडक से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ
इस घरेलू उपाय का सबसे बड़ा आकर्षण इसका जमा हुआ रूप है, जो चेहरे को कोल्ड थेरेपी का दोहरा फायदा देता है। देहरादून निवासी डॉक्टर सिराज सिद्दीकी ने बताया, "आइस थेरेपी से स्किन को डबल बेनिफिट मिलता है।" ठंडे बिस्किट से चेहरे की सिंकाई होने पर रक्त संचार की गति में अचानक सुधार होता है। इससे सुबह के समय आंखों के नीचे रहने वाली सूजन, पफिनेस और डार्क सर्कल्स तेजी से कम होने लगते हैं। साथ ही बर्फ की ठंडक त्वचा के ढीले पड़े बड़े रोमछिद्रों को सिकोड़कर चेहरे पर कसाव लाती है, जिससे त्वचा तरोताजा और चमकदार दिखती है।
सभी प्रकार की त्वचा के लिए रसायन-मुक्त सुरक्षा
बाजार में बिकने वाले अधिकांश फेशियल उत्पादों में कृत्रिम परिरक्षक, सल्फेट और खुशबू वाले केमिकल मिले होते हैं, जो कई बार एलर्जी या जलन का कारण बन जाते हैं। इसके उलट यह घरेलू नुस्खा सौ प्रतिशत प्राकृतिक और रसायनों से रहित है। यह तैलीय, शुष्क, सामान्य और संवेदनशील हर प्रकार की त्वचा के अनुकूल बैठता है। जहां मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल के स्राव को नियंत्रित करती है, वहीं दही और दूध रूखी त्वचा को भरपूर पोषण देते हैं। सप्ताह में 2 से 3 बार इसका नियमित इस्तेमाल बिना किसी साइड इफेक्ट के पार्लर जैसा प्राकृतिक निखार प्रदान कर सकता है।



















