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मानसून खत्म होते ही गुलाब के पौधों की ऐसे करें देखभाल, बड़े फूलों और नई कलियों से भर जाएगा बगीचाजीवनशैली
20 सित॰ 2026, 12:30 am (32 मिनट पहले)· 1

मानसून खत्म होते ही गुलाब के पौधों की ऐसे करें देखभाल, बड़े फूलों और नई कलियों से भर जाएगा बगीचा

बरसात के तुरंत बाद गुलाब के पौधों में फंगस का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सही समय पर सफाई, हल्की छंटाई और जैविक खाद देकर आप पौधों को भरपूर फूलों के लिए तैयार कर सकते हैं।

बरसात का दौर खत्म होते ही बगीचे में लगे गुलाब के पौधों को विशेष सार-संभाल की आवश्यकता होती है। मौसम में बदलाव के इस नाजुक दौर में अगर पौधों पर ध्यान न दिया जाए, तो नमी और उमस की वजह से उनमें फंगल इन्फेक्शन तथा कई तरह के रोग बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। चाहे कोई अपने घर की बालकनी या छत पर गमलों में गुलाब उगाने का शौकीन हो अथवा खेतों में व्यावसायिक स्तर पर इसकी खेती करता हो, मानसून की विदाई के फौरन बाद उठाए गए कुछ जरूरी कदम आने वाले दिनों में पौधों को बड़े, चमकदार और स्वस्थ फूलों से लदकद कर देते हैं। इस समय गिरी हुई सड़ी पत्तियों को चुनकर अलग करना, टहनियों की सीमित छंटाई करना और सही पोषक तत्वों से भरपूर खाद डालना सबसे निर्णायक साबित होता है।

सड़ी पत्तियों की सफाई और टहनियों की हल्की छंटाई

प्रगतिशील युवा किसान रनजोद सिंह के अनुसार, बारिश का मौसम बीतने के बाद गुलाब के पौधे सबसे ज्यादा संवेदनशील स्थिति में पहुंच जाते हैं। जमीन में अतिरिक्त नमी और वातावरण में मौजूद उमस के चलते फफूंद का संक्रमण बहुत तेजी से अपनी जड़ें जमाता है। ऐसे में किसान भाइयों और गार्डनिंग करने वालों को सबसे पहले गमले या खेत की सतह पर जमा सड़ी-गली और पीली पत्तियों को पूरी तरह साफ कर देना चाहिए। जमीन पर गिरी यह पत्तियां फंगल इन्फेक्शन और अन्य बीमारियों का सबसे प्रमुख केंद्र बनती हैं। इसके साथ ही पौधे पर नजर आ रही सूखी, काली पड़ चुकी या रोगग्रस्त टहनियों की हल्की प्रूनिंग करनी चाहिए। यहां यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि इस समय गहरी छंटाई बिल्कुल न की जाए। हल्की कटाई से शाखाओं में नई और ताकतवर शाखाएं फूटती हैं, जबकि आसपास साफ-सफाई रहने से पूरे पौधे तक पर्याप्त धूप और ताजी हवा पहुंचती है, जिससे पौधा अंदरूनी रूप से मजबूत बना रहता है।

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मिट्टी की गुड़ाई और संतुलित जैविक खाद का प्रयोग

सफाई के बाद गमले अथवा क्यारियों की ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करना बेहद असरदार रहता है। गुड़ाई करने से मिट्टी का सख्त घेरा टूटता है और जड़ों तक ऑक्सीजन का प्रवाह सुचारू रूप से होने लगता है, जिससे फंगस का प्रकोप भी काफी हद तक घट जाता है। गुड़ाई पूरी होने के उपरांत प्रत्येक पौधे की जड़ों के पास अच्छी तरह सड़ी हुई पुरानी गोबर की खाद अथवा केंचुआ खाद यानी वर्मीकंपोस्ट मिलाना चाहिए। जैविक खाद से मिट्टी को जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जिससे नए कल्ले और शाखाएं तेजी से विकसित होने लगती हैं। जड़ों को जब उपयुक्त पोषण मिलता है, तो आने वाले समय में तैयार होने वाली कलियां आकार में बड़ी, अधिक चमकदार और लंबे समय तक तरोताजा रहने वाली बनती हैं।

नीम तेल का स्प्रे और कीटों से सुरक्षा के नियम

बरसात के ठीक बाद के हफ्तों में गुलाब पर फफूंद जनित रोगों और बारीक कीटों का हमला सबसे भयानक होता है। इनसे बचाव सुनिश्चित करने के लिए प्रति सप्ताह एक बार नीम के तेल को पानी में अच्छी तरह घोलकर पूरे पौधे पर छिड़कना चाहिए। यदि पत्तों या तनों पर फंगस का प्रभाव ज्यादा गहरा दिखाई दे, तो किसी उपयुक्त फंगीसाइड का छिड़काव किया जा सकता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार का छिड़काव शाम के समय ही किया जाए, क्योंकि ढलती धूप में यह उपाय सबसे ज्यादा प्रभावी साबित होता है। नियमित निगरानी रखने से किसी भी बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही पकड़ा और रोका जा सकता है, जिससे पौधे में खिलने वाले फूल पूरी तरह सेहतमंद रहते हैं।

व्यावसायिक खेती और घरेलू बागवानी में अधिक लाभ

गुलाब की व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों के लिए बरसात बाद की यह नियमित देखभाल उनकी पैदावार और आमदनी को बढ़ाने का मुख्य आधार बनती है। सही शेड्यूल के तहत खाद और पानी का प्रबंधन करने से फूलों का आकार, रंग और टिकाऊपन सुधरता है, जिससे बाजार और मंडियों में उनकी बिक्री पर बेहतर भाव मिलता है। वहीं दूसरी ओर, घरों में बागवानी करने वाले लोगों के लिए यह आसान उपाय उनके गमलों को हरी-भरी पत्तियों और मनमोहक रंग-बिरंगे फूलों से महकाए रखेंगे। इस मौसम में की गई थोड़ी सी सजग मेहनत पूरे सीजन आपके बगीचे और खेत को महकता हुआ बनाए रखती है।

सवाल-जवाब

बरसात के तुरंत बाद गुलाब के पौधों में सबसे पहला काम क्या करना चाहिए?
सबसे पहले गमले या खेत की जमीन से गिरी हुई सड़ी-गली पत्तियों को चुनकर पूरी तरह बाहर फेंक देना चाहिए ताकि फंगस न फैले।
क्या मानसून खत्म होते ही गुलाब की भारी छंटाई करनी चाहिए?
नहीं, इस समय केवल सूखी, काली और रोगग्रस्त टहनियों की हल्की छंटाई करनी चाहिए, गहरी छंटाई से बचना जरूरी है।
गुलाब के पौधों के लिए कौन सी खाद सबसे उपयुक्त मानी जाती है?
गुड़ाई के बाद अच्छी तरह सड़ी हुई पुरानी गोबर की खाद या केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्ट) डालना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है।
फंगस और कीटों से गुलाब को बचाने के लिए किसका छिड़काव करें?
हफ्ते में एक बार शाम के समय पानी में नीम का तेल मिलाकर छिड़कें, और जरूरत पड़ने पर किसी अच्छे फंगीसाइड का इस्तेमाल करें।
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टिप्पणियाँ 2

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·13 मिनट पहले

यह लेख मौसमी बदलाव के दौरान पौधों के स्वास्थ्य को बनाए रखने का एक उपयोगी तरीका प्रस्तुत करता है। कृषि और बागवानी में संक्रमण का खतरा सिर्फ बाहरी नहीं होता, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फंगस और नमी से उत्पन्न सूक्ष्मजीव आसपास के वातावरण में एलर्जी और श्वसन संबंधी परेशानियां बढ़ा सकते हैं। पौधों की सफाई और नीम के तेल जैसे प्राकृतिक उपचारों का प्रयोग न केवल वानस्पतिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि घरेलू पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए भी आवश्यक है।

Nyra Kaif@nyra-kaif·12 मिनट पहले

मानसून के बाद गुलाब की सही देखभाल सिर्फ बागवानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे अर्बन लाइफस्टाइल और मानसिक सुकून से भी सीधा जुड़ा है। आजकल बालकनी गार्डनिंग लोगों के लिए एक बेहतरीन सेल्फ-केयर और स्ट्रेस-रिलीवर बन गई है। जब पौधे स्वस्थ रहते हैं और उन पर खिले हुए बड़े-बड़े फूल नजर आते हैं, तो घर का पूरा माहौल पॉजिटिव हो जाता है। यह छोटी सी रुटीन प्रकृति के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन ज़रिया है।

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