बरसात के दिनों में अक्सर घरों के भीतर कई तरह के कीड़े-मकोड़े अपना बसेरा बना लेते हैं, जिनमें कनखजूरा सबसे आम और डरावना जीव माना जाता है। यह जीव मुख्य रूप से अंधेरे, ठंडक और सीलन भरे कोनों की तरफ खिंचा चला आता है। घर के जिस भी हिस्से में पानी जमा रहता है, पौधों के इर्द-गिर्द की गीली मिट्टी या फिर खुले नाले और पाइपलाइन इसके पनपने के सबसे मुफीद ठिकाने बन जाते हैं। अगर आपके आवास या आसपास के कमरों में कनखजूरों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है, तो कुछ आसान और व्यावहारिक तौर-तरीकों को अमल में लाकर इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
सीलन और नमी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी
कनखजूरा पूरी तरह से नमी वाले वातावरण पर निर्भर रहता है और सूखी जगहों पर उसका जीवित रहना मुश्किल होता है। इसलिए घर के उन सभी हिस्सों की लगातार निगरानी करें जहां पानी रुकने की संभावना होती है। उदाहरण के लिए आलू या अन्य सब्जियां रखने के स्टोरेज एरिया में धुलाई के बाद पानी न ठहरने दें। कमरों और बाथरूम में हवा का बेहतर बहाव बनाए रखने के लिए खिड़कियां खुली रखें और एग्जॉस्ट फैन का नियमित इस्तेमाल करें। जब घर के भीतर का वातावरण सूखा और हवादार रहेगा, तो कनखजूरों के छिपने और अंडे देने की संभावनाएं खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएंगी।
नालियों की सुरक्षा और नियमित सफाई
घर के भीतर कनखजूरों का सबसे प्रमुख प्रवेश द्वार बाथरूम और रसोई की नालियां होती हैं। इन पाइपों के जरिए वे आसानी से रेंगते हुए कमरों के अंदर दाखिल हो जाते हैं। इससे बचने के लिए सभी खुली नालियों पर सटीक नाप के ढक्कन या बारीक लोहे व प्लास्टिक की जालियां लगानी चाहिए। इसके अतिरिक्त नालियों के भीतर जैविक कचरा, बाल और गंदगी को जमा न होने दें। पाइपों की समय-समय पर गहरी सफाई करते रहने से न केवल बदबू दूर होती है बल्कि कीटों को पनपने का आधार भी नहीं मिलता।
दीवारों और पाइपों के आसपास की दरारों को भरें
घर की पुरानी दीवारों, फर्श की टाइलों के जोड़ या फिर प्लंबिंग पाइप के प्रवेश स्थानों पर अक्सर बारीक छेद और दरारें रह जाती हैं। कनखजूरों का चपटा शरीर इन संकरे छेदों में छिपने और वहां से घर के अंदर आने के लिए बहुत मुफीद होता है। ऐसे सभी संभावित रास्तों का बारीकी से मुआयना करें और अच्छी गुणवत्ता वाले सीलेंट या ग्राउट मिश्रण से उन्हें पूरी तरह बंद कर दें। खासतौर पर उन जोड़ों की जांच जरूरी है जहां से पानी के मुख्य पाइप दीवार को भेदकर घर के भीतर आते हैं।
बेकार पड़े कबाड़ और गीली वस्तुओं को तुरंत हटाएं
मकान के कोने में पड़ा अनुपयोगी सामान, मलबे के ढेर, नारियल के सूखे-गीले छिलके या पुरानी लकड़ी के तख्ते कीड़े-मकोड़ों की सबसे पसंदीदा शरणगाह होते हैं। किसी भी स्टोरेज क्षेत्र में फालतू वस्तुओं का ढेर न लगने दें। अगर कोई भी वस्तु सीलन सोख चुकी है, तो उसे तत्काल बाहर निकालकर धूप में सुखाएं या घर से हटा दें। जब छिपने के ये प्राकृतिक ठिकाने ही नहीं बचेंगे, तो कीटों की संख्या में अपने आप भारी गिरावट दर्ज होगी।
नीम के पत्तों के पानी से नियमित पोछा लगाएं
प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर नीम के पत्ते कीटों को दूर रखने में बेहद कारगर माने जाते हैं। ताजी नीम की पत्तियों को पानी में अच्छी तरह भिगोकर या उबालकर एक तरल घोल तैयार कर लें। इस पानी का इस्तेमाल फर्श पर पोछा लगाने और कोनों की धुलाई के लिए करें। हालांकि केवल यह उपाय कनखजूरों को एक झटके में पूरी तरह नष्ट नहीं कर सकता, लेकिन घर की बुनियादी स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम और नियमित देखरेख के साथ मिलकर यह एक असरदार ढाल की तरह काम करता है।

















